अदाणी पोर्ट्स का Q1 मुनाफा 10% उछलकर ₹3,650 करोड़, आय 19% बढ़कर ₹10,821 करोड़
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने 29 जुलाई 2026 को वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के वित्तीय नतीजे जारी किए, जिनमें कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर ₹3,650 करोड़ हो गया। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय — दोनों बंदरगाह कारोबारों में मज़बूत वृद्धि इस प्रदर्शन की मुख्य वजह रही।
मुख्य वित्तीय संकेतक
एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, जून तिमाही में एपीएसईजेड की समेकित आय सालाना आधार पर 19 प्रतिशत बढ़कर ₹10,821 करोड़ पर पहुँच गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹9,126 करोड़ थी। इसी तिमाही में कंपनी का EBITDA भी 19 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹6,541 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में ₹5,495 करोड़ था।
अंतरराष्ट्रीय कारोबार बना प्रमुख वृद्धि चालक
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में एपीएसईजेड का अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह कारोबार सबसे तेज़ रफ़्तार से आगे बढ़ा। इस खंड का राजस्व सालाना आधार पर 80 प्रतिशत उछलकर ₹1,747 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA में 256 प्रतिशत की असाधारण बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह ₹730 करोड़ तक पहुँचा। कंपनी ने इस उपलब्धि का श्रेय ऑस्ट्रेलिया और कोलंबो में बेहतर परिचालन को दिया।
घरेलू पोर्ट्स और मरीन कारोबार का प्रदर्शन
कंपनी का घरेलू बंदरगाह कारोबार भी स्थिर रफ़्तार से आगे बढ़ा। अधिक कार्गो वॉल्यूम, बेहतर कार्गो मिक्स और बेहतर प्राप्तियों के चलते इस खंड का राजस्व सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़ा। घरेलू पोर्ट्स ने 74 प्रतिशत के EBITDA मार्जिन के साथ उद्योग में अग्रणी लाभप्रदता बनाए रखी।
वहीं, मरीन कारोबार ने भी उल्लेखनीय विस्तार दर्ज किया। ऑफशोर पोतों की संख्या बढ़ने और यूरोप में सब-सी परिचालन के विस्तार के कारण इस खंड का राजस्व सालाना आधार पर 67 प्रतिशत बढ़कर ₹901 करोड़ हो गया।
प्रबंधन का नज़रिया
एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्विनी गुप्ता ने कहा, 'वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही का प्रदर्शन हमारे विविधीकृत कारोबारी मॉडल की मज़बूती को दर्शाता है। हमारा वैश्विक विस्तार और विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों, कमोडिटी तथा ग्राहकों में फैला मल्टी-मॉडल एसेट बेस हमारी ताकत है।'
उन्होंने यह भी कहा, 'अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह, मरीन और लॉजिस्टिक्स कारोबार अब केवल विस्तार के चरण से आगे बढ़कर मूल्य सृजन के चरण में पहुँच चुके हैं और राजस्व वृद्धि तथा मुनाफे के महत्वपूर्ण स्रोत बनते जा रहे हैं।'
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत के बंदरगाह क्षेत्र में निजी निवेश तेज़ी से बढ़ रहा है और सरकार सागरमाला परियोजना के तहत बंदरगाह आधारित औद्योगिकीकरण को प्रोत्साहन दे रही है। अंतरराष्ट्रीय खंड में 256 प्रतिशत EBITDA वृद्धि संकेत देती है कि एपीएसईजेड का वैश्विक विस्तार अब परिपक्वता की ओर बढ़ रहा है, जो आने वाली तिमाहियों में समग्र लाभप्रदता को और मज़बूत कर सकता है।