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सुप्रिया सुले का स्पष्ट इनकार: NDA में शामिल नहीं होगी NCP (SP), विलय का रास्ता भी बंद

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सुप्रिया सुले का स्पष्ट इनकार: NDA में शामिल नहीं होगी NCP (SP), विलय का रास्ता भी बंद

सारांश

महाराष्ट्र की राजनीति में हफ्तों से चल रही अटकलों पर सुप्रिया सुले ने विराम लगाया — NDA में जाने से साफ इनकार, NCP के दोनों गुटों के विलय को 'बंद अध्याय' बताया। लेकिन सत्ता में वापसी के लिए 'कड़े संघर्ष' का संकेत देकर उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीतिक लड़ाई को और पैना कर दिया।

मुख्य बातें

सुप्रिया सुले ने 10 जुलाई को मुंबई में स्पष्ट किया कि NCP (SP) का NDA में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है।
NCP के दोनों गुटों के बीच विलय की संभावना को 'बंद अध्याय' बताते हुए खारिज किया।
पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के विधायकों की नाराजगी वाले दावों को भी नकारा।
सुले ने बताया कि पिछले एक महीने में BJP नेताओं से 21 से अधिक बैठकें हुईं, लेकिन सभी संसदीय कामकाज के तहत थीं।
7 जुलाई को भी उन्होंने जयंत पाटिल – विनोद तावड़े की कथित बैठक को राजनीतिक रंग देने से इनकार किया था।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने 10 जुलाई को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया कि उनकी पार्टी का राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में कई दिनों से चल रही अटकलों को सीधे खारिज करते हुए उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि NCP के दोनों गुटों के बीच विलय का अध्याय अब बंद हो चुका है।

अटकलों की पृष्ठभूमि

NCP (SP) प्रमुख शरद पवार और डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच हाल ही में हुई मुलाकात तथा पार्टी नेता जयंत पाटिल एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े के बीच कथित बैठक की खबरों ने इन चर्चाओं को हवा दी थी। इसके अलावा, कई NCP (SP) विधायकों के पार्टी की दिशा को लेकर असहज होने की खबरों ने भी अटकलों को बल दिया।

सुले का सीधा जवाब

सुले ने दो-टूक शब्दों में कहा, "न तो कोई हमसे बात कर रहा है और न ही हम किसी से बात कर रहे हैं। BJP के साथ गठबंधन का सवाल हमारी चर्चा में आया ही नहीं है।" उन्होंने मीडिया रिपोर्टों को नकारते हुए कहा, "ये खबरें सिर्फ अखबारों और टीवी चैनलों तक ही सीमित हैं।"

लगातार मीडिया की छानबीन को हल्के-फुल्के अंदाज में लेते हुए बारामती सांसद ने अपने पिता से मिली सीख का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "शरद पवार हमेशा कहते हैं कि अगर आपके बारे में चर्चा हो रही है — चाहे अच्छे कारणों से हो या बुरे कारणों से — तो इसका मतलब है कि आपकी राजनीतिक साख अभी भी मजबूत है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि पिछले कई वर्षों से उनके कथित शपथ ग्रहण समारोहों की खबरें भी बार-बार सामने आती रही हैं।

विधायकों की नाराजगी के दावे खारिज

सुले ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के उन दावों को भी नकार दिया, जिनमें कुछ NCP (SP) विधायकों के असंतुष्ट होने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा, "हमारे सभी सांसद लगातार संपर्क में हैं। हम अक्सर मिलते हैं, रणनीति पर चर्चा करते हैं और पार्टी के भीतर किसी भी तरह की नाराजगी या असंतोष नहीं है।"

NCP विलय का रास्ता बंद

NCP के दोनों गुटों के बीच संभावित पुनर्मिलन पर सुले ने स्पष्ट रुख अपनाया। गौरतलब है कि अजित पवार ने पहले दोनों गुटों के फिर से साथ आने की इच्छा जताई थी। हालाँकि, सुले ने कहा, "वह अध्याय अब बंद हो चुका है। हम अपने रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं और वे अपने रास्ते पर। फिलहाल, NCP के दोनों गुटों के बीच विलय को लेकर कोई बातचीत नहीं चल रही है।"

संसदीय बैठकें राजनीतिक नहीं

इससे पहले 7 जुलाई को भी सुले ने जयंत पाटिल और विनोद तावड़े की कथित बैठक को अधिक राजनीतिक महत्व देने से इनकार किया था। उन्होंने बताया कि संसदीय समितियों के कामकाज के कारण उनकी भी BJP नेताओं से नियमित मुलाकात होती रहती है। सुले के अनुसार, पिछले एक महीने में उनकी BJP अध्यक्ष समेत विभिन्न समिति सदस्यों से 21 से अधिक बार मुलाकात हुई, और ये सभी बैठकें नियमित प्रशासनिक एवं संसदीय कामकाज का हिस्सा थीं।

सत्ता में वापसी के सवाल पर सुले ने कहा कि उनकी प्राथमिकता जनसेवा है, लेकिन साथ ही आगे कड़े राजनीतिक संघर्ष के संकेत भी दिए। उन्होंने कहा, "अगर मौजूदा सरकार इसी तरह काम करती रही, तो NCP (SP) और उसके सहयोगियों के पास सत्ता में वापसी के लिए कड़ा संघर्ष करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।"

संपादकीय दृष्टिकोण

उतना सरल नहीं है — क्योंकि महाराष्ट्र में अटकलें अक्सर खंडन के बाद भी जीवित रहती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब NCP (SP) विधानसभा में सीमित संख्या के साथ विपक्ष में है और महा विकास अघाड़ी की एकजुटता पर भी सवाल उठते रहे हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या पार्टी के भीतर विधायकों का असंतोष — जिसे सुले ने नकारा — अगले चुनावी चक्र से पहले सतह पर आता है। जब तक NCP (SP) एक स्पष्ट चुनावी रोडमैप नहीं देती, तब तक गठबंधन की अटकलें बंद कमरों में जारी रहेंगी।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रिया सुले ने NDA गठबंधन को क्यों खारिज किया?
सुप्रिया सुले ने 10 जुलाई को स्पष्ट किया कि NCP (SP) का NDA में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है और BJP के साथ कोई राजनीतिक बातचीत नहीं हो रही। उन्होंने मीडिया रिपोर्टों को अखबारों और टीवी तक सीमित बताया।
NCP के दोनों गुटों के विलय की क्या स्थिति है?
सुप्रिया सुले ने NCP के दोनों गुटों — शरद पवार गुट और अजित पवार गुट — के बीच विलय की संभावना को 'बंद अध्याय' करार दिया। अजित पवार ने पहले पुनर्मिलन की इच्छा जताई थी, लेकिन सुले के अनुसार अब इस पर कोई बातचीत नहीं हो रही।
जयंत पाटिल और विनोद तावड़े की बैठक का क्या मतलब था?
सुप्रिया सुले ने 7 जुलाई को स्पष्ट किया था कि अलग-अलग दलों के नेताओं का मिलना सामान्य बात है। उन्होंने बताया कि संसदीय समितियों के कामकाज के कारण उनकी खुद भी BJP नेताओं से पिछले एक महीने में 21 से अधिक बार मुलाकात हुई, जो राजनीतिक नहीं बल्कि प्रशासनिक थीं।
NCP (SP) विधायकों में असंतोष के दावे कितने सच हैं?
सुप्रिया सुले ने कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के उस दावे को सिरे से खारिज किया जिसमें NCP (SP) विधायकों की नाराजगी की बात कही गई थी। सुले के अनुसार पार्टी के सभी सांसद लगातार संपर्क में हैं और पार्टी में कोई असंतोष नहीं है।
क्या NCP (SP) सत्ता में वापसी की तैयारी कर रही है?
सुप्रिया सुले ने संकेत दिया कि अगर मौजूदा सरकार इसी तरह काम करती रही, तो NCP (SP) और उसके सहयोगियों के पास सत्ता में वापसी के लिए कड़ा संघर्ष करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। उन्होंने जनसेवा को प्राथमिकता बताते हुए आगे की राजनीतिक लड़ाई के संकेत दिए।
राष्ट्र प्रेस
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