अदाणी पावर का Q1FY27 में शुद्ध मुनाफा 47% उछलकर ₹4,867 करोड़, EBITDA ने तोड़ा अब तक का रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी पावर ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) में असाधारण वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है — कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर 47.2 प्रतिशत की छलांग लगाकर ₹4,867 करोड़ पर पहुँच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के ₹3,305 करोड़ से काफी अधिक है। परिचालन विस्तार और पूंजीगत निवेश (कैपेक्स) जारी रहने के बावजूद वित्तीय लागत पर कड़े नियंत्रण को कंपनी ने इस उछाल का मुख्य कारण बताया है।
राजस्व और EBITDA में ऐतिहासिक बढ़त
Q1FY27 में अदाणी पावर का कंसोलिडेटेड कुल राजस्व 26.6 प्रतिशत बढ़कर ₹17,936 करोड़ हो गया, जबकि एक वर्ष पूर्व यह ₹14,167 करोड़ था। बिजली बिक्री की मात्रा में वृद्धि और बेहतर बिजली दरें इस राजस्व विस्तार की मुख्य वजह रहीं।
इससे भी उल्लेखनीय रहा कंपनी का कंसोलिडेटेड निरंतर EBITDA, जो 21.6 प्रतिशत की तीव्र बढ़त के साथ ₹6,983 करोड़ पर पहुँचा — पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹5,744 करोड़ था। कंपनी के अनुसार यह अदाणी पावर के इतिहास का अब तक का सर्वोच्च तिमाही EBITDA है। ईंधन लागत में बढ़ोतरी के बावजूद मजबूत परिचालन दक्षता और लागत प्रबंधन ने यह रिकॉर्ड संभव बनाया।
बिजली बिक्री और टैरिफ में सुधार
तिमाही में कंपनी की कुल बिजली बिक्री 16.9 प्रतिशत बढ़कर 28.8 बिलियन यूनिट (BU) रही, जो एक साल पहले 24.6 BU थी। बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता और देश में बिजली की मजबूत माँग को इसका श्रेय दिया गया है।
पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के अंतर्गत बिजली बिक्री 30.3 प्रतिशत बढ़कर 24.5 BU रही। प्रति यूनिट औसत टैरिफ 8.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹5.95 प्रति यूनिट हो गया। मर्चेंट और शॉर्ट-टर्म बाज़ार में औसत प्राप्ति 13.1 प्रतिशत उछलकर ₹7.04 प्रति यूनिट पहुँची, जिसका प्रमुख कारण बाज़ार में मजबूत माँग रही।
सीईओ का बयान और 45 GW का लक्ष्य
अदाणी पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस. बी. ख्यालिया ने कहा कि कंपनी ने एक बार फिर अपनी लागत-कुशल उत्पादन क्षमता और परिचालन उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि कंपनी 45 गीगावाट (GW) उत्पादन क्षमता के लक्ष्य की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है और मौजूदा परियोजनाओं पर काम में तेज़ी लाई जा रही है।
ख्यालिया ने यह भी संकेत दिया कि कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय जलविद्युत (हाइड्रो पावर) परियोजनाओं में विस्तार कर रही है और भविष्य में परमाणु ऊर्जा (न्यूक्लियर पावर) क्षेत्र के अवसरों के लिए भी तैयारी कर रही है।
जयप्रकाश एसोसिएट्स परिसंपत्तियों का अधिग्रहण
कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिज़ॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत स्वीकृत योजना के अनुसार, अदाणी पावर ने 180 मेगावाट के चुर्क थर्मल पावर प्लांट, जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड (2,220 मेगावाट) में 24 प्रतिशत हिस्सेदारी और प्रयागराज पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (1,980 मेगावाट) में 11.49 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। कंपनी का मानना है कि इन अधिग्रहणों से आने वाले वर्षों में उसकी उत्पादन क्षमता और बाज़ार स्थिति और मज़बूत होगी।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में बिजली की माँग लगातार बढ़ रही है और सरकार नवीकरणीय तथा परंपरागत दोनों स्रोतों से क्षमता विस्तार पर ज़ोर दे रही है। अदाणी पावर का यह प्रदर्शन उसे भारत के बिजली क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में और मज़बूती से स्थापित करता है।