BJP सांसद गुलाम अली खटाना का विपक्ष पर हमला: UPI शुल्क, EPF, UCC और नौसैनिक टकराव पर दिए जवाब
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद गुलाम अली खटाना ने 16 सितंबर को यूपीआई (UPI) शुल्क, कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में संशोधन, मक्का के पास कथित ड्रोन हमले, भारत-पाकिस्तान नौसैनिक टकराव और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे कई मुद्दों पर विपक्षी दलों की आलोचना की। उन्होंने कांग्रेस पर UPI को लेकर जनता में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि इस डिजिटल भुगतान प्रणाली से गरीब वर्ग को कोई नुकसान नहीं होगा।
UPI शुल्क पर BJP का पक्ष
खटाना ने कहा कि UPI ने डिजिटल लेनदेन को पहले की तुलना में कहीं अधिक सुलभ बनाया है। उन्होंने तर्क दिया कि पूर्व में एटीएम और अन्य माध्यमों पर अपेक्षाकृत अधिक खर्च होता था। साइबर सुरक्षा, लेनदेन निगरानी और सेवाओं की परिचालन लागत को देखते हुए केवल बड़े लेनदेन पर मामूली शुल्क प्रस्तावित किए गए हैं।
उन्होंने सीधे तौर पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह UPI को लेकर लोगों में अनावश्यक भय उत्पन्न कर रही है। खटाना के अनुसार, यह शुल्क ढाँचा छोटे और मध्यम लेनदेन करने वाले आम नागरिकों को प्रभावित नहीं करेगा।
EPF संशोधन से 51 लाख कर्मचारियों को लाभ का दावा
ईपीएफ (EPF) से जुड़े केंद्र सरकार के फैसले पर खटाना ने कहा कि इस संशोधन से करीब 51 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सरकार रोज़गार सृजन के साथ-साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। यह कदम कर्मचारी वर्ग के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
मक्का के पास कथित ड्रोन हमले पर प्रतिक्रिया
मक्का के पास कथित ड्रोन हमले की खबरों पर खटाना ने कहा कि किसी भी पवित्र स्थल के आसपास इस प्रकार की घटना पूरी तरह निंदनीय है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार ने ऐसी खबरों का खंडन किया है और कड़े शब्दों में इसकी भर्त्सना की है। गौरतलब है कि इस घटना की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
भारत-पाकिस्तान नौसैनिक टकराव पर BJP सांसद का बयान
भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच कथित टकराव की खबर पर खटाना ने कहा कि दोनों देशों के बीच एक द्विपक्षीय संधि मौजूद है और ऐसी कोई भी घटना उसका गंभीर उल्लंघन होगी। उन्होंने दावा किया कि भारत सरकार ने पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को तलब कर इस मामले में औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है। हालाँकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि स्वतंत्र स्रोतों से अभी बाकी है।
UCC पर विपक्ष को खटाना का करारा जवाब
समान नागरिक संहिता (UCC) पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की टिप्पणियों के जवाब में खटाना ने कहा कि देश में पहले से ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू है, जिसके तहत चोरी, डकैती और हत्या जैसे अपराधों के लिए सभी नागरिकों पर समान आपराधिक कानून प्रभावी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और उमर अब्दुल्ला जैसे नेता UCC को लेकर मुस्लिम समाज में भय का माहौल बना रहे हैं। खटाना ने स्पष्ट किया कि UCC से मुस्लिम समुदाय को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।
यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब संसद के मानसून सत्र के बाद भी UCC को लेकर राजनीतिक बहस थमी नहीं है और विभिन्न दल अपने-अपने मतदाता वर्ग को साधने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर संसद और सड़क — दोनों स्तरों पर बहस और तेज़ होने के आसार हैं।