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ईडी-सीबीआई से विपक्षी पार्टियाँ तोड़ी जा रही हैं: सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा का BJP पर हमला

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ईडी-सीबीआई से विपक्षी पार्टियाँ तोड़ी जा रही हैं: सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा का BJP पर हमला

सारांश

सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने BJP पर तीखा हमला बोला — ED-CBI से पार्टियाँ तोड़ने, 'ऑपरेशन टाइगर' को 'संगठित चोरी' बताने और राम मंदिर में अरबों के घोटाले का आरोप लगाया। साथ ही 2027 में सपा-कांग्रेस गठबंधन को BJP के लिए 'सफाये' का खतरा बताया।

मुख्य बातें

सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने 22 जून को आरोप लगाया कि BJP कथित तौर पर ED और CBI के ज़रिए विपक्षी विधायकों-सांसदों पर दबाव बनाकर पार्टियाँ तोड़ रही है।
शिवसेना (यूबीटी) के 6 बागी लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की संभावना के बीच यह बयान आया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के 'ऑपरेशन टाइगर' को वर्मा ने 'संगठित चोरी' करार दिया।
अयोध्या राम मंदिर में सामान्य दिन ₹10–12 लाख और प्रमुख पर्वों पर ₹50 लाख प्रतिदिन चंदे का उल्लेख करते हुए 'अरबों के घोटाले' का आरोप लगाया — पुष्टि नहीं हुई।
2024 लोकसभा में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने 80 सीटों पर लड़कर 43 सीटें जीती थीं; 2027 UP विधानसभा की 403 सीटों पर दोबारा गठबंधन की तैयारी का दावा।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने 22 जून को लखनऊ में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) कथित तौर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर चुने हुए विधायकों और सांसदों पर दबाव बनाकर विपक्षी दलों को तोड़ रही है। उन्होंने यह टिप्पणी शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में संभावित विलय की खबरों के संदर्भ में की।

शिवसेना विभाजन पर सपा का रुख

आशुतोष वर्मा ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी जिस तरह से काम कर रही है, उससे पता चलता है कि उसकी लोकतंत्र में कोई आस्था नहीं है, क्योंकि वह कथित तौर पर ED और CBI जैसी एजेंसियों के ज़रिए चुने हुए विधायकों और सांसदों पर दबाव बना रही है। अब विधायक और सांसद मजबूर किए जा रहे हैं और पार्टी तोड़ी जा रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि जिस दिन केंद्र और महाराष्ट्र में BJP सरकार गिरेगी, उस दिन सच्चाई सामने आ जाएगी और इस खेल में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

'ऑपरेशन टाइगर' पर तीखी प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा 'ऑपरेशन टाइगर' के सफल होने के दावे पर वर्मा ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "इसे ऑपरेशन कहना लोकतंत्र का मजाक उड़ाना है। ऑपरेशन तो सैनिक सीमा पर करते हैं या स्वास्थ्यकर्मी लोगों की जान बचाने के लिए करते हैं। यह तो चोरी है... संगठित चोरी, जो केंद्र सरकार की मदद से की जा रही है।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप लगातार बढ़ रहे हैं।

अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद

सपा प्रवक्ता ने अयोध्या राम मंदिर में चंदे को लेकर उठे विवाद पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "यह अपने आप में अजीब बात है कि आप चोरी भी करते हैं और फिर खुद ही पुलिसवाले बनकर चोर को पकड़ने का दावा भी करते हैं।" वर्मा के अनुसार, राम मंदिर में एक सामान्य दिन में ₹10–12 लाख और रामनवमी, दीपावलीदशहरे जैसे पर्वों पर प्रतिदिन ₹50 लाख तक चंदा चढ़ाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर में "अरबों का घोटाला हुआ है" — हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

ओपी राजभर के आरोपों पर पलटवार

मंत्री ओपी राजभर द्वारा सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर लगाए गए आरोपों पर वर्मा ने कहा कि राजभर को यह समझना चाहिए कि उन्हें BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से बयान दिलवाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया, "2027 के चुनाव परिणाम आते ही ओपी राजभर की पार्टी भी गायब हो जाएगी।"

2027 विधानसभा चुनाव और सपा-कांग्रेस गठबंधन

उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के साथ गठबंधन पर वर्मा ने कहा कि दोनों पार्टियाँ मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि सपा-कांग्रेस गठबंधन ने 80 सीटों पर चुनाव लड़कर 43 लोकसभा सीटें जीती थीं। उनके अनुसार, BJP इसी कारण डरी हुई है कि यदि दोनों दल फिर मिलकर उतरे तो उसका "सफाया हो जाएगा।" गठबंधन का अंतिम स्वरूप अभी तय होना बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों का प्रकरण इस बहस को एक ठोस घटनाक्रम से जोड़ता है। राम मंदिर चंदे पर लगाए गए 'अरबों के घोटाले' के आरोप गंभीर हैं, किंतु बिना दस्तावेज़ी साक्ष्य के ये राजनीतिक बयानबाज़ी की सीमा में रहते हैं। असली सवाल यह है कि क्या विपक्षी एकता — जिसका श्रेय 2024 के नतीजों को दिया जा रहा है — 2027 तक टिकेगी, या सीट-बँटवारे की खींचतान गठबंधन को कमज़ोर कर देगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आशुतोष वर्मा ने ED और CBI को लेकर BJP पर क्या आरोप लगाए?
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने आरोप लगाया कि BJP कथित तौर पर ED और CBI के ज़रिए चुने हुए विधायकों और सांसदों पर दबाव बनाकर विपक्षी पार्टियाँ तोड़ रही है। उन्होंने कहा कि जब केंद्र और महाराष्ट्र में BJP सरकार गिरेगी, तब इस खेल में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी।
शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों का मामला क्या है?
शिवसेना (यूबीटी) के 6 बागी लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की संभावना सामने आई है। सपा ने इसे BJP द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के दबाव से करवाई गई 'पार्टी तोड़ने' की कार्रवाई बताया है।
देवेंद्र फडणवीस के 'ऑपरेशन टाइगर' पर सपा ने क्या कहा?
सपा प्रवक्ता वर्मा ने 'ऑपरेशन टाइगर' को 'संगठित चोरी' करार दिया और कहा कि इसे 'ऑपरेशन' कहना लोकतंत्र का मजाक उड़ाना है। उनके अनुसार यह केंद्र सरकार की मदद से की जा रही राजनीतिक चाल है।
राम मंदिर चंदा विवाद में सपा का क्या आरोप है?
सपा प्रवक्ता ने दावा किया कि अयोध्या राम मंदिर में सामान्य दिन ₹10–12 लाख और प्रमुख पर्वों पर ₹50 लाख प्रतिदिन चंदा चढ़ाया जाता है और 'अरबों का घोटाला हुआ है।' ये आरोप राजनीतिक हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
2027 UP विधानसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन की क्या स्थिति है?
सपा प्रवक्ता वर्मा के अनुसार, उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर सपा और कांग्रेस दोनों मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं। 2024 लोकसभा में इस गठबंधन ने 80 सीटों पर लड़कर 43 सीटें जीती थीं, जिसे वर्मा ने BJP के लिए चेतावनी बताया।
राष्ट्र प्रेस
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