सेबी ने फोर्स मोटर्स से वित्तीय रिपोर्टिंग और शेयर गतिविधियों पर जानकारी मांगी
सारांश
Key Takeaways
- सेबी ने फोर्स मोटर्स से वित्तीय रिपोर्टिंग की जानकारी मांगी।
- कंपनी में कोई अनियमितता नहीं मिली।
- शेयरों में हाल ही में उतार-चढ़ाव आया।
- पिछले एक वर्ष में शेयर की कीमत में 193 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
- निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।
मुंबई, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय बाजार नियामक सेबी ने फोर्स मोटर्स लिमिटेड से पुराने वित्तीय परिणामों और फरवरी 2024 के दौरान कंपनी के शेयरों की गतिविधियों से संबंधित जानकारी मांगी है।
कंपनी ने एक नियामक फाइलिंग में बताया कि सेबी ने 4 फरवरी, 2026 को एक ईमेल भेजकर 30 सितंबर, 2024 को समाप्त हुई तिमाही और छमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय परिणामों की जानकारी मांगी है।
इन परिणामों की घोषणा मूलतः 29 अक्टूबर, 2024 को की गई थी। सेबी ने विशेष रूप से आय परिणामों की घोषणा से संबंधित घटनाओं की क्रोनोलॉजी की मांग की है।
नियामक ने कंपनी के इंसाइडर्स, प्रबंधकीय सूचना प्रणाली (एमआईएस), नामित व्यक्तियों और उसके संरचित डिजिटल डेटाबेस से जानकारी देने को कहा है।
पुणे स्थित इस ऑटोमोबाइल निर्माता ने कहा कि नियामक द्वारा उठाए गए मुद्दों के संबंध में उसे कोई अनियमितता या गैर-अनुपालन नहीं मिला है।
कंपनी ने यह भी बताया कि उसे इस पूछताछ के कारण अपने वित्तीय संचालन पर कोई खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।
डिस्क्लोजर के बाद कंपनी के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआत में शेयर दबाव में आए और सत्र के दौरान 6 प्रतिशत से अधिक गिर गए, लेकिन बाद में दिन में उनमें सुधार हुआ।
अंत में, फोर्स मोटर्स के शेयर 365 रुपए या 1.70 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 21,815 रुपए पर बंद हुए। हालाँकि, हाल के हफ्तों में शेयर में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
पिछले एक सप्ताह में फोर्स मोटर्स के शेयर 14.21 प्रतिशत गिरे, जबकि पिछले दो सप्ताहों में इनमें करीब 9 प्रतिशत की गिरावट आई।
हालांकि, मासिक आधार पर शेयर में 3.44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वर्ष की शुरुआत से अब तक शेयर में 4.85 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
पिछले तीन महीनों में शेयर में करीब 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले छह महीनों में इसमें 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
लंबी अवधि में शेयर ने निवेशकों को अच्छा मुनाफा दिया है। पिछले एक वर्ष में शेयरों की कीमत में 193 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले दो वर्षों में शेयर ने करीब 240 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
पिछले तीन वर्षों में शेयर की कीमत में करीब 1,640 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।