टीकाराम जूली का आरोप: CBI-ED के ज़रिए विपक्ष को डरा रही है भाजपा, शिवसेना टूट पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने 19 जून 2025 को जयपुर में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को डरा-धमकाकर उनकी पार्टियाँ तुड़वा रही है। उन्होंने शिवसेना (UBT) में हुई टूट को इसी रणनीति का हिस्सा बताया और कहा कि इससे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।
मुख्य आरोप: जनादेश की अनदेखी
जूली ने कहा कि जब जनता किसी राजनीतिक दल को वोट देती है, तो उस दल के जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी होती है कि वे जनता की भावनाओं के अनुरूप कार्य करें। उनके अनुसार, भाजपा के सत्ता में आने के बाद लोकतांत्रिक मूल्यों को कमज़ोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को डराया, धमकाया और प्रलोभन देकर उनकी पार्टियाँ तुड़वाई जा रही हैं।
दल-बदल की बदलती राजनीति
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पहले यदि कोई जनप्रतिनिधि दल बदलता था तो वह इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ता था। लेकिन अब एक नया राजनीतिक चलन सामने आया है, जिसमें दो-तिहाई से अधिक विधायकों या सांसदों को साथ लेकर सीधे दूसरी पार्टी में शामिल करा दिया जाता है। जूली ने इसे लोकतंत्र के लिए बढ़ता हुआ खतरा करार दिया। गौरतलब है कि यह प्रवृत्ति हाल के वर्षों में कई राज्यों में देखी गई है।
झूठे मुकदमे और संविधान पर खतरे का दावा
जूली ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं पर कथित तौर पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मज़बूत विपक्ष की भूमिका अनिवार्य है, क्योंकि वही जनता की आवाज़ सरकार तक पहुँचाता है और गलत नीतियों पर सवाल उठाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान को कमज़ोर करना चाहती है, जबकि कांग्रेस संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
पड़ोसी देशों का संदर्भ और भविष्य की चेतावनी
जूली ने कहा कि भारत के कई पड़ोसी देशों में तख्तापलट जैसी घटनाएँ हुई हैं, लेकिन भारत में संविधान की मज़बूती के कारण ऐसा नहीं हो पाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार इसी प्रकार कार्य करती रही, तो भविष्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था पर संकट उत्पन्न हो सकता है।
मतदाता सूची और राजस्थान का दावा
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि गरीबों के वोट विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के माध्यम से काटे जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद आने वाले समय में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं।