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रोहित पवार का बड़ा आरोप: '70% किसान कर्जमाफी से वंचित रहेंगे', राम मंदिर भ्रष्टाचार की जांच की माँग

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रोहित पवार का बड़ा आरोप: '70% किसान कर्जमाफी से वंचित रहेंगे', राम मंदिर भ्रष्टाचार की जांच की माँग

सारांश

एनसीपी-एसपी विधायक रोहित पवार ने छत्रपति संभाजीनगर में सरकार पर दोहरा हमला बोला — किसान कर्जमाफी की शर्तों से 70% किसानों के वंचित रहने का आरोप, और राम मंदिर ट्रस्ट में दान की राशि के दुरुपयोग की जांच की माँग। ₹35,000 करोड़ की कृषि क्षति में से केवल ₹10,000 करोड़ ही किसानों तक पहुँचे।

मुख्य बातें

रोहित पवार ने आरोप लगाया कि सरकार की शर्तों के कारण 70 प्रतिशत किसान कर्जमाफी से वंचित रह जाएंगे।
पिछले वर्ष अतिवृष्टि से ₹35,000 करोड़ की कृषि क्षति; सरकार ने ₹31,000 करोड़ मुआवजा घोषित किया, लेकिन किसानों तक केवल ₹10,000 करोड़ पहुँचे।
महाराष्ट्र में प्रतिदिन लगभग छह किसान आत्महत्या कर रहे हैं; खाद और डीजल की अनुपलब्धता बड़ी समस्या।
राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की माँग; शक्तिपीठ मार्ग परियोजना में ₹40,000 करोड़ के भ्रष्टाचार की आशंका जताई।
उद्धव ठाकरे के मराठवाड़ा दौरे को संगठन पुनर्गठन की कोशिश बताया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने 27 जून को छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया से बात करते हुए महाराष्ट्र सरकार की किसान कर्जमाफी योजना पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा तय की गई शर्तों के कारण लगभग 70 प्रतिशत किसान कर्जमाफी के दायरे से बाहर रह जाएंगे और यह योजना 'पूर्ण कर्जमाफी' नहीं है। साथ ही उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की माँग की।

कर्जमाफी पर सरकार को घेरा

रोहित पवार ने कहा कि सरकार ने किसानों से कर्जमाफी का वादा किया था, लेकिन अब तक उसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना की जटिल शर्तों के कारण अधिकांश किसान इसका लाभ उठाने में असमर्थ हैं। उनके अनुसार, 'सरकार दिखावा अधिक करती है और किसानों को न्याय देने में विफल रही है।'

उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष अतिवृष्टि से राज्य में ₹35,000 करोड़ की कृषि क्षति हुई थी। सरकार ने ₹31,000 करोड़ के मुआवजे की घोषणा की, किंतु किसानों तक केवल ₹10,000 करोड़ ही पहुँच सके। शेष ₹20,000 करोड़ सरकारी शर्तों की वजह से अटके रहे।

किसान संकट की गंभीर तस्वीर

रोहित पवार ने बताया कि महाराष्ट्र में प्रतिदिन लगभग छह किसान आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद, डीजल और कृषि से जुड़ी आवश्यक वस्तुएं समय पर नहीं मिल रहीं और इनके दाम लगातार बढ़ रहे हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तहत उर्वरक वितरण की व्यवस्था पर भी उन्होंने सवाल उठाए और माँग की कि सरकार फर्टिलाइजर की कीमतें कम करे तथा उपलब्धता सुनिश्चित करे।

उद्धव ठाकरे के मराठवाड़ा दौरे पर टिप्पणी

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे के मराठवाड़ा दौरे पर रोहित पवार ने कहा, 'उद्धव ठाकरे अलग-अलग जिलों और विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, क्योंकि उनके कई सांसद दूसरे पक्ष में चले गए हैं। ऐसे में वे हर जिले में जाकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और संगठन को मजबूत करेंगे।' उन्होंने इसे पार्टी पुनर्गठन की स्वाभाविक प्रक्रिया बताया।

राम मंदिर ट्रस्ट पर जांच की माँग

राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर रोहित पवार ने कहा कि श्रद्धालुओं ने आस्था से दान दिया था और अपेक्षा थी कि उस धन का उपयोग मंदिर निर्माण और गरीब भक्तों की सेवा में हो। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने दान की राशि से संपत्तियाँ खरीदीं। उन्होंने कहा, 'धर्म में कभी स्वार्थ नहीं होना चाहिए, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हिंदुत्व में स्वार्थ है।' उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच की माँग की।

रोहित पवार ने उज्जैन और नासिक महाकुंभ की तैयारियों में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और शक्तिपीठ मार्ग परियोजना में ₹40,000 करोड़ की कथित अनियमितता की आशंका जताई।

आगे क्या होगा

रोहित पवार ने स्पष्ट किया कि एनसीपी-एसपी का उद्देश्य किसानों को न्याय दिलाना है और पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाएगी। राम मंदिर ट्रस्ट और धार्मिक संस्थानों में कथित भ्रष्टाचार के मामलों में जवाबदेही तय करने की माँग विपक्ष की ओर से जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लाभ छोटा' की कहानी रहा है। ₹35,000 करोड़ की क्षति में से केवल ₹10,000 करोड़ का वितरण यह दर्शाता है कि नीति की खामियाँ जानबूझकर बनाई गई हैं या प्रशासनिक विफलता है — दोनों ही स्थितियाँ चिंताजनक हैं। राम मंदिर ट्रस्ट पर उठाए गए सवाल राजनीतिक रंग जरूर रखते हैं, लेकिन दान की पारदर्शिता का मुद्दा जनहित का है और इसे खारिज नहीं किया जा सकता। असली परीक्षा यह है कि क्या विपक्ष इन मुद्दों को विधानसभा में ठोस दस्तावेजों के साथ उठाता है, या यह केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहित पवार ने किसान कर्जमाफी पर क्या आरोप लगाए?
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार की कर्जमाफी योजना की जटिल शर्तों के कारण लगभग 70 प्रतिशत किसान इसके दायरे से बाहर रह जाएंगे। उनके अनुसार यह पूर्ण कर्जमाफी नहीं है और सरकार ने किसानों को गुमराह किया है।
महाराष्ट्र में किसान मुआवजे का कितना पैसा किसानों तक पहुँचा?
पिछले वर्ष अतिवृष्टि से ₹35,000 करोड़ की कृषि क्षति हुई थी। सरकार ने ₹31,000 करोड़ के मुआवजे की घोषणा की, लेकिन किसानों तक केवल ₹10,000 करोड़ ही पहुँचे। शेष ₹20,000 करोड़ सरकारी शर्तों के कारण अटके रहे।
रोहित पवार ने राम मंदिर ट्रस्ट पर क्या कहा?
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने श्रद्धालुओं के दान की राशि से अपनी संपत्तियाँ खरीदीं। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच की माँग की और कहा कि धर्म के नाम पर स्वार्थ नहीं होना चाहिए।
उद्धव ठाकरे के मराठवाड़ा दौरे पर रोहित पवार का क्या कहना है?
रोहित पवार ने कहा कि उद्धव ठाकरे के कई सांसद दूसरे पक्ष में चले जाने के बाद वे संगठन को मजबूत करने के लिए जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं। उन्होंने इसे पार्टी पुनर्गठन की स्वाभाविक कोशिश बताया।
महाराष्ट्र में किसान आत्महत्या की स्थिति कितनी गंभीर है?
रोहित पवार के अनुसार महाराष्ट्र में प्रतिदिन लगभग छह किसान आत्महत्या कर रहे हैं। खाद, डीजल और कृषि सामग्री की अनुपलब्धता और बढ़ती कीमतें किसानों के संकट को और गहरा कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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