रोहित पवार का बड़ा आरोप: '70% किसान कर्जमाफी से वंचित रहेंगे', राम मंदिर भ्रष्टाचार की जांच की माँग
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने 27 जून को छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया से बात करते हुए महाराष्ट्र सरकार की किसान कर्जमाफी योजना पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा तय की गई शर्तों के कारण लगभग 70 प्रतिशत किसान कर्जमाफी के दायरे से बाहर रह जाएंगे और यह योजना 'पूर्ण कर्जमाफी' नहीं है। साथ ही उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की माँग की।
कर्जमाफी पर सरकार को घेरा
रोहित पवार ने कहा कि सरकार ने किसानों से कर्जमाफी का वादा किया था, लेकिन अब तक उसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना की जटिल शर्तों के कारण अधिकांश किसान इसका लाभ उठाने में असमर्थ हैं। उनके अनुसार, 'सरकार दिखावा अधिक करती है और किसानों को न्याय देने में विफल रही है।'
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष अतिवृष्टि से राज्य में ₹35,000 करोड़ की कृषि क्षति हुई थी। सरकार ने ₹31,000 करोड़ के मुआवजे की घोषणा की, किंतु किसानों तक केवल ₹10,000 करोड़ ही पहुँच सके। शेष ₹20,000 करोड़ सरकारी शर्तों की वजह से अटके रहे।
किसान संकट की गंभीर तस्वीर
रोहित पवार ने बताया कि महाराष्ट्र में प्रतिदिन लगभग छह किसान आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद, डीजल और कृषि से जुड़ी आवश्यक वस्तुएं समय पर नहीं मिल रहीं और इनके दाम लगातार बढ़ रहे हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तहत उर्वरक वितरण की व्यवस्था पर भी उन्होंने सवाल उठाए और माँग की कि सरकार फर्टिलाइजर की कीमतें कम करे तथा उपलब्धता सुनिश्चित करे।
उद्धव ठाकरे के मराठवाड़ा दौरे पर टिप्पणी
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे के मराठवाड़ा दौरे पर रोहित पवार ने कहा, 'उद्धव ठाकरे अलग-अलग जिलों और विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, क्योंकि उनके कई सांसद दूसरे पक्ष में चले गए हैं। ऐसे में वे हर जिले में जाकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और संगठन को मजबूत करेंगे।' उन्होंने इसे पार्टी पुनर्गठन की स्वाभाविक प्रक्रिया बताया।
राम मंदिर ट्रस्ट पर जांच की माँग
राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर रोहित पवार ने कहा कि श्रद्धालुओं ने आस्था से दान दिया था और अपेक्षा थी कि उस धन का उपयोग मंदिर निर्माण और गरीब भक्तों की सेवा में हो। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने दान की राशि से संपत्तियाँ खरीदीं। उन्होंने कहा, 'धर्म में कभी स्वार्थ नहीं होना चाहिए, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हिंदुत्व में स्वार्थ है।' उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच की माँग की।
रोहित पवार ने उज्जैन और नासिक महाकुंभ की तैयारियों में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और शक्तिपीठ मार्ग परियोजना में ₹40,000 करोड़ की कथित अनियमितता की आशंका जताई।
आगे क्या होगा
रोहित पवार ने स्पष्ट किया कि एनसीपी-एसपी का उद्देश्य किसानों को न्याय दिलाना है और पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाएगी। राम मंदिर ट्रस्ट और धार्मिक संस्थानों में कथित भ्रष्टाचार के मामलों में जवाबदेही तय करने की माँग विपक्ष की ओर से जारी रहने की संभावना है।