एसआईपी इनफ्लो जून में ₹31,781 करोड़ के तीन महीने के उच्चतम स्तर पर, गोल्ड ईटीएफ में ₹3,443 करोड़ का रिकॉर्ड निवेश
सारांश
मुख्य बातें
म्यूचुअल फंड सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में जून 2026 के दौरान ₹31,781 करोड़ का इनफ्लो दर्ज किया गया — जो पिछले तीन महीनों का सर्वोच्च स्तर है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आँकड़ों के अनुसार, यह आँकड़ा मासिक आधार पर 3 प्रतिशत और सालाना आधार पर 17 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है।
एसआईपी इनफ्लो: मासिक तुलना
मई 2026 में एसआईपी इनफ्लो ₹30,954 करोड़ रहा था, जबकि जून 2025 में यह आँकड़ा ₹27,269 करोड़ था। इस प्रकार एक वर्ष में एसआईपी निवेश में लगभग ₹4,500 करोड़ से अधिक की बढ़त हुई है, जो खुदरा निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाज़ारों में अनिश्चितता के बावजूद भारतीय निवेशकों ने अनुशासित निवेश जारी रखा।
गोल्ड ईटीएफ में बड़ी वापसी
एम्फी के आँकड़ों के अनुसार, जून में गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (गोल्ड ईटीएफ) में ₹3,443.23 करोड़ का निवेश आया। यह उल्लेखनीय इसलिए है क्योंकि मई में इसी श्रेणी में ₹725.04 करोड़ की निकासी देखी गई थी। सोने की कीमतों में वैश्विक उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की गोल्ड ईटीएफ में वापसी सुरक्षित निवेश की प्रवृत्ति को दर्शाती है। अन्य ईटीएफ में ₹13,237 करोड़ का निवेश आया, जबकि इंडेक्स फंड्स से ₹58 करोड़ की निकासी रही।
डेट फंड्स से निकासी जारी
डेट म्यूचुअल फंड्स से निकासी का सिलसिला जून में भी बना रहा। जून में आउटफ्लो ₹1.09 लाख करोड़ रहा, जो मई के ₹96,948 करोड़ से अधिक है। डेट फंड्स की 16 कैटेगरी में सबसे अधिक ₹42,293 करोड़ की निकासी लिक्विड फंड्स से हुई। लो ड्यूरेशन फंड्स से ₹16,484.01 करोड़ और मनी मार्केट फंड्स से ₹10,595 करोड़ की निकासी क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रही। गौरतलब है कि वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में अक्सर कॉर्पोरेट ट्रेज़री की तरफ से लिक्विड फंड निकासी बढ़ जाती है।
इक्विटी फंड्स में श्रेणीवार निवेश
इक्विटी फंड्स में मिडकैप फंड कैटेगरी में ₹6,090 करोड़, स्मॉलकैप फंड्स में ₹5,602 करोड़ और फ्लेक्सी कैप फंड्स में ₹5,231 करोड़ का निवेश आया। इसके अलावा लार्ज एवं मिडकैप फंड्स में ₹4,321 करोड़, मल्टीकैप फंड्स में ₹3,070 करोड़, लार्जकैप फंड्स में ₹2,067 करोड़ और सेक्टोरल/थीमेटिक फंड्स में ₹1,469 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया। फोकस्ड फंड्स में ₹1,118 करोड़ और वैल्यू/कॉन्ट्रा फंड्स में ₹686 करोड़ का निवेश रहा।
उद्योग की कुल एयूएम और फोलियो संख्या
जून 2026 के अंत में म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) ₹82.22 लाख करोड़ पर पहुँच गई। म्यूचुअल फंड फोलियो की कुल संख्या बढ़कर 27.86 करोड़ हो गई, जो निवेशक आधार के लगातार विस्तार को दर्शाती है। आने वाले महीनों में एसआईपी इनफ्लो की दिशा बाज़ार की स्थिरता और ब्याज दरों के रुझान पर निर्भर करेगी।