ईडी-सीबीआई से विपक्षी पार्टियाँ तोड़ी जा रही हैं: सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा का BJP पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने 22 जून को लखनऊ में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) कथित तौर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर चुने हुए विधायकों और सांसदों पर दबाव बनाकर विपक्षी दलों को तोड़ रही है। उन्होंने यह टिप्पणी शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में संभावित विलय की खबरों के संदर्भ में की।
शिवसेना विभाजन पर सपा का रुख
आशुतोष वर्मा ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी जिस तरह से काम कर रही है, उससे पता चलता है कि उसकी लोकतंत्र में कोई आस्था नहीं है, क्योंकि वह कथित तौर पर ED और CBI जैसी एजेंसियों के ज़रिए चुने हुए विधायकों और सांसदों पर दबाव बना रही है। अब विधायक और सांसद मजबूर किए जा रहे हैं और पार्टी तोड़ी जा रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि जिस दिन केंद्र और महाराष्ट्र में BJP सरकार गिरेगी, उस दिन सच्चाई सामने आ जाएगी और इस खेल में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
'ऑपरेशन टाइगर' पर तीखी प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा 'ऑपरेशन टाइगर' के सफल होने के दावे पर वर्मा ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "इसे ऑपरेशन कहना लोकतंत्र का मजाक उड़ाना है। ऑपरेशन तो सैनिक सीमा पर करते हैं या स्वास्थ्यकर्मी लोगों की जान बचाने के लिए करते हैं। यह तो चोरी है... संगठित चोरी, जो केंद्र सरकार की मदद से की जा रही है।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप लगातार बढ़ रहे हैं।
अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद
सपा प्रवक्ता ने अयोध्या राम मंदिर में चंदे को लेकर उठे विवाद पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "यह अपने आप में अजीब बात है कि आप चोरी भी करते हैं और फिर खुद ही पुलिसवाले बनकर चोर को पकड़ने का दावा भी करते हैं।" वर्मा के अनुसार, राम मंदिर में एक सामान्य दिन में ₹10–12 लाख और रामनवमी, दीपावली व दशहरे जैसे पर्वों पर प्रतिदिन ₹50 लाख तक चंदा चढ़ाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर में "अरबों का घोटाला हुआ है" — हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ओपी राजभर के आरोपों पर पलटवार
मंत्री ओपी राजभर द्वारा सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर लगाए गए आरोपों पर वर्मा ने कहा कि राजभर को यह समझना चाहिए कि उन्हें BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से बयान दिलवाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया, "2027 के चुनाव परिणाम आते ही ओपी राजभर की पार्टी भी गायब हो जाएगी।"
2027 विधानसभा चुनाव और सपा-कांग्रेस गठबंधन
उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के साथ गठबंधन पर वर्मा ने कहा कि दोनों पार्टियाँ मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि सपा-कांग्रेस गठबंधन ने 80 सीटों पर चुनाव लड़कर 43 लोकसभा सीटें जीती थीं। उनके अनुसार, BJP इसी कारण डरी हुई है कि यदि दोनों दल फिर मिलकर उतरे तो उसका "सफाया हो जाएगा।" गठबंधन का अंतिम स्वरूप अभी तय होना बाकी है।