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संजय राउत का BJP पर हमला: 'ED-CBI दो, 10 मिनट में 10 टुकड़े कर देंगे'

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संजय राउत का BJP पर हमला: 'ED-CBI दो, 10 मिनट में 10 टुकड़े कर देंगे'

सारांश

संजय राउत ने BJP पर दल-तोड़ राजनीति का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि सत्ता मिलने पर ED-CBI से BJP के 10 टुकड़े किए जाएंगे। तमिलनाडु में TVK के 15 विधायकों को ₹35-35 करोड़ में तोड़ने की कोशिश का भी दावा — लोकतंत्र पर सीधा सवाल।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने 2 जुलाई 2026 को मुंबई में पत्रकारों से कहा कि सत्ता आने पर ED और CBI से BJP के 10 मिनट में 10 टुकड़े कर देंगे।
राउत ने दावा किया कि तमिलनाडु में TVK के 15 विधायकों को तोड़ने के लिए ₹35-35 करोड़ का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्रीय एजेंसियों का विपक्ष को तोड़ने के लिए दुरुपयोग हो रहा है।
राउत ने चेताया कि यदि यही स्थिति रही, तो भविष्य में लोकतंत्र का अस्तित्व ही सवालों के घेरे में आ जाएगा।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है; BJP की आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं थी।

शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने 2 जुलाई 2026 को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला और कहा कि यदि विपक्ष को सत्ता मिली, तो केंद्रीय जाँच एजेंसियों — प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) — के ज़रिये BJP को 10 मिनट में 10 टुकड़ों में बाँट दिया जाएगा। राउत का यह बयान BJP पर दल-तोड़ राजनीति के आरोपों के बीच आया है।

राउत का विवादास्पद बयान

राउत ने कहा, 'सिर्फ एक घंटे के लिए ED और CBI हमारे हवाले कर दिया जाए, तो BJP के 10 टुकड़े करने में देर नहीं लगेगी — वो भी महज 10 मिनट में।' उन्होंने यह भी कहा कि जब BJP के पास तोड़ने के लिए कोई दूसरी पार्टी नहीं बचेगी, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह एक-दूसरे को ही तोड़ने पर उतर आएंगे।

तमिलनाडु का प्रसंग: ₹35-35 करोड़ का आरोप

राउत ने तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु में TVK के 15 विधायकों को तोड़ने की कोशिश की गई और इस खेल में ₹35-35 करोड़ का लेन-देन हुआ। राउत के अनुसार, इन विधायकों को तोड़ने का सीधा उद्देश्य राज्य सरकार को अस्थिर करना था। गौरतलब है कि यह आरोप राउत ने 'दावे के साथ' लगाए, हालाँकि इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

लोकतंत्र पर खतरे का दावा

शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि केंद्रीय जाँच एजेंसियों के दुरुपयोग से विपक्षी दलों को निशाना बनाया जा रहा है, जो लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने चेताया कि यदि यही स्थिति जारी रही, तो भविष्य में यह बताना पड़ेगा कि 'कभी इस देश में लोकतंत्र हुआ करता था।' आलोचकों का कहना है कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं के खिलाफ ED और CBI का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है, जबकि सरकार इन आरोपों को सिरे से नकारती रही है।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में शिवसेना के विभाजन को लेकर कानूनी लड़ाई अभी जारी है और INDIA गठबंधन के घटक दल केंद्र सरकार पर जाँच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते आए हैं। राउत का यह बयान विपक्षी एकता की राजनीति और जवाबी आक्रामकता का हिस्सा माना जा रहा है।

आगे क्या

राउत के इस बयान पर BJP की आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान आगामी चुनावी मौसम में विपक्ष की आक्रामक रणनीति का संकेत देते हैं। संसद के आगामी सत्र में यह मुद्दा गूँजने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी धार दोधारी है — जिस एजेंसी-दुरुपयोग की वे निंदा करते हैं, उसी हथियार को खुद इस्तेमाल करने की धमकी देकर वे नैतिक आधार कमज़ोर करते हैं। विपक्ष का 'जैसे को तैसा' वाला तर्क लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता की माँग को कमज़ोर करता है। तमिलनाडु में ₹35 करोड़ के आरोप गंभीर हैं, पर बिना साक्ष्य के ये केवल राजनीतिक बयानबाज़ी बनकर रह जाते हैं। असली सवाल यह है कि क्या INDIA गठबंधन ED-CBI सुधार का ठोस एजेंडा लेकर आएगा, या सत्ता मिलने पर वही खेल दूसरी तरफ से खेला जाएगा।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय राउत ने ED और CBI को लेकर क्या कहा?
राउत ने कहा कि यदि विपक्ष सत्ता में आया, तो सिर्फ एक घंटे के लिए ED और CBI उनके हवाले कर दी जाए — तो BJP के 10 टुकड़े 10 मिनट में हो जाएंगे। यह बयान उन्होंने 2 जुलाई 2026 को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में दिया।
राउत ने तमिलनाडु को लेकर क्या आरोप लगाए?
राउत ने दावा किया कि तमिलनाडु में TVK के 15 विधायकों को तोड़ने की कोशिश की गई और इसमें ₹35-35 करोड़ का लेन-देन हुआ। उनके अनुसार इसका मकसद राज्य सरकार को गिराना था। हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
BJP पर दल-तोड़ राजनीति के आरोप क्यों लग रहे हैं?
शिवसेना (यूबीटी) समेत कई विपक्षी दलों का आरोप है कि BJP केंद्रीय जाँच एजेंसियों — ED और CBI — का इस्तेमाल विपक्षी विधायकों और नेताओं को दबाव में लाकर दल-बदल कराने के लिए करती है। महाराष्ट्र में शिवसेना विभाजन इसी संदर्भ में देखा जाता है।
राउत के इस बयान का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह बयान INDIA गठबंधन की आक्रामक जवाबी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान केंद्रीय एजेंसियों की स्वायत्तता पर बहस को नई दिशा देते हैं और आगामी चुनावी मौसम में विपक्ष की तेवर को दर्शाते हैं।
BJP ने राउत के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
राउत के इस बयान पर BJP की आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं थी। BJP आमतौर पर केंद्रीय एजेंसियों के राजनीतिक दुरुपयोग के आरोपों को सिरे से नकारती रही है।
राष्ट्र प्रेस
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