असम से भूटान को पूरबी आइसक्रीम का पहला निर्यात, 5,627 लीटर की खेप रवाना
सारांश
मुख्य बातें
असम के गुवाहाटी से 5,627 लीटर पूरबी आइसक्रीम की पहली अंतरराष्ट्रीय खेप भूटान के लिए रवाना की गई है, जो पूर्वोत्तर भारत के लिए मूल्य-संवर्धित डेयरी निर्यात के नए द्वार खोलती है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 29 जुलाई को जारी बयान में इसकी पुष्टि की।
खेप का विवरण और गंतव्य बाज़ार
नॉर्थ ईस्ट डेयरी एंड फूड्स लिमिटेड (NEDFL) द्वारा निर्यात की गई इस खेप में कप, फैमिली पैक, कोन और गैलन पैक जैसे विविध उत्पाद शामिल हैं। यह आपूर्ति भूटान के प्रमुख बाज़ारों — थिम्पू, पारो, फुएंत्शोलिंग और वांगड्यू — में खुदरा उपभोक्ताओं और संस्थागत खरीदारों दोनों के लिए की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी
असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को गुवाहाटी में इस ऐतिहासिक खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहली बार है जब पूर्वोत्तर क्षेत्र के किसी डेयरी ब्रांड ने अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कदम रखा है।
सहकारी नेटवर्क की भूमिका
पूरबी आइसक्रीम को वेस्ट असम मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड (WAMUL) द्वारा तैयार किया जाता है, जो असम में पूरबी डेयरी के विस्तृत सहकारी नेटवर्क से जुड़े डेयरी किसानों के दूध का उपयोग करती है। मार्केटिंग की जिम्मेदारी NEDFL के पास है। इस ढाँचे से स्थानीय दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि की उम्मीद है।
एपीडा की भूमिका और व्यापक महत्व
कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने निर्यात दस्तावेज़ीकरण, नियामक अनुपालन, बाज़ार पहुँच और हितधारकों के बीच समन्वय में सक्रिय भूमिका निभाई। गौरतलब है कि यह निर्यात पूर्वोत्तर क्षेत्र से प्रसंस्कृत डेयरी उत्पादों के निर्यात इकोसिस्टम को मज़बूत करने की APEDA की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
आगे की राह
यह पहली खेप पड़ोसी देशों के साथ व्यापारिक संबंध गहरे करने और पूर्वोत्तर के डेयरी किसानों को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इस सफलता से क्षेत्र के अन्य मूल्य-संवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को भी नई गति मिल सकती है।