अदाणी एंटरप्राइजेज का Q1 FY27 में रिकॉर्ड ₹5,642 करोड़ EBITDA, सालाना 49% की छलांग
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में अब तक का सबसे ऊँचा तिमाही EBITDA ₹5,642 करोड़ दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 49% की वृद्धि है। 29 जुलाई को घोषित इन नतीजों में कुल आय भी सालाना 50% उछलकर ₹33,546 करोड़ पहुँच गई, जो समूह के विविधीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो की बढ़ती परिपक्वता को रेखांकित करती है।
मुख्य वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी के बयान के अनुसार, कर-पूर्व मुनाफा (PBT) इस तिमाही में ₹1,295 करोड़ रहा — यह आँकड़ा ₹2,644 करोड़ के OFAC सेटलमेंट प्रभाव को हटाकर निकाला गया है। अदाणी एयरपोर्ट्स का EBITDA सालाना 49% बढ़कर ₹1,633 करोड़ रहा, जो समग्र प्रदर्शन का एक प्रमुख चालक रहा। कॉपर कारोबार ने भी क्षमता विस्तार के साथ ₹749 करोड़ का EBITDA योगदान दिया।
परिचालन में नए मील के पत्थर
15 जुलाई से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन शुरू हुआ, जो AEL के एयरपोर्ट कारोबार के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम है। 15 मई से गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना पर टोल संग्रह भी आरंभ हो गया। इसके अलावा, अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज ने तिमाही के दौरान 1.7 गीगावॉट की नई सोलर मॉड्यूल उत्पादन लाइन चालू की और एक बड़े हाइपरस्केल डेटा सेंटर ऑर्डर की प्राप्ति भी हुई।
चेयरमैन गौतम अदाणी की प्रतिक्रिया
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, 'अदाणी एंटरप्राइजेज ने वित्त वर्ष 27 की शानदार शुरुआत की है। कंपनी ने ₹5,642 करोड़ के अब तक के सबसे अधिक तिमाही EBITDA के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया है, जिसे हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर और इनक्यूबेशन प्लेटफॉर्म के बढ़ते पैमाने और परिपक्वता से मजबूती मिली है।' उन्होंने ₹15,000 करोड़ के सफल क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) का भी उल्लेख किया, जिसे उन्होंने संस्थागत निवेशकों के मजबूत भरोसे का प्रमाण बताया।
रणनीतिक दिशा और शेयरधारकों पर असर
कंपनी के अनुसार, अनुशासित निवेश चक्र के ज़रिये मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म की नींव रखने के बाद AEL अब उस चरण में प्रवेश कर रही है जहाँ परिसंपत्तियों की क्षमता का बेहतर उपयोग और परिचालन दक्षता सीधे शेयरधारकों के लिए वित्तीय परिणामों में परिवर्तित होगी। गौतम अदाणी ने कहा कि समूह 'राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने' पर केंद्रित है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश की माँग तेज़ी से बढ़ रही है और सरकार का पूँजीगत व्यय भी ऐतिहासिक ऊँचाई पर है।