कर्नाटक संकट पर भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान का कांग्रेस पर हमला, परिवारवाद और भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने मंगलवार, 26 मई को कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद पर 12 वर्ष पूरे होने के मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। पासवान ने पटना में कहा कि कांग्रेस में नेतृत्वहीनता और भ्रष्टाचार चरम पर है, जबकि मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व प्रगति हासिल की है।
कर्नाटक संकट पर भाजपा का रुख
गुरु प्रकाश पासवान ने कर्नाटक की स्थिति पर कहा, "कांग्रेस पार्टी की नीतियों, इरादों और नेतृत्व में लगातार भ्रम और असंगति बनी रहती है। यह पार्टी लोगों में विश्वास जगाने में पूरी तरह असमर्थ है। इसके पास कोई स्पष्ट दिशा या दृष्टिकोण नहीं है।" उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुँच चुका है और राज्य गंभीर संकट का सामना कर रहा है।
पासवान ने परिवारवाद पर निशाना साधते हुए कहा, "जब किसी पार्टी में मजबूत नेतृत्व नहीं होता और सिर्फ एक परिवार — राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी — का महिमामंडन होता है, तो ऐसी स्थिति आना स्वाभाविक है।" गौरतलब है कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के भीतर खींचतान की अटकलें लंबे समय से चल रही हैं।
मोदी के 12 वर्ष: भाजपा का दावा
प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल को ऐतिहासिक बताते हुए पासवान ने कहा, "यह सेवा, त्याग, समर्पण और तपस्या के 12 साल हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने एक वैश्विक मील का पत्थर हासिल किया है।" उन्होंने दावा किया कि 2014 से पहले भारत को कमज़ोर पाँच अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, जबकि आज देश दुनिया की शीर्ष पाँच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।
वित्तीय समावेशन और गरीब कल्याण के दावे
पासवान ने कहा कि 2014 में 55 प्रतिशत से अधिक लोग बैंकिंग नेटवर्क से बाहर थे और मोदी सरकार ने हर व्यक्ति को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने का अभियान सफलतापूर्वक चलाया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 12 वर्षों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लीकेज रोककर गरीब कल्याण योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाया गया है।
विपक्ष पर परिवारवाद का आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मोदी सरकार ने कांग्रेस की परिवार-केंद्रित राजनीति के विपरीत विकास और राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी है। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएँ तेज़ हो रही हैं और विपक्षी भाजपा इसे राजनीतिक अवसर के रूप में भुनाने की कोशिश कर रही है।
आगे क्या
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलें जारी रहने की संभावना है, और भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के खिलाफ प्रचार के रूप में इस्तेमाल करती रहेगी। पासवान के बयान से स्पष्ट है कि भाजपा कर्नाटक संकट को परिवारवाद और कुशासन की व्यापक कथा से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।