16 सितंबर 2026
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यूपीआई बड़े लेनदेन शुल्क सुरक्षा के लिए: भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने कांग्रेस की आशंकाओं को खारिज किया

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यूपीआई बड़े लेनदेन शुल्क सुरक्षा के लिए: भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने कांग्रेस की आशंकाओं को खारिज किया

सारांश

भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने एक साथ कई मोर्चों पर विपक्ष को घेरा — यूपीआई शुल्क को सुरक्षा की ज़रूरत बताया, EPF संशोधन का बचाव किया, और UCC पर कांग्रेस व उमर अब्दुल्ला पर मुस्लिम समाज में भय फैलाने का आरोप लगाया। यह बयान ऐसे समय में आया जब कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने 16 सितंबर 2026 को यूपीआई शुल्क, EPF, UCC और भारत-पाकिस्तान नौसैनिक टकराव पर विपक्ष की आलोचना की।
बड़े यूपीआई लेनदेन पर मामूली शुल्क साइबर सुरक्षा और सेवा लागत के लिए है; कांग्रेस पर भय फैलाने का आरोप।
EPF संशोधन से करीब 51 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद।
मक्का के पास कथित ड्रोन हमले की खबर पर भारत सरकार ने खंडन कर कड़ी निंदा की।
भारत-पाकिस्तान नौसैनिक टकराव पर पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को तलब कर औपचारिक आपत्ति दर्ज।
UCC से मुसलमानों को कोई खतरा नहीं; उमर अब्दुल्ला , कांग्रेस और सपा पर भ्रम फैलाने का आरोप।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद गुलाम अली खटाना ने 16 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में यूपीआई शुल्क, ईपीएफ संशोधन, मक्का के निकट कथित ड्रोन हमले, भारत-पाकिस्तान नौसैनिक टकराव और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे कई मुद्दों पर विपक्षी दलों की आलोचना की। खटाना ने स्पष्ट रूप से कहा कि बड़े यूपीआई लेनदेन पर लगाया गया मामूली शुल्क गरीबों पर नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा व सेवा लागत के लिए है और कांग्रेस इस मुद्दे पर अनावश्यक भय फैला रही है।

यूपीआई शुल्क पर भाजपा का पक्ष

खटाना ने कहा कि यूपीआई ने देश में डिजिटल भुगतान को अभूतपूर्व रूप से सुलभ बनाया है। उन्होंने तर्क दिया कि पहले एटीएम सहित अन्य वित्तीय माध्यमों पर अपेक्षाकृत अधिक शुल्क लगते थे। साइबर अपराधों से सुरक्षा, लेनदेन की निगरानी और तकनीकी सेवाओं की परिचालन लागत को ध्यान में रखते हुए बड़े लेनदेन पर मामूली शुल्क लगाने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह यूपीआई को लेकर आम जनता — खासकर गरीब वर्ग — में भ्रम और भय पैदा कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि छोटे और रोज़मर्रा के लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगाया गया है।

ईपीएफ संशोधन: 51 लाख कर्मचारियों को लाभ

कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) से जुड़े केंद्र सरकार के हालिया फैसले का बचाव करते हुए खटाना ने कहा कि इस संशोधन से करीब 51 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। उनके अनुसार, सरकार न केवल रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने पर ध्यान देती है, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उसकी प्राथमिकता में है।

मक्का के पास कथित ड्रोन हमले पर प्रतिक्रिया

मक्का के निकट कथित ड्रोन हमले की खबर पर खटाना ने कहा कि किसी भी पवित्र स्थल के आसपास इस प्रकार की घटना पूरी तरह निंदनीय है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने इस खबर का खंडन करते हुए कड़े शब्दों में इसकी निंदा की है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव का माहौल बना हुआ है।

भारत-पाकिस्तान नौसैनिक टकराव

भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच टकराव की खबर पर खटाना ने कहा कि दोनों देशों के बीच एक द्विपक्षीय संधि है और इस तरह की कोई भी घटना उस संधि का गंभीर उल्लंघन होगी। उन्होंने दावा किया कि भारत सरकार ने पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को तलब कर इस मामले में औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच समुद्री सीमा को लेकर तनाव पहले भी कई बार उभरा है।

यूसीसी पर विपक्ष के आरोपों का खंडन

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की UCC पर की गई टिप्पणी के जवाब में खटाना ने कहा कि देश में पहले से भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू है, जिसके तहत चोरी, डकैती और हत्या जैसे अपराधों के लिए सभी नागरिकों पर समान आपराधिक कानून लागू होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और उमर अब्दुल्ला जैसे नेता UCC को लेकर मुस्लिम समाज में अनावश्यक भय का माहौल बना रहे हैं। खटाना के अनुसार, UCC से मुसलमानों को किसी प्रकार का खतरा नहीं है। आने वाले दिनों में UCC पर राजनीतिक बहस और तेज़ होने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यूपीआई शुल्क पर उनका तर्क अधूरा है — यह स्पष्ट नहीं किया गया कि 'बड़े लेनदेन' की सीमा क्या होगी और शुल्क की दर क्या रहेगी, जो असली चिंता का विषय है। EPF संशोधन पर '51 लाख लाभार्थियों' का दावा सत्यापन के बिना महज़ संख्या है। भारत-पाकिस्तान नौसैनिक टकराव पर राजनयिक विरोध की बात तो हुई, किंतु विस्तृत तथ्य सामने नहीं आए — ऐसे में मुख्यधारा की कवरेज को घटनाक्रम की पुष्टि पर ज़ोर देना चाहिए था।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपीआई बड़े लेनदेन पर शुल्क क्यों लगाया गया है?
भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना के अनुसार, बड़े यूपीआई लेनदेन पर मामूली शुल्क साइबर अपराधों से सुरक्षा, लेनदेन निगरानी और तकनीकी सेवाओं की परिचालन लागत के लिए लगाया गया है। उनका कहना है कि छोटे और रोज़मर्रा के लेनदेन इससे अप्रभावित रहेंगे।
EPF संशोधन से कितने लोगों को फायदा होगा?
खटाना के अनुसार, केंद्र सरकार के EPF सीमा संशोधन से करीब 51 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। यह संशोधन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा को मज़बूत करने के उद्देश्य से किया गया है।
भारत-पाकिस्तान नौसैनिक टकराव पर सरकार ने क्या कदम उठाया?
खटाना ने दावा किया कि भारत सरकार ने पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को तलब कर इस मामले में औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई टकराव हुआ है तो यह दोनों देशों के बीच मौजूद द्विपक्षीय संधि का गंभीर उल्लंघन होगा।
UCC से मुसलमानों को खतरा है या नहीं?
खटाना ने स्पष्ट किया कि UCC से मुसलमानों को किसी प्रकार का खतरा नहीं है। उनका कहना है कि देश में पहले से BNS के तहत सभी नागरिकों पर समान आपराधिक कानून लागू है और कांग्रेस, सपा तथा उमर अब्दुल्ला जैसे नेता UCC पर मुस्लिम समाज में अनावश्यक भय फैला रहे हैं।
मक्का के पास ड्रोन हमले पर भारत का रुख क्या है?
खटाना के अनुसार, भारत सरकार ने मक्का के पास कथित ड्रोन हमले की खबर का खंडन करते हुए कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि किसी भी पवित्र स्थल के आसपास इस तरह की घटना पूरी तरह निंदनीय है।
राष्ट्र प्रेस
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