इक्विटी म्यूचुअल फंड इनफ्लो जून में 26% उछला, ₹28,973 करोड़ पहुँचा; मिडकैप में सर्वाधिक निवेश
सारांश
मुख्य बातें
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के 10 जुलाई को जारी आँकड़ों के अनुसार, जून में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश मासिक आधार पर 26 प्रतिशत बढ़कर ₹28,973 करोड़ हो गया, जबकि मई में यह आँकड़ा ₹22,907 करोड़ था। निवेशकों के बढ़ते भरोसे का यह संकेत ऐसे समय में आया है जब घरेलू बाज़ार में उतार-चढ़ाव के बावजूद खुदरा निवेशकों की भागीदारी लगातार मज़बूत बनी हुई है।
मिडकैप और स्मॉलकैप में सर्वाधिक आकर्षण
AMFI के डेटा के अनुसार, 11 इक्विटी सब-कैटेगरी में सबसे अधिक ₹6,090 करोड़ का निवेश मिडकैप फंड्स में आया। इसके बाद स्मॉलकैप फंड्स में ₹5,602 करोड़ और फ्लेक्सी कैप फंड्स में ₹5,231 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया। यह रुझान बताता है कि निवेशक अधिक रिटर्न की संभावना के चलते मिड और स्मॉल सेगमेंट की ओर झुक रहे हैं।
अन्य इक्विटी कैटेगरी का प्रदर्शन
जून में लार्ज एवं मिडकैप फंड्स में ₹4,321 करोड़, मल्टीकैप फंड्स में ₹3,070 करोड़ और लार्जकैप फंड्स में ₹2,067 करोड़ का निवेश आया। सेक्टोरल/थीमेटिक फंड्स में ₹1,469 करोड़, फोकस्ड फंड्स में ₹1,118 करोड़ और वैल्यू/कॉन्ट्रा फंड्स में ₹686 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया।
वहीं, ELSS फंड्स से ₹634 करोड़ और डिविडेंड यील्ड फंड्स से ₹49 करोड़ की निकासी हुई।
डेट फंड्स से निकासी का सिलसिला जारी
इक्विटी के विपरीत, डेट म्यूचुअल फंड्स से बाहर निकलने का क्रम जारी रहा। जून में डेट फंड्स से कुल आउटफ्लो करीब ₹1.09 लाख करोड़ रहा, जो मई के ₹96,948 करोड़ से अधिक है। 16 डेट कैटेगरी में सबसे अधिक ₹42,293 करोड़ की निकासी लिक्विड फंड्स से हुई। लो ड्यूरेशन फंड्स से ₹16,484.01 करोड़ और मनी मार्केट फंड्स से ₹10,595 करोड़ की निकासी दर्ज की गई।
गोल्ड ईटीएफ और इंडस्ट्री AUM
जून में गोल्ड ईटीएफ में ₹3,443.23 करोड़ और अन्य ईटीएफ में ₹13,237 करोड़ का निवेश आया, जबकि इंडेक्स फंड्स से ₹58 करोड़ की निकासी देखी गई। इन सभी प्रवाहों के परिणामस्वरूप भारत की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 30 जून 2026 तक बढ़कर ₹82,22,480.04 करोड़ हो गया। पूरे जून माह का औसत AAUM ₹84,18,485.5 करोड़ रहा।
आगे देखें तो बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि SIP प्रवाह और खुदरा भागीदारी की मज़बूती से इक्विटी फंड्स में यह सकारात्मक रुझान आने वाले महीनों में भी बना रह सकता है।