ममता बनर्जी भवानीपुर में हार नहीं सकतीं, 4,000 ईवीएम जलने पर संजय राउत ने माँगी जाँच
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने शनिवार, 13 जून को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव हार ही नहीं सकतीं। उन्होंने कहा कि इस हार में कहीं न कहीं साजिश की बू आती है और पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
ईवीएम जलने पर उठाए सवाल
राउत ने कहा कि पश्चिम बंगाल में एक साथ 4,000 ईवीएम जलकर खाक हो जाना अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है। उनके अनुसार, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ये ईवीएम पहले से ही संदिग्ध बताई जा रही थीं, और बाद में इन्हें साजिशन नष्ट कर दिया गया। उन्होंने माँग की कि प्रशासन इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे।
सर्वोच्च न्यायालय और चुनाव आयोग से सवाल
राउत ने सर्वोच्च न्यायालय और चुनाव आयोग (ECI) की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और सभी संबंधित पक्षकारों को सामने आकर वस्तुस्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि जो ईवीएम जलाई गईं, उनका उपयोग हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में किया गया था।
मोदी और नेहरू की तुलना पर राउत का रुख
जब राउत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंडित जवाहरलाल नेहरू से तुलना पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि नेहरू 16 वर्षों तक सत्ता में रहे और अपनी कार्यशैली से पूरी दुनिया को प्रभावित किया। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि मुगल शासक जहाँगीर ने भी 4,700 दिनों तक राज किया था — तो क्या उनकी तुलना मोदी से की जाए? राउत ने स्पष्ट किया कि देश में नेहरू, डॉ. भीमराव अंबेडकर और इंदिरा गांधी जैसे गणमान्य नेता हुए हैं, और मोदी की कार्यशैली उन्हें निराश करती है।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में हुए हालिया विधानसभा चुनाव के नतीजों और ईवीएम विवाद को लेकर विपक्षी दलों की आलोचना तेज हो रही है। राउत के बयान को INDIA गठबंधन की उस व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है जिसमें चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आगे यह देखना होगा कि चुनाव आयोग और न्यायपालिका इस मामले में क्या रुख अपनाती है।