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इंडिया गठबंधन को पीएम चेहरा तय करना होगा, वरना जनता को जवाब कैसे देंगे: संजय राउत

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इंडिया गठबंधन को पीएम चेहरा तय करना होगा, वरना जनता को जवाब कैसे देंगे: संजय राउत

सारांश

संजय राउत ने साफ कहा — इंडिया गठबंधन बिना पीएम चेहरे के जनता के सामने नहीं जा सकता। TMC के बागी नेताओं को 'त्रिपुरा की 800 वोट वाली पार्टी' में धकेले जाने पर भी निशाना साधा। ममता बनर्जी की TMC को बताया असली।

मुख्य बातें

संजय राउत ने 15 जून को मुंबई में कहा कि इंडिया गठबंधन को जनता के बीच जाने से पहले पीएम चेहरा तय करना होगा।
ममता बनर्जी की अगुआई वाली TMC को राउत ने 'असली तृणमूल कांग्रेस' करार दिया।
TMC छोड़ने वाले नेताओं ने त्रिपुरा की एक ऐसी पार्टी का दामन थामा जिसे हाल के चुनाव में महज 800 वोट मिले।
राउत के अनुसार, कथित तौर पर अमित शाह की रणनीति के तहत इन नेताओं को उस पार्टी में धकेला गया।
राउत ने संकेत दिया कि महाराष्ट्र में भी ऐसी ही स्थिति आने वाले दिनों में सामने आएगी।

शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने सोमवार, 15 जून को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट कहा कि इंडिया गठबंधन को जनता के बीच जाने से पहले प्रधानमंत्री पद के लिए एक चेहरा तय करना अनिवार्य है, अन्यथा मतदाताओं के सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं होगा। उन्होंने साथ ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हुए हालिया बिखराव पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी।

इंडिया गठबंधन और पीएम चेहरे की ज़रूरत

राउत ने कहा कि यदि विपक्षी दल एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरना चाहते हैं, तो पहले प्रधानमंत्री के चेहरे पर सहमति बनानी होगी। उनके शब्दों में, 'अगर हम लोगों के बीच जाएंगे, तो वे पूछेंगे कि तुम्हारा पीएम कौन है — तब हम क्या जवाब देंगे?' यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर एकराय अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।

TMC बिखराव पर राउत का रुख

राउत ने ममता बनर्जी की अगुआई वाली तृणमूल कांग्रेस को ही 'असली टीएमसी' करार दिया और पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यह प्रकरण एक महीने से अधिक पुराना हो चुका है और अब इस पर बहस प्रासंगिक नहीं रही। उनके अनुसार, जिन नेताओं ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोला, उन्हें जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'असली सच्चाई' का अहसास होगा।

त्रिपुरा की छोटी पार्टी से गठजोड़ पर सवाल

राउत ने यह भी कहा कि TMC से अलग हुए नेताओं ने त्रिपुरा की एक ऐसी पार्टी का दामन थामा है, जो स्वयं राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने बताया कि हाल के चुनाव में उस पार्टी को महज 800 वोट मिले। राउत के अनुसार, कथित तौर पर गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति के तहत इन नेताओं को ऐसी पार्टी में धकेला गया जिसका कोई जनाधार नहीं है।

महाराष्ट्र पर भी राउत का इशारा

राउत ने यह भी स्पष्ट किया कि TMC में जो स्थिति बनी है, वैसी ही स्थिति महाराष्ट्र में भी आने वाले दिनों में लागू होती है — अर्थात जो लोग मूल पार्टी से अलग हुए हैं, उन्हें भी जनता और राजनीतिक परिस्थितियाँ आईना दिखाएंगी। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में शिवसेना के दो धड़े पहले से ही 'असली पार्टी' के दावे को लेकर कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं।

आगे क्या

राउत के इस बयान ने इंडिया गठबंधन के भीतर नेतृत्व की बहस को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। गठबंधन के घटक दलों के बीच पीएम चेहरे पर सहमति बनना आगामी चुनावी रणनीति की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है, और राउत का यह बयान उस दिशा में दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बड़े नेता ने इसे 'बाद में तय होगा' कहकर टाला है। असली सवाल यह है कि क्या गठबंधन के घटक दल — जिनमें से हर एक अपने राज्य में सर्वोच्च नेता है — किसी एक नाम पर सहमत हो सकते हैं बिना आंतरिक विद्रोह के। TMC बिखराव पर राउत की टिप्पणी राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, लेकिन शिवसेना खुद भी दो धड़ों में बंटी है — यह विरोधाभास उनकी आलोचना की धार को कुंद करता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय राउत ने इंडिया गठबंधन के पीएम चेहरे पर क्या कहा?
संजय राउत ने कहा कि इंडिया गठबंधन को जनता के बीच जाने से पहले प्रधानमंत्री पद के लिए एक चेहरा तय करना अनिवार्य है, वरना मतदाताओं के सवालों का जवाब देना मुश्किल होगा। उन्होंने यह बात 15 जून को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में कही।
TMC बिखराव पर संजय राउत का क्या रुख है?
राउत ने ममता बनर्जी की अगुआई वाली TMC को 'असली तृणमूल कांग्रेस' बताया और पार्टी छोड़ने वाले नेताओं की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह प्रकरण एक महीने से पुराना है और अब इस पर बहस प्रासंगिक नहीं रही।
त्रिपुरा की पार्टी को लेकर राउत ने क्या कहा?
राउत ने कहा कि TMC से अलग हुए नेताओं ने त्रिपुरा की एक ऐसी पार्टी का दामन थामा है जिसे हाल के चुनाव में महज 800 वोट मिले। उनके अनुसार, कथित तौर पर गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति के तहत इन नेताओं को उस पार्टी में धकेला गया।
संजय राउत ने महाराष्ट्र का ज़िक्र किस संदर्भ में किया?
राउत ने कहा कि TMC में जो स्थिति बनी है, वैसी ही स्थिति महाराष्ट्र में भी आने वाले दिनों में लागू होती है — यानी मूल पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को जनता और राजनीतिक परिस्थितियाँ आईना दिखाएंगी।
इंडिया गठबंधन में पीएम चेहरे पर अब तक क्या स्थिति है?
इंडिया गठबंधन के भीतर प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार पर अब तक कोई सार्वजनिक सहमति नहीं बनी है। राउत के बयान ने इस बहस को फिर से केंद्र में ला दिया है और गठबंधन के घटक दलों पर इस मुद्दे पर निर्णय लेने का दबाव बढ़ा दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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