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जनजातीय मंत्रालय ने 10 एजेंसियों से किया MoU, केएसयूएम के ज़रिए 1,000 ST स्टार्टअप्स को मिलेगा बूस्ट

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जनजातीय मंत्रालय ने 10 एजेंसियों से किया MoU, केएसयूएम के ज़रिए 1,000 ST स्टार्टअप्स को मिलेगा बूस्ट

सारांश

केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय ने 10 एजेंसियों के साथ MoU पर हस्ताक्षर कर एक राष्ट्रीय ST स्टार्टअप पहल शुरू की है, जिसमें केरल का KSUM भी शामिल है। लक्ष्य है देशभर में 1,000 आदिवासी उद्यमियों तक पहुँचना और 100 को VCF-ST फंडिंग दिलाना — स्टार्टअप इकोसिस्टम की सबसे बड़ी जनजातीय समावेश कोशिश।

मुख्य बातें

केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने 10 एजेंसियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर राष्ट्रीय ST स्टार्टअप पहल शुरू की।
केरल स्टार्टअप मिशन (KSUM) को चुने गए 10 संस्थानों में शामिल किया गया है।
लक्ष्य — देशभर में 1,000 ST उद्यमियों तक पहुँच; कम से कम 100 को VCF-ST के तहत फंडिंग व इनक्यूबेशन।
VCF-ST के तहत ₹50 लाख तक की वित्तीय सहायता (6 माह की 51% ST स्वामित्व शर्त के साथ); ₹50 लाख से अधिक के लिए 12 माह की शर्त।
संतोषजनक प्रगति पर 3 वर्ष तक प्रति वर्ष ₹10 लाख इनक्यूबेशन फंडिंग भी उपलब्ध; आवेदन वर्तमान में खुले हैं।
पहल में शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल अवसंरचना और AI क्षेत्रों में जनजातीय विकास को प्राथमिकता दी गई है।

केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने अनुसूचित जनजाति (ST) उद्यमियों के नेतृत्व वाले स्टार्टअप और उद्यमों की पहचान, संवर्धन, मार्गदर्शन और वित्तपोषण के लिए एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय पहल शुरू की है। इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु चुने गए 10 संस्थानों में केरल स्टार्टअप मिशन (KSUM) को भी शामिल किया गया है। मंत्रालय ने इन सभी एजेंसियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

पहल का उद्देश्य और लक्ष्य

केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जनजातीय युवाओं की क्षमता का उपयोग करते हुए उन्हें रोज़गार सृजनकर्ता और रोज़गार प्राप्तकर्ता — दोनों के रूप में तैयार करना है। इसके लिए ST नवप्रवर्तकों और उद्यमियों को पहुँच और मार्गदर्शन का विस्तार दिया जाएगा।

जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके ने कहा कि यह पहल शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल अवसंरचना और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सहित विभिन्न क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों के समग्र विकास को गति देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

केएसयूएम की भूमिका और केरल में लाभ

KSUM केरल सरकार की उद्यमिता विकास और इनक्यूबेशन के लिए नोडल एजेंसी है। इसके साथ हुए MoU के तहत केरल में ST-नेतृत्व वाले उद्यमों को संरचित क्षमता निर्माण, मार्गदर्शन, बाज़ार संपर्क और निवेश के लिए तैयारी में सहायता दी जाएगी।

केएसयूएम के सीईओ अनूप अंबिका ने कहा कि केरल का स्टार्टअप इकोसिस्टम ST समुदायों के बीच नवाचार-आधारित उद्यमिता की पहचान और उसे बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह अनुकूल है। केरल के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी विभाग के विशेष सचिव सीरम सांबासिवा राव ने भी कहा कि यह MoU आदिवासी युवाओं की प्रौद्योगिकी-उन्मुख परियोजनाओं को नई ऊँचाई देगा।

वेंचर कैपिटल फंड — VCF-ST की शर्तें

इस पहल के अंतर्गत देशभर में लगभग 1,000 ST उद्यमियों तक पहुँचने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से कम से कम 100 को अनुसूचित जनजातियों के लिए वेंचर कैपिटल फंड (VCF-ST) के तहत वित्तपोषण और इनक्यूबेशन प्रदान किया जाएगा।

VCF-ST योजना के तहत, जिन कंपनियों में ST उद्यमियों की कम से कम 51% हिस्सेदारी और प्रबंधन नियंत्रण हो, वे ₹50 लाख तक की वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकती हैं — बशर्ते यह स्वामित्व शर्त 6 महीने तक बरकरार रहे। ₹50 लाख से अधिक की फंडिंग के लिए यह शर्त 12 महीने तक बनाए रखनी होगी। इसके अतिरिक्त, संतोषजनक प्रगति के अधीन 3 वर्षों के लिए प्रति वर्ष ₹10 लाख तक की इनक्यूबेशन फंडिंग भी दी जाएगी। आवेदन वर्तमान में खुले हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

जनजातीय मामलों की सचिव रंजना चोपड़ा ने कहा कि नवाचार आदिवासी समुदायों के लिए कोई नई अवधारणा नहीं है — पारंपरिक आदिवासी प्रणालियों में व्यापक ज्ञान और नवाचार निहित है, जो अब तक मुख्यधारा तक नहीं पहुँच सका। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि इस नवाचार को मुख्यधारा में लाने के लिए एक सुनियोजित रणनीति अनिवार्य है।

यह ऐसे समय में आया है जब देश की कुल स्टार्टअप संख्या और ST-नेतृत्व वाले स्टार्टअप के बीच की खाई को पाटना सरकार की प्राथमिकता बन चुकी है। गौरतलब है कि यह पहल मंत्रालय के उन समग्र प्रयासों की कड़ी है, जो जनजातीय समुदायों को डिजिटल और आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने पर केंद्रित हैं।

आने वाले महीनों में KSUM और अन्य चयनित एजेंसियों के ज़रिए इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन की गति से यह तय होगा कि यह पहल ज़मीनी स्तर पर कितना बदलाव ला पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 की संख्या नहीं, बल्कि उन 100 उद्यमियों की गुणवत्ता होगी जिन्हें VCF-ST फंडिंग मिलेगी। भारत में आदिवासी उद्यमिता कार्यक्रमों का इतिहास बताता है कि MoU और इनक्यूबेशन के बावजूद बाज़ार संपर्क और उत्तर-इनक्यूबेशन सहायता की कमी से स्टार्टअप अक्सर दम तोड़ देते हैं। 51% स्वामित्व की शर्त सकारात्मक है, पर छह से बारह महीने की अल्पकालिक समीक्षा खिड़की दीर्घकालिक व्यावसायिक स्थिरता के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती। KSUM जैसी स्थापित एजेंसी की भागीदारी उत्साहजनक है — लेकिन इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि मंत्रालय परिणामों की स्वतंत्र निगरानी कैसे सुनिश्चित करता है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय की राष्ट्रीय ST स्टार्टअप पहल क्या है?
यह केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक राष्ट्रीय योजना है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जनजाति (ST) उद्यमियों के स्टार्टअप की पहचान, मार्गदर्शन और वित्तपोषण करना है। इसके तहत 10 एजेंसियों के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए गए हैं और देशभर में 1,000 ST उद्यमियों तक पहुँचने का लक्ष्य है।
VCF-ST (वेंचर कैपिटल फंड फॉर शेड्यूल्ड ट्राइब्स) के तहत कितनी फंडिंग मिलती है?
VCF-ST के तहत, जिन कंपनियों में ST उद्यमियों की कम से कम 51% हिस्सेदारी और प्रबंधन नियंत्रण हो, वे ₹50 लाख तक की वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकती हैं। ₹50 लाख से अधिक की फंडिंग के लिए यह स्वामित्व शर्त 12 महीने तक बरकरार रखनी होगी। इसके अलावा 3 वर्षों तक प्रति वर्ष ₹10 लाख तक की इनक्यूबेशन फंडिंग भी उपलब्ध है।
केरल स्टार्टअप मिशन (KSUM) इस पहल में कैसे भूमिका निभाएगा?
KSUM, जो केरल सरकार की उद्यमिता विकास और इनक्यूबेशन की नोडल एजेंसी है, MoU के तहत केरल में ST-नेतृत्व वाले उद्यमों को क्षमता निर्माण, मार्गदर्शन, बाज़ार संपर्क और निवेश के लिए तैयारी में सहायता प्रदान करेगी। यह पहल केरल के मौजूदा स्टार्टअप इकोसिस्टम का लाभ उठाएगी।
इस पहल से कौन आवेदन कर सकता है और आवेदन कैसे करें?
ऐसी कंपनियाँ जिनमें ST उद्यमियों की कम से कम 51% हिस्सेदारी और प्रबंधन नियंत्रण हो, इस योजना के लिए पात्र हैं। मंत्रालय के अनुसार आवेदन वर्तमान में खुले हैं और KSUM सहित 10 चयनित एजेंसियों के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
इस पहल के तहत किन क्षेत्रों में जनजातीय उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा?
राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके के अनुसार, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल अवसंरचना और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रमुख क्षेत्र हैं। KSUM के CEO अनूप अंबिका ने विशेष रूप से प्रौद्योगिकी-उन्मुख नवोन्मेषी परियोजनाओं पर ज़ोर दिया है।
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