गौरव गोगोई का BJP पर हमला: 'शासन नहीं, सत्ता की चिंता' — मोदी के 12 साल पर कांग्रेस का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता और असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने 10 जून 2026 को गुवाहाटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पद पर 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। लोकसभा सांसद गोगोई ने आरोप लगाया कि BJP सरकार का ध्यान जनकल्याण और सुशासन से हटकर केवल अपनी सत्ता को बनाए रखने पर केंद्रित है।
मुख्य आरोप: शासन बनाम सत्ता
गौरव गोगोई ने कहा, 'सरकार बनने के बाद मंत्रियों को जिम्मेदारियां देनी चाहिए, उन्हें काम सौंपना चाहिए, रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए, नई नीतियां बनानी चाहिए और बजट के माध्यम से विकास की दिशा तय करनी चाहिए। लेकिन BJP इन कामों को छोड़कर विपक्ष को कमजोर करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने में व्यस्त दिखाई देती है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि BJP लोकतंत्र की भावना को कमजोर करना चाहती है।
रोजगार और महंगाई पर जनता के सवाल
गोगोई ने कहा कि देश के लोग आज कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब तलाश रहे हैं। उनके अनुसार, आम जनता जानना चाहती है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें कब कम होंगी। युवाओं की सबसे बड़ी चिंता रोजगार है — और उन्होंने सवाल उठाया कि यदि देश में पर्याप्त नौकरियां नहीं मिलेंगी, तो क्या युवाओं को रोजगार के लिए विदेश जाना पड़ेगा।
शिक्षा व्यवस्था पर चिंता
गोगोई ने उच्च शिक्षा की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्र इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उन्हें भारत के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पर्याप्त सीटें नहीं मिल रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश में उच्च शिक्षा की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।
आर्थिक स्थिति और पूंजी पलायन की आशंका
आर्थिक मोर्चे पर गोगोई ने कहा कि व्यापारी रुपए की गिरती कीमत पर नज़र रखे हुए हैं और सोच रहे हैं कि यह आगे कितना कमजोर होगा। निवेशक भी यह विचार कर रहे हैं कि भारत में निवेश करना बेहतर होगा या किसी दूसरे देश में। उन्होंने यह भी कहा कि धनी लोग विभिन्न कारणों से विदेशों में बसने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं — जो देश के लिए चिंताजनक संकेत है।
BJP की प्रतिक्रिया और राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर BJP ने इस अवसर को उपलब्धियों के जश्न के रूप में मनाया, जबकि कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इसे जवाबदेही की माँग के मौके के रूप में उपयोग किया। गोगोई का यह बयान उस व्यापक विपक्षी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें BJP पर संस्थागत कमज़ोरी और जन-मुद्दों से पलायन का आरोप लगाया जाता रहा है। आने वाले दिनों में इस राजनीतिक बहस के और तेज़ होने की संभावना है।