सुप्रिया सुले ने महायुति में शामिल होने की अटकलें नकारीं, तावड़े-पाटिल मुलाकात को बताया सामान्य
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने मंगलवार, 7 जुलाई को स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी के सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में शामिल होने की अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने इन अटकलों को सिरे से खारिज किया और संबंधित मुलाकात को एक सामान्य संसदीय कार्य बताया।
तावड़े-पाटिल मुलाकात पर सुले का जवाब
पत्रकारों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और एनसीपी (एसपी) नेता जयंत पाटिल के बीच कथित मुलाकात को लेकर सवाल उठाए, जिसे महायुति में संभावित प्रवेश का संकेत माना जा रहा था। सुले ने मजाकिया अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि ऐसी कोई मुलाकात हुई या नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे और जयंत पाटिल एक ही संसदीय समिति में काम करते हैं, इसलिए उनकी नियमित बैठकें होना स्वाभाविक है।
सुले ने बताया कि पिछले एक महीने में ही उनकी और उनके सहयोगियों की 21 बार बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें BJP के कई नेता भी शामिल रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक सौदेबाजी नहीं, बल्कि एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया करार दिया।
सत्ता में वापसी पर सुले का संकेत
जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या उनकी पार्टी जल्द सत्ता में नजर आएगी, तो सुले ने कहा कि उनकी प्राथमिक भूमिका आम जनता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि लोग पिछले 12 वर्षों से उनके बारे में अटकलें लगाते आ रहे हैं। साथ ही उन्होंने आगाह किया कि अगर मौजूदा सरकार इसी तरह चलती रही, तो एनसीपी (एसपी) और उसके सहयोगियों के पास सत्ता के लिए कड़ा संघर्ष करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
अयोध्या राम मंदिर पर BJP पर हमला
सुले ने अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर BJP पर तीखा हमला बोला। उन्होंने हाल ही में वायरल हुए उन वीडियो का हवाला दिया जिनमें कथित तौर पर मंदिर से धन और चांदी ले जाते दिखाया गया है, और दावा किया कि ये वीडियो BJP के अपने चैनलों पर प्रसारित हुए। सुले ने कहा कि पूरे देश की जनता ने अथक परिश्रम से इस मंदिर का निर्माण करवाया है, और ऐसे में वहाँ भ्रष्टाचार के आरोप गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने BJP से जवाब माँगते हुए कहा कि यह मर्यादा पुरुषोत्तम राम का मंदिर है और उसकी पवित्रता से समझौता स्वीकार्य नहीं।
किसान ऋण माफी और बुनियादी ढाँचे पर आलोचना
सुले ने महायुति सरकार पर किसानों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि फसल ऋण माफी पूरी तरह से छलावा है और सरकार मेहनती किसानों की कमर तोड़ रही है। उन्होंने मानसून के बाद उभरे कृषि संकट का भी उल्लेख किया।
इसके अलावा उन्होंने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' खंड पर हुए भूस्खलन का जिक्र करते हुए बुनियादी ढाँचे के कुप्रबंधन पर सरकार को घेरा। आलोचकों का कहना है कि यह घटना राज्य में बड़े पैमाने पर निर्माण परियोजनाओं की निगरानी में चूक को उजागर करती है।
सुले की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं और विपक्षी दलों पर सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर झुकने का दबाव बताया जा रहा है। एनसीपी (एसपी) की आगामी रणनीति पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।