इंडिया ब्लॉक का पीएम उम्मीदवार घोषित करना ज़रूरी: संजय राउत की दो-टूक
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने शुक्रवार, 26 जून को मुंबई में कहा कि इंडिया गठबंधन को जनता के सामने प्रधानमंत्री पद का एक स्पष्ट चेहरा पेश करना अनिवार्य है, अन्यथा विपक्ष की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहेंगे। राउत ने एक साथ कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी — इंडिया ब्लॉक की रणनीति से लेकर राम मंदिर ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं तक।
इंडिया ब्लॉक और पीएम उम्मीदवार
राउत ने कहा, 'हम यह बात लगातार कहते हुए आ रहे हैं कि पीएम पद के लिए जनता के सामने एक साफ चेहरा लेकर जाना होगा।' उनके अनुसार जब तक गठबंधन यह स्पष्ट नहीं करता, मतदाता यही पूछते रहेंगे कि सत्ता में आने पर प्रधानमंत्री कौन होगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जनता को यह बताना ही पड़ेगा कि 'जब हमारी सरकार सत्ता में आएगी, तो यही व्यक्ति हमारा प्रधानमंत्री होगा।'
बागी सांसदों पर तीखा हमला
छह बागी सांसदों के शिवसेना में शामिल होने के सवाल पर राउत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो सांसद एकनाथ शिंदे के साथ 40 विधायकों को लेकर पार्टी छोड़ गए, उन्हें ही असली शिवसेना का नियंत्रण सौंप दिया गया। राउत ने आरोप लगाया कि ये सांसद ₹50 से ₹80 करोड़ में बिके और फंड का बहाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जो लोग एक दिन पहले अपनी माँ, अपने बच्चों, अपनी गुज़र चुकी पत्नी, साईं बाबा और देवी भवानी की कसम खा रहे थे — कसम खाने के 24 घंटे के अंदर ही भाग गए।' उन्होंने यह भी दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद ₹5 करोड़ में गए, जबकि शिवसेना के सांसदों की कीमत इससे कहीं अधिक थी। राउत ने कहा कि इस पैसे के स्रोत की जानकारी उनके पास है और प्रवर्तन निदेशालय (ED) तथा पुलिस को भी पता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होगी।
संजीव अरोड़ा की संपत्ति जब्ती पर प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा की संपत्ति जब्त किए जाने पर राउत ने कहा कि वे उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हैं और उन्हें एक ईमानदार व्यक्ति मानते हैं। उनके अनुसार अरोड़ा को एक 'झूठे मामले' में फंसाया गया है, केवल इसलिए क्योंकि वे अपनी पार्टी के प्रति वफादार रहे। राउत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, 'जब भी वफादारी का मुद्दा उठता है, BJP वफादार लोगों को जेल में डाल देती है।'
राम मंदिर ट्रस्ट पर माँग — पूरा ट्रस्ट भंग हो
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर राउत ने कहा कि महज इस्तीफे से कुछ नहीं होगा। उनका कहना था कि मंदिर में कई महीनों से चोरी हो रही थी और ट्रस्ट अनजान नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के मुद्दा उठाने के बाद ही हाहाकार मचा। राउत ने माँग की कि 'पूरे ट्रस्ट को बर्खास्त किया जाए और सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो।' उन्होंने यह भी कहा कि एसआईटी ने रिपोर्ट तो सौंप दी, लेकिन केवल छोटे-मोटे लोगों को पकड़ा गया।
BJP पर तंज — राम के नाम पर सत्ता, मंदिर में चोरी
राउत ने BJP पर करारा व्यंग्य करते हुए कहा कि 'भगवान राम ने BJP को सत्ता दिलाई' और उसी मंदिर की दान पेटी में चोरी हो रही है। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राण प्रतिष्ठा से पहले व्रत रखा था, और उसी मंदिर में एक साल से कथित चोरी जारी रही। यह विवाद इस बात की ओर इशारा करता है कि धार्मिक संस्थाओं की जवाबदेही का सवाल आने वाले दिनों में राजनीतिक रूप से और गर्म हो सकता है।