7 जुलाई 2026
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संजय राउत का आरोप: राम मंदिर ट्रस्ट में ₹2,000 करोड़ का घोटाला, मिसिंग लिंक पर फडणवीस सरकार को घेरा

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संजय राउत का आरोप: राम मंदिर ट्रस्ट में ₹2,000 करोड़ का घोटाला, मिसिंग लिंक पर फडणवीस सरकार को घेरा

सारांश

संजय राउत ने एक साथ दो मोर्चे खोले — राम मंदिर ट्रस्ट में ₹2,000 करोड़ के कथित घोटाले पर FIR की माँग और मिसिंग लिंक परियोजना में ₹6,700 करोड़ की बर्बादी पर फडणवीस सरकार को सीधी चुनौती। इस्तीफों को नाकाफी बताते हुए उन्होंने जवाबदेही का सवाल उठाया।

मुख्य बातें

संजय राउत ने 7 जुलाई को राम मंदिर ट्रस्ट में कथित तौर पर ₹2,000 करोड़ के घोटाले की कानूनी जाँच और एफआईआर की माँग की।
ट्रस्ट पर पहले ₹550 करोड़ के नगद घोटाले के आरोप लगे थे, जो कथित तौर पर एक वर्ष से चर्चा में हैं।
राउत ने भगवान राम और माता सीता के आभूषणों की कथित चोरी का भी उल्लेख किया।
मिसिंग लिंक परियोजना के छह महीने में क्षतिग्रस्त होने से ₹6,700 करोड़ बर्बाद होने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री से परियोजना की विफलता की जवाबदेही माँगी।
ठेकेदार कंपनी पर कमीशन, किकबैक और राजनीतिक फंडिंग के कथित लाभ का आरोप।

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने 7 जुलाई को मुंबई में दोहरे मोर्चे पर सत्तापक्ष को घेरा — उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट में कथित तौर पर ₹2,000 करोड़ के वित्तीय घोटाले की कानूनी जाँच की माँग की और महाराष्ट्र की मिसिंग लिंक परियोजना में ₹6,700 करोड़ की बर्बादी के लिए राज्य सरकार को जवाबदेह ठहराया। राउत ने स्पष्ट किया कि केवल इस्तीफों से मामला नहीं निपटेगा — पूरे ट्रस्ट के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।

राम मंदिर ट्रस्ट पर आरोप

राउत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े लोगों और BJP द्वारा गठित राम मंदिर ट्रस्ट पर पहले ₹550 करोड़ के नगद घोटाले के आरोप लगे, जो कथित तौर पर पिछले एक वर्ष से चर्चा में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में भगवान राम और माता सीता के आभूषणों की चोरी के मामले भी सामने आए।

राउत ने तर्क दिया कि यदि ₹50 की चोरी में आरोपी गिरफ्तार होता है और ₹10 लाख के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) सक्रिय होता है, तो इतने बड़े कथित घोटाले में जाँच क्यों नहीं? उन्होंने इसे 'जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात' बताया और माँग की कि ट्रस्ट को कानूनी दायरे में लाकर जवाबदेह बनाया जाए।

मिसिंग लिंक परियोजना पर निशाना

राउत ने महाराष्ट्र की मिसिंग लिंक परियोजना के छह महीने में क्षतिग्रस्त होने को 'देश के सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में से एक' करार दिया। उनके अनुसार इस परियोजना के क्षतिग्रस्त होने से ₹6,700 करोड़ बर्बाद हुए।

उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस — जो स्वयं को 'इन्फ्रा मैन' कहते हैं — और उपमुख्यमंत्री से सीधे जवाब माँगा। राउत ने कहा कि देश में 100 वर्ष पुराने पुल और बाँध आज भी सुरक्षित खड़े हैं, इसलिए विफलता का ठीकरा केवल बारिश पर फोड़ना तर्कसंगत नहीं है।

ठेका और कमीशन के आरोप

राउत ने आरोप लगाया कि जिस कंपनी को मिसिंग लिंक परियोजना का ठेका दिया गया, उसे कथित तौर पर कमीशन, किकबैक और राजनीतिक फंडिंग का लाभ मिला। उन्होंने सरकार से माँग की कि विधानसभा में स्पष्ट करे कि यह परियोजना आखिर क्यों विफल हुई। व्यंग्यात्मक लहजे में उन्होंने कहा, 'इस परियोजना में सीमेंट और मिट्टी कम, भ्रष्टाचार ज्यादा भरा हुआ है।'

आगे क्या

राउत की माँग है कि राम मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो और मिसिंग लिंक परियोजना की स्वतंत्र जाँच कराई जाए। इन आरोपों पर अभी तक BJP या महाराष्ट्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मामला आने वाले विधानसभा सत्र में राजनीतिक तूफान खड़ा कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन किसी केंद्रीय एजेंसी ने अब तक सार्वजनिक जाँच शुरू नहीं की। यह विरोधाभास खुद में एक बड़ा सवाल है — वही सरकार जो छोटे मामलों में ED भेजती है, इस मामले में मौन क्यों है? मिसिंग लिंक परियोजना की विफलता महाराष्ट्र के बुनियादी ढाँचे की गुणवत्ता-जाँच की व्यापक खामियों को उजागर करती है, जो सिर्फ इस परियोजना तक सीमित नहीं है। जब तक सरकार विधानसभा में पारदर्शी जवाब नहीं देती, ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी से आगे नहीं बढ़ेंगे।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय राउत ने राम मंदिर ट्रस्ट पर क्या आरोप लगाए हैं?
राउत ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर ट्रस्ट में कथित तौर पर ₹2,000 करोड़ का घोटाला हुआ है, जिसमें ₹550 करोड़ के नगद घोटाले और आभूषणों की चोरी के मामले भी शामिल हैं। उन्होंने पूरे ट्रस्ट के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने और स्वतंत्र कानूनी जाँच की माँग की है।
मिसिंग लिंक परियोजना क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
मिसिंग लिंक महाराष्ट्र सरकार की एक बुनियादी ढाँचा परियोजना है। राउत के अनुसार यह परियोजना मात्र छह महीने में क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे ₹6,700 करोड़ बर्बाद हुए। उन्होंने ठेकेदार कंपनी पर कमीशन और किकबैक के आरोप लगाते हुए घटिया निर्माण को भ्रष्टाचार का परिणाम बताया।
राउत ने किन नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है?
राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस — जो स्वयं को 'इन्फ्रा मैन' कहते हैं — और उपमुख्यमंत्री से मिसिंग लिंक परियोजना की विफलता की जवाबदेही माँगी है। राम मंदिर ट्रस्ट के मामले में उन्होंने BJP से जुड़े लोगों पर निशाना साधा।
राउत ने केवल इस्तीफों को नाकाफी क्यों बताया?
राउत का तर्क है कि इस्तीफे देने से वित्तीय अनियमितताओं की जवाबदेही तय नहीं होती। उनके अनुसार जब छोटे मामलों में गिरफ्तारी और ED जाँच होती है, तो इतने बड़े कथित घोटाले में केवल इस्तीफा स्वीकार करना कानूनी प्रक्रिया का उपहास है।
इन आरोपों पर सरकार की क्या प्रतिक्रिया है?
अभी तक BJP या महाराष्ट्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मामला आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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