सुप्रिया सुले का फडणवीस सरकार पर हमला: 'महाराष्ट्र में किसान और महिलाएँ उपेक्षित'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने 29 जून 2025 को छत्रपति संभाजीनगर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि राज्य सरकार किसानों और महिलाओं के हितों के प्रति पूरी तरह उदासीन है। उनका यह बयान एनसीपी (एसपी) द्वारा कृषि ऋण माफी की माँग को लेकर आयोजित एक बड़े विरोध मार्च के दौरान आया।
सरकार पर किसान-विरोधी होने का आरोप
सुले ने कहा कि उनकी पार्टी लगातार सरकार से संवाद की कोशिश कर रही है, लेकिन राज्य के हालात बद से बदतर हो रहे हैं। उन्होंने कहा, 'कुछ इलाकों में अत्यधिक बारिश से तबाही है, तो कहीं सूखे जैसे हालात हैं। विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, फिर भी किसानों को न्याय नहीं मिल रहा।'
सुले ने महायुति सरकार पर 'लाडकी बहिन' योजना के तहत वोट बटोरने और सत्ता में आने के बाद लाभार्थियों की संख्या घटाने का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार, कृषि ऋण माफी के मामले में भी यही खेल दोहराया जा रहा है — घोषणा तो की गई, लेकिन उसमें इतनी कड़ी शर्तें और मानदंड जोड़ दिए गए कि अधिकांश किसान पात्र ही नहीं रह जाते।
22 जून के आश्वासन पर सरकार का मौन
गौरतलब है कि विधायक रोहित पवार ने किसानों के अधिकारों के लिए पंढरपुर में आमरण अनशन किया था। उस समय राज्य सरकार ने सभी आंदोलनकारियों और किसानों की मौजूदगी में यह आश्वासन दिया था कि 22 जून को कृषि ऋण माफी पर चर्चा होगी और सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। हालाँकि, सरकार ने न कोई चर्चा की और न ही कोई ठोस कदम उठाया।
एनसीपी (एसपी) ने अपनी आधिकारिक एक्स पोस्ट में कहा कि सरकार की हालिया ऋण माफी की घोषणा 'धोखा' है और महाराष्ट्र के किसानों के लिए पूर्ण कर्ज माफी लागू की जानी चाहिए।
नसरापुर केस: फैसले का स्वागत
सुले ने नसरापुर बलात्कार और हत्या मामले में दोषी बुजुर्ग को मृत्युदंड दिए जाने के अदालती फैसले का स्वागत किया और पुणे पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा, 'हमने पहले दिन से यही माँग की थी कि इस मामले में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। यह घटना बेहद दुखद थी और हमें उम्मीद थी कि आरोपी को मौत की सजा मिलेगी। पीड़िता और उसके परिवार को इंसाफ मिल गया है।' उन्होंने यह भी दोहराया कि ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए ताकि दोषियों को सजा सुनिश्चित हो सके।
विरोध मार्च और नेताओं की माँग
छत्रपति संभाजीनगर में महा विकास अघाड़ी (MVA) के नेतृत्व में आयोजित विरोध रैली में भारी संख्या में पार्टी नेता शामिल हुए। मार्च को देखते हुए प्रशासन ने भारी सुरक्षा बल तैनात किया। एनसीपी (एसपी) नेता शशिकांत शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में सोचने को तैयार नहीं है।
विधायक रोहित पवार ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में एक बड़ा आंदोलन होगा और भारी संख्या में किसान इसमें शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के पहुँचने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में मानसून की असमान बारिश ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। आने वाले हफ्तों में विपक्ष का दबाव और तेज होने की संभावना है।