एसआईपी इनफ्लो जुलाई में ₹31,961 करोड़, लगातार चौथे माह ₹30,000 करोड़ से ऊपर
सारांश
मुख्य बातें
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में निवेशकों का भरोसा जुलाई 2025 में भी अटूट रहा — एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में एसआईपी इनफ्लो बढ़कर ₹31,961 करोड़ पर पहुँच गया, जबकि जून में यह ₹31,781 करोड़ था। यह लगातार चौथा महीना है जब एसआईपी इनफ्लो ₹30,000 करोड़ की सीमा से ऊपर बना रहा।
एसआईपी इनफ्लो का क्रमिक विवरण
एम्फी के मासिक आंकड़े दर्शाते हैं कि एसआईपी प्रवाह में स्थिरता का एक मज़बूत रुझान बना हुआ है। मार्च 2025 में एसआईपी इनफ्लो ₹32,087 करोड़ के ऑल-टाइम हाई पर था। इसके बाद अप्रैल में ₹31,115 करोड़, मई में ₹30,954 करोड़ और जून में ₹31,781 करोड़ रहा। जुलाई का ₹31,961 करोड़ का आंकड़ा इस निरंतरता को और पुख्ता करता है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाज़ारों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय खुदरा निवेशकों ने अपनी एसआईपी प्रतिबद्धताएँ बरकरार रखी हैं। गौरतलब है कि जुलाई में सभी फंड श्रेणियों में कुल फोलियो की संख्या बढ़कर 28.08 करोड़ हो गई, जो जून में 27.85 करोड़ थी।
इक्विटी फंड्स में 15% की गिरावट, स्मॉलकैप अग्रणी
एम्फी के डेटा के अनुसार, जुलाई में इक्विटी म्यूचुअल फंड का कुल इनफ्लो 15 प्रतिशत घटकर ₹24,697 करोड़ रह गया, जो जून में ₹28,973 करोड़ था। इक्विटी की 11 श्रेणियों में स्मॉलकैप फंड्स सबसे आगे रहे, जिनमें ₹7,767 करोड़ का निवेश आया।
मिडकैप म्यूचुअल फंड श्रेणी में ₹6,192 करोड़ के साथ दूसरा सबसे अधिक निवेश दर्ज हुआ। फ्लेक्सीकैप फंड में ₹4,709 करोड़, लार्ज एंड मिडकैप फंड में ₹3,425 करोड़ और मल्टीकैप फंड में ₹3,227 करोड़ का निवेश रहा।
ईटीएफ, गोल्ड और डेट फंड्स का प्रदर्शन
अन्य योजनाओं में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) को ₹9,512.05 करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ। गोल्ड ईटीएफ में ₹1,558.75 करोड़ और इंडेक्स फंड्स में ₹1,536.60 करोड़ का शुद्ध निवेश आया।
डेट-ओरिएंटेड स्कीम्स में लिक्विड फंड्स निवेशकों की सर्वाधिक पसंदीदा श्रेणी रही, जिनमें ₹1,19,065.85 करोड़ का शुद्ध निवेश दर्ज हुआ। ओवरनाइट फंड्स में ₹40,412.55 करोड़ और मनी मार्केट फंड्स में ₹21,180.23 करोड़ का निवेश आया — जो दर्शाता है कि संस्थागत और कॉर्पोरेट निवेशक अल्पकालिक विकल्पों में सक्रिय बने हुए हैं।
म्यूचुअल फंड उद्योग का कुल एयूएम ₹85.59 लाख करोड़
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) जुलाई में 4 प्रतिशत बढ़कर ₹85.59 लाख करोड़ हो गई, जो जून में ₹82.05 लाख करोड़ थी। यह वृद्धि बाज़ार की तेज़ी और नए निवेश दोनों का परिणाम है।
आने वाले महीनों में एसआईपी इनफ्लो का रुझान इस बात का संकेत देगा कि खुदरा निवेशकों का दीर्घकालिक बाज़ार में विश्वास कितना टिकाऊ है।