भाजपा लोकतांत्रिक सरकारें गिरा रही है, भरोसे के काबिल नहीं: कांग्रेस नेता नीरज डांगी
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता नीरज डांगी ने 11 जून को जयपुर में पत्रकारों से बातचीत में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि यह पार्टी लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने पर उतारू है। उन्होंने कहा कि ऐसे आचरण से भाजपा ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है और यह लोकतंत्र की मूल भावना के विरुद्ध है।
लोकतंत्र पर डांगी के आरोप
डांगी ने कहा कि एक स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध होने चाहिए और जनता के जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, भाजपा एक ओर जहाँ चुनी हुई सरकारों को गिराने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों के राज्यसभा सांसदों को अपने पाले में खींचने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'इस तरह की स्थिति को किसी भी लोकतांत्रिक परिवेश में स्वीकार नहीं किया जा सकता।'
राजस्थान में भाजपा सरकार के खिलाफ जनाक्रोश
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि राजस्थान में भाजपा सरकार के विरुद्ध जनता का आक्रोश चरम पर पहुँच चुका है। उनके अनुसार, भाजपा के मुख्यमंत्री और पार्टी नेताओं को जहाँ भी जाना पड़ रहा है, वहाँ जनता के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। डांगी ने इसे उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि यह स्थिति सरकार गठन के मात्र ढाई साल बाद ही सामने आ रही है।
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का संदर्भ
डांगी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर इस यात्रा की शुरुआत की थी, तब पार्टी के सभी नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए इसमें भागीदारी की थी, जिससे ज़मीनी स्तर पर सकारात्मक माहौल बनाने में मदद मिली।
राजस्थान की राजनीतिक परंपरा और कांग्रेस का दावा
डांगी ने कहा कि राजस्थान में पाँच-पाँच साल बारी-बारी से कांग्रेस और भाजपा के सत्ता में आने की परिपाटी रही है। हालाँकि उन्होंने इससे आगे जाकर तुलनात्मक शासन का मुद्दा उठाया। उनके अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को अन्य राज्यों की भाजपा सरकारों ने भी अपनाया — जो कि उन योजनाओं की सफलता का प्रमाण है।
भाजपा पर अन्य आरोप और विपक्ष का रुख
डांगी ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) का दुरुपयोग कर राजनीतिक परिस्थितियों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके संपर्क में भाजपा के कुछ सांसद हैं, जो कथित तौर पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में तालमेल की कमी की बात स्वीकार करते हैं। डांगी ने नोटबंदी और हालिया NEET पेपर लीक विवाद का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा के पास शासन की कोई ठोस उपलब्धि नहीं है और महँगाई पर नियंत्रण पाने में सरकार विफल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर के मुद्दे पर '400 पार' का नारा देने वाली भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव में महज 240 सीटों पर सिमट गई और आने वाले दिनों में यह संख्या और घटेगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव अपने उच्चतम स्तर पर है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर भाजपा की प्रतिक्रिया और राजस्थान की राजनीतिक दिशा पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।