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'ऑपरेशन टाइगर' पर सियासी संग्राम: शिवसेना (यूबीटी) ने जारी किया व्हिप, कांग्रेस ने उठाए दल-बदल पर सवाल

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'ऑपरेशन टाइगर' पर सियासी संग्राम: शिवसेना (यूबीटी) ने जारी किया व्हिप, कांग्रेस ने उठाए दल-बदल पर सवाल

सारांश

महाराष्ट्र में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' ने सियासी आग भड़का दी है। शिवसेना (यूबीटी) ने व्हिप जारी कर गुरुवार को सांसदों की बैठक बुलाई, कानूनी विकल्प तलाशे जा रहे हैं। भाजपा ने ₹15 करोड़ के आरोप नकारे, कांग्रेस ने दल-बदल की राजनीति पर तीखा हमला बोला।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) नेता सुषमा अंधारे ने कहा कि पार्टी कथित 'ऑपरेशन टाइगर' पर सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।
पार्टी ने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया; गुरुवार सुबह 11 बजे नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई।
अंधारे के अनुसार, नागेश पाटिल आष्टीकर और संजय देशमुख मंगलवार शाम तक पार्टी नेताओं के संपर्क में थे।
भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने सांसदों को ₹15 करोड़ की पेशकश के आरोपों को निराधार बताया।
मध्य प्रदेश कांग्रेस के मुकेश नायक ने दल-बदल की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

महाराष्ट्र की राजनीति में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर विपक्षी दलों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तीखी नोकझोंक तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) की नेता सुषमा अंधारे ने 17 जून को दावा किया कि पार्टी इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नज़र बनाए हुए है और सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें विपक्ष की राजनीतिक हताशा बताया, जबकि कांग्रेस ने दल-बदल की राजनीति पर भाजपा को घेरा।

व्हिप जारी, गुरुवार को अहम बैठक

सुषमा अंधारे ने बताया कि पार्टी ने अपने सभी सांसदों के लिए व्हिप जारी कर दिया है और गुरुवार सुबह 11 बजे नई दिल्ली में सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता इस समय दिल्ली में कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श कर रहे हैं और इस बैठक के बाद स्थिति और स्पष्ट होकर सामने आएगी।

अंधारे ने दावा किया कि जिन नेताओं के नाम पार्टी छोड़ने की अटकलों में उभर रहे हैं, उनमें से कुछ हाल तक पार्टी नेतृत्व के सीधे संपर्क में थे। उनके अनुसार, नागेश पाटिल आष्टीकर मंगलवार की शाम तक पार्टी नेताओं से बातचीत में थे और संजय देशमुख भी संपर्क में थे, हालांकि अब उनके बारे में अलग-अलग राजनीतिक चर्चाएं सामने आ रही हैं।

'टाइगर नहीं, लोमड़ी जैसी चाल'

अंधारे ने 'ऑपरेशन टाइगर' के नामकरण पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, 'टाइगर दिनदहाड़े शिकार करता है, लेकिन यह तरीका तो लोमड़ी जैसा है — पर्दे के पीछे की जाने वाली राजनीतिक गतिविधि को ऑपरेशन टाइगर कैसे कहा जा सकता है?' उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों और बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के मद्देनज़र भाजपा राज्यसभा में अपना संख्याबल बढ़ाने की कोशिश में है। उनके अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (यूबीटी) के सांसद इस रणनीति के निशाने पर हैं।

भाजपा का पलटवार

पटना में भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के उस दावे को पूरी तरह नकार दिया, जिसमें कहा गया था कि महाराष्ट्र के सांसदों को पाला बदलने के लिए ₹15 करोड़ तक की पेशकश की जा रही है। सिग्रीवाल ने कहा कि यह पागलपन और दिमागी दिवालियापन के अलावा कुछ नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि जब विपक्षी दलों के नेता स्वयं अपने नेतृत्व से असंतुष्ट होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों से प्रभावित होते हैं, तब इस तरह के निराधार आरोप गढ़े जाते हैं।

कांग्रेस ने उठाया दल-बदल का मुद्दा

भोपाल में मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन मुकेश नायक ने कहा कि 'आया राम-गया राम' की राजनीति भाजपा शासनकाल में अपने चरम पर पहुंच गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में कई मामलों की सीबीआई जांच होती है, लेकिन दल-बदल की घटनाओं की कभी निष्पक्ष जांच नहीं होती। नायक ने कहा कि भारतीय राजनीति में इस समय अस्थिरता का माहौल है और यह अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है कि कौन नेता कब और किस दल का रुख कर लेगा।

आगे क्या होगा

गुरुवार की बैठक के बाद शिवसेना (यूबीटी) की अगली रणनीति स्पष्ट होने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है। राज्यसभा की सीटों को लेकर होने वाला यह संभावित खींचतान आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस पूरे विवाद को तथ्य से ज़्यादा आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति बनाता है। असली सवाल यह है कि राज्यसभा संख्याबल की यह होड़ परिसीमन प्रक्रिया को किस हद तक प्रभावित कर सकती है — एक ऐसा मुद्दा जिस पर मुख्यधारा की कवरेज अभी पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही। गुरुवार की बैठक के बाद ही तस्वीर कुछ साफ होगी।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कथित 'ऑपरेशन टाइगर' क्या है?
'ऑपरेशन टाइगर' एक कथित राजनीतिक रणनीति का नाम है, जिसके तहत शिवसेना (यूबीटी) और अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि भाजपा राज्यसभा में अपना संख्याबल बढ़ाने के लिए विपक्षी सांसदों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
शिवसेना (यूबीटी) ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
पार्टी ने अपने सभी सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है और गुरुवार सुबह 11 बजे नई दिल्ली में एक अहम बैठक बुलाई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता दिल्ली में कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श कर रहे हैं और सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
भाजपा ने ₹15 करोड़ की पेशकश के आरोपों पर क्या कहा?
भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने संजय राउत के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें 'पागलपन और दिमागी दिवालियापन' बताया। उन्होंने कहा कि जब विपक्षी नेता खुद अपने नेतृत्व से असंतुष्ट होते हैं, तब इस तरह के मनगढ़ंत आरोप लगाए जाते हैं।
कांग्रेस ने इस विवाद पर क्या रुख अपनाया?
मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन मुकेश नायक ने कहा कि 'आया राम-गया राम' की राजनीति भाजपा शासनकाल में चरम पर है। उन्होंने मांग की कि दल-बदल की घटनाओं की भी सीबीआई जैसी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
नागेश पाटिल आष्टीकर और संजय देशमुख का इस मामले से क्या संबंध है?
सुषमा अंधारे के अनुसार, नागेश पाटिल आष्टीकर और संजय देशमुख उन नेताओं में हैं जिनके नाम पार्टी छोड़ने की अटकलों में सामने आए हैं। अंधारे ने दावा किया कि आष्टीकर मंगलवार शाम तक और देशमुख भी पार्टी नेताओं के संपर्क में थे, हालांकि अब उनके बारे में अलग-अलग चर्चाएं हैं।
राष्ट्र प्रेस
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