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जयंत चौधरी का लोकसभा में बयान: पीएम जनमन के अंतर्गत वन धन विकास केंद्रों का प्रशिक्षण जारी

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जयंत चौधरी का लोकसभा में बयान: पीएम जनमन के अंतर्गत वन धन विकास केंद्रों का प्रशिक्षण जारी

सारांश

प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) के तहत वन धन विकास केंद्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है, जिसका उद्देश्य कमजोर जनजातीय समुदायों की स्थिति में सुधार लाना है। जानिए इस योजना के बारे में और क्या है इसके प्रमुख बिंदु।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान का उद्देश्य कमजोर जनजातीय समुदायों का विकास करना है।
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अंतर्गत वन धन विकास केंद्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
15 राज्यों में 500 वीडीवीके का संचालन किया जा रहा है।
इस योजना में विभिन्न मंत्रालयों की भागीदारी है।
28 फरवरी 2026 तक 38,391 वीडीवीके सदस्यों का प्रशिक्षण पूरा किया जाएगा।

नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) को जनजातीय मामलों के मंत्रालय द्वारा 2024 से लागू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदायों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुधारना है।

इस योजना के अंतर्गत इन समुदायों को सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, पोषण, सड़क और टेलीफोन कनेक्टिविटी, बिजली की सुविधा तथा स्थायी रोजगार के अवसर प्रदान किए जाते हैं। यह योजना 9 प्रमुख मंत्रालयों और उनके 11 महत्वपूर्ण हस्तक्षेपों पर आधारित है।

कौशल और उद्यमिता विकास का कार्य कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के माध्यम से वन धन विकास केंद्रों में संचालित किया जा रहा है। मंत्रालय अपने स्वायत्त संस्थानों जैसे नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से इस योजना का कौशल और उद्यमिता घटक लागू कर रहा है। इसमें ट्राइबल कोआपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया का सहयोग भी लिया जा रहा है।

योजना के अंतर्गत 15 राज्यों में कुल 500 वीडीवीके 31 मार्च तक संचालित किए जाने हैं, जिनमें 41,913 वीडीवीके सदस्य शामिल होंगे। इसके तहत नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट और आईआईई ने ट्राइबल कोआपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

ट्राइबल कोआपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया का कार्य राज्य कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ मिलकर वीडीवीकेस के निर्माण और संचालन को सुनिश्चित करना और आवश्यक उपकरण/सामग्री उपलब्ध कराना है। नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट और आईआईई की जिम्मेदारी है कि वे वीडीवीकेस में कौशल और उद्यमिता प्रशिक्षण प्रदान करें।

28 फरवरी 2026 तक, कुल 38,391 वीडीवीके सदस्य को उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित किया जा चुका है और 489 वीडीवीकेस पहले ही चालू हो चुके हैं।

यह जानकारी कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उन्हें स्थायी रोजगार के अवसर भी प्रदान करती है। इसे लागू करने में विभिन्न मंत्रालयों और संस्थाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम जनमन योजना क्या है?
यह योजना जनजातीय मामलों के मंत्रालय द्वारा शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य कमजोर जनजातीय समूहों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार करना है।
वन धन विकास केंद्रों में क्या किया जाता है?
इन केंद्रों में कौशल और उद्यमिता विकास कार्यक्रम चलाए जाते हैं, जिससे जनजातीय समुदाय को रोजगार के अवसर मिलते हैं।
इस योजना के तहत कितने राज्यों में काम चल रहा है?
इस योजना के अंतर्गत 15 राज्यों में कुल 500 वीडीवीके संचालित किए जा रहे हैं।
वीडीडीवीके सदस्य कौन हैं?
वीडीडीवीके सदस्य वे लोग हैं जो वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से कौशल और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
जयंत चौधरी ने इस योजना के बारे में क्या कहा?
जयंत चौधरी ने लोकसभा में इस योजना के तहत जारी गतिविधियों की जानकारी दी है।
राष्ट्र प्रेस
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