कांग्रेस पहले खुद को संभाले, फिर सरकार पर आरोप लगाए: भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने 27 जून 2026 को पटना में कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) को केंद्र सरकार पर आरोप लगाने से पहले अपने स्वयं के संगठन और शासन पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो दल अपनी पार्टी को ठीक से नहीं संभाल सकता, उसे दूसरों की कार्यशैली पर प्रश्न उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।
कांग्रेस के संगठन पर सवाल
पासवान ने कहा कि कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर तो मुखर रहती है, लेकिन देश के भीतर उसकी स्थिति लगातार कमज़ोर हो रही है। उन्होंने कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि इन राज्यों में कांग्रेस के शासन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार, पार्टी न तो अपनी सरकारें ठीक से चला पा रही है और न ही संगठन को मज़बूत रख पा रही है।
RSS और ABVP पर BJP का पक्ष
मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान का समर्थन करते हुए पासवान ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है और भारतीय मजदूर संघ सबसे बड़ा मजदूर संगठन है। उन्होंने कहा कि RSS शांतिपूर्ण तरीके से देश के विकास के लिए कार्य कर रहा है और 'परम वैभव' के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को भी दुनिया के सबसे बड़े छात्र संगठनों में से एक बताया।
PM मोदी की सेशेल्स यात्रा और वैश्विक भूमिका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा पर पासवान ने कहा कि यह भारत के लिए गर्व की बात है कि देश आज वैश्विक स्तर पर ग्लोबल साउथ की आवाज़ बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री 'विश्व बंधु' की अवधारणा प्रस्तुत करते हैं, तो दुनियाभर के देश भारत को सम्मान देते हैं, जो भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा को दर्शाता है।
विपक्षी दलों पर 'ऑपरेशन टाइगर' की छाया
पासवान ने कहा कि 'ऑपरेशन टाइगर' के संदर्भ में परिवार-आधारित विपक्षी दल अस्तित्व के संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) का नाम लेते हुए कहा कि इन दलों में राजनीतिक अस्थिरता और संगठनात्मक चुनौतियाँ लगातार बढ़ रही हैं।
अयोध्या ट्रस्ट और UCC पर पासवान का रुख
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े मामलों पर उन्होंने इसे आस्था और श्रद्धा का विषय बताया और कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर उन्होंने कहा कि यह एक संवैधानिक विषय है और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर भी संविधान में समानता के सिद्धांत के पक्षधर थे, इसलिए UCC पर चर्चा स्वाभाविक और आवश्यक है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में UCC लागू करने की बहस तेज़ हो रही है।