भाजपा रहते देश की मूल समस्याएँ नहीं सुलझेंगी: कांग्रेस की आपातकालीन बैठक में तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने 11 जून 2026 को नई दिल्ली के इंदिरा भवन में आयोजित पार्टी की आपातकालीन बैठक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जब तक भाजपा सत्ता में रहेगी, देश की बुनियादी समस्याएँ हल नहीं होंगी। प्रदेश अध्यक्षों और महासचिवों की इस बैठक में कई वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा पर चुनावी धांधली और लोकतंत्र को कमज़ोर करने के आरोप लगाए।
गोगोई का भाजपा पर सीधा प्रहार
गौरव गोगोई ने कहा कि भाजपा अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने की बजाय केवल आत्म-प्रचार में लगी हुई है। उन्होंने कहा, 'भाजपा देश के युवाओं की समस्याओं को सुलझाने की बजाय अपना ही ढोल पीट रही है, और इसी कारण देश की आर्थिक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।' गोगोई ने यह भी कहा कि लोकतंत्र को तोड़कर सत्ता तो हासिल की जा सकती है, लेकिन इससे देश के असली मुद्दे हल नहीं होते।
मीनाक्षी नटराजन मामला: 'सीट चोरी' का आरोप
कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने मीनाक्षी नटराजन से जुड़े मामले को उठाते हुए कहा कि यह घटना देश में एक नई नजीर बन गई है जहाँ कथित तौर पर 'सीट चोरी' की गई। पटवारी के अनुसार एक रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा अपराध किया गया और सरकार ने उसे संरक्षण दिया। उन्होंने कहा कि कानून, संविधान और जन-विश्वास — तीनों दाँव पर हैं, और दोषियों को इसकी सज़ा मिलनी चाहिए।
बघेल और महतो की प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मुख्य चुनाव आयोग (CEC) से अपेक्षाएँ सीमित हैं, लेकिन पार्टी संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करती रहेगी। वहीं कमलेश महतो ने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से संसदीय प्रणाली के विरुद्ध काम किया जा रहा है और लोकतंत्र की अनदेखी हो रही है। महतो ने कहा, 'हम आखिर तक लड़ेंगे।'
मध्य प्रदेश में लोकतंत्र पर सवाल
गोगोई ने विशेष रूप से मध्य प्रदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमज़ोर किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब मीनाक्षी नटराजन से जुड़ा विवाद पहले से ही चर्चा में है और विपक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है।
आगे क्या होगा
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि पार्टी इस मामले को संसद और संवैधानिक मंचों पर उठाती रहेगी। आपातकालीन बैठक में लिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी जल्द जारी होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई जब विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर लगातार सरकार पर दबाव बना रहे हैं।