संजय राउत का ममता बनर्जी को समर्थन: 'चुनाव हारी हैं, मन से नहीं', BJP-चुनाव आयोग गठबंधन का आरोप
सारांश
संजय राउत ने ममता बनर्जी की हार को 'मन की हार' मानने से इनकार किया और BJP व चुनाव आयोग पर कथित गठबंधन का आरोप लगाया। उनका दावा है कि पश्चिम बंगाल में 90 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाकर BJP के लिए रास्ता साफ किया गया — यह बयान विपक्षी राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।
मुख्य बातें
संजय राउत ने 4 मई को मुंबई में कहा कि ममता बनर्जी चुनाव हारी हैं, मन से नहीं।
राउत ने आरोप लगाया कि BJP और चुनाव आयोग के बीच कथित गठबंधन के चलते पश्चिम बंगाल में BJP जीती।
उनका दावा है कि 90 लाख मतदाताओं के नाम चुनाव आयोग के इशारे पर मतदाता सूची से हटाए गए।
राउत ने चुनाव आयोग , सर्वोच्च न्यायालय और प्रधानमंत्री पर विपक्ष की अनदेखी का आरोप लगाया।
इन आरोपों पर BJP और चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई।
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने 4 मई को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी का हौसला बढ़ाया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। राउत ने कहा कि चुनाव में पराजय और मनोबल का टूटना दो अलग-अलग बातें हैं।
राउत का ममता बनर्जी को संदेश
संजय राउत ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
लेकिन हर बार ठोस साक्ष्य के अभाव में ये आरोप राजनीतिक बयानबाज़ी तक सिमट जाते हैं। 90 लाख मतदाताओं के नाम हटाने का दावा गंभीर है, लेकिन इसे सत्यापित करने के लिए स्वतंत्र जाँच की माँग होनी चाहिए। असली सवाल यह है कि विपक्ष केवल बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा या संस्थागत चुनौती की ओर बढ़ेगा — क्योंकि लोकतंत्र की रक्षा सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस से नहीं होती।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संजय राउत ने ममता बनर्जी के बारे में क्या कहा?
संजय राउत ने कहा कि ममता बनर्जी चुनाव में हारी हैं, लेकिन मन से नहीं हारी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मन से हारना और चुनाव हारना दो अलग-अलग बातें हैं और ममता का हौसला अभी टूटा नहीं है।
राउत ने BJP और चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
राउत ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि BJP और चुनाव आयोग के बीच एक गठबंधन था, जिसके चलते पश्चिम बंगाल में BJP को जीत मिली। उन्होंने दावा किया कि 90 लाख मतदाताओं के नाम साजिशन मतदाता सूची से हटाए गए।
90 लाख मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप क्या है?
संजय राउत के अनुसार, पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग के इशारे पर 90 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, ताकि BJP के लिए जीत का रास्ता आसान हो सके। यह एक गंभीर आरोप है जिसे अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है।
शिवसेना (यूबीटी) का पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम पर क्या रुख है?
शिवसेना (यूबीटी) ने पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम को स्वीकार नहीं किया है और इसे संस्थागत साजिश का नतीजा बताया है। पार्टी नेता संजय राउत ने चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय दोनों पर विपक्ष की अनदेखी का आरोप लगाया है।
इस विवाद का आगे क्या असर हो सकता है?
राउत के बयान के बाद विपक्षी एकता की राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। यह देखना होगा कि विपक्षी दल इन आरोपों को संसद या न्यायालय में उठाते हैं या यह बयानबाज़ी तक सीमित रहता है।