गुजरात भाजपा अध्यक्ष विश्वकर्मा का कांग्रेस पर आरोप: किसानों को गुमराह कर राजनीतिक हथियार बना रही है पार्टी
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने बुधवार, 17 जून को राजकोट जिले के गोंडल तालुका में आयोजित किसान सम्मेलन में कांग्रेस पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि पार्टी किसानों को गुमराह कर उनका राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने बीते 12 वर्षों में कृषि क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक समाधान और किसानों को सीधे सहयोग देने पर ध्यान केंद्रित किया है।
किसान सम्मेलन का संदर्भ
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्रीय नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा द्वारा चलाए जा रहे 'विश्वास, विकास और जन कल्याण अभियान' का हिस्सा था। विश्वकर्मा ने कहा कि मोदी सरकार के 4,399 दिनों के शासन में शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं से समाज के हर वर्ग को लाभ मिला है। उन्होंने दावा किया, 'आज देश में शायद ही कोई घर होगा जहाँ सरकार की किसी योजना का लाभ किसी एक व्यक्ति को न मिला हो।'
कांग्रेस पर सीधा हमला
विश्वकर्मा ने कांग्रेस के किसान-हितैषी दावों को खारिज करते हुए कहा, 'आज कांग्रेस किसानों के नाम पर राजनीति कर रही है। यही कांग्रेस वह थी जिसने अपने शासनकाल में किसानों पर गोलियाँ चलवाई थीं, जबकि भाजपा सरकार किसानों को सम्मान और सुरक्षा देने के मार्ग पर आगे बढ़ रही है।' उन्होंने जल संकट का उल्लेख करते हुए पूर्व कांग्रेस शासन को 'टैंकर राज' करार दिया और कहा कि एक समय अहमदाबाद और गांधीनगर से आने वाली ट्रेनों में यात्री नहीं बल्कि पानी के टैंकर आते थे।
कृषि खरीद के आँकड़े
समर्थन मूल्य पर खरीद का हवाला देते हुए विश्वकर्मा ने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले 12 वर्षों में देशभर के किसानों से ₹26 लाख करोड़ के कृषि उत्पाद खरीदे हैं। गुजरात के आँकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष राज्य में 17,41,287 मीट्रिक टन मूँगफली ₹12,646.97 करोड़ में, 78,420 मीट्रिक टन सोयाबीन ₹417.82 करोड़ में, 3,044 मीट्रिक टन उड़द ₹23.74 करोड़ में और 80,565 मीट्रिक टन तूर ₹644.53 करोड़ में खरीदी गई। उन्होंने यह भी बताया कि गोंडल कृषि उपज मंडी समिति का सालाना कारोबार ₹12,000 करोड़ से अधिक है, जो सौराष्ट्र की कृषि अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
प्राकृतिक खेती और सिंचाई पर जोर
भाजपा अध्यक्ष ने किसानों से प्राकृतिक खेती, आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं को अपनाकर लागत कम करने और आय बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 'बैक टू बेसिक्स' दृष्टिकोण को प्रोत्साहित कर रहे हैं। जल संकट के समाधान के संदर्भ में उन्होंने सरदार सरोवर परियोजना और नर्मदा योजना का उल्लेख किया और कहा कि इससे राज्य में पानी की उपलब्धता और कृषि की संभावनाओं में बड़ा बदलाव आया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्होंने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान का उल्लेख करते हुए लोगों से माँ के नाम पर कम से कम एक पेड़ लगाने की अपील की।
कृषि मंत्री वघानी की प्रतिक्रिया
राज्य कृषि मंत्री जीतू वघानी ने भी सभा को संबोधित किया और कहा कि भाजपा किसानों को राजनीतिक साधन नहीं बल्कि प्राथमिकता मानती है। उन्होंने बताया कि बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को सहायता देने के लिए ₹11,000 करोड़ का राहत पैकेज दिया गया है, जिसे उन्होंने अभूतपूर्व बताया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार ने समर्थन मूल्य पर ₹15,000 करोड़ का कृषि उत्पादन खरीदकर किसानों को सीधे लाभ पहुँचाया है। वघानी ने यह भी कहा कि जब भी किसानों को कठिनाई होती है, सरकार उनके साथ खड़ी रहती है और आगे भी खड़ी रहेगी।