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अदाणी ग्रीन एनर्जी का रिकॉर्ड EBITDA ₹4,122 करोड़, Q1 FY27 में क्षमता 27% बढ़कर 20,142 MW

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अदाणी ग्रीन एनर्जी का रिकॉर्ड EBITDA ₹4,122 करोड़, Q1 FY27 में क्षमता 27% बढ़कर 20,142 MW

सारांश

अदाणी ग्रीन एनर्जी ने Q1 FY27 में ₹4,122 करोड़ का रिकॉर्ड EBITDA और 94% मार्जिन दर्ज किया। 20 गीगावाट क्षमता का पड़ाव पार करते हुए कंपनी खावड़ा में दुनिया की सबसे बड़ी BESS परियोजनाओं में से एक खड़ी कर रही है — और 2030 तक 50,000 MW के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रही है।

मुख्य बातें

अदाणी ग्रीन एनर्जी (AGEL) का Q1 FY27 EBITDA 33% बढ़कर रिकॉर्ड ₹4,122 करोड़ पर पहुँचा।
ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता सालाना 27% बढ़कर 20,142 मेगावाट हुई।
बिजली आपूर्ति से आय 29% उछलकर ₹4,280 करोड़ ; EBITDA मार्जिन 94% ।
कैश प्रॉफिट 28% बढ़कर ₹2,225 करोड़ रहा।
खावड़ा में 1,972 MW BESS जोड़ी गई; कुल स्थापित BESS क्षमता 3,551 MW — विश्व की सबसे बड़ी एकल-स्थान परियोजनाओं में से एक।
कंपनी का लक्ष्य FY27 में 10,000 MW+ अतिरिक्त BESS और 2030 तक 50,000 MW कुल क्षमता।

अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल–जून 2026) में अब तक का सर्वोच्च तिमाही EBITDA ₹4,122 करोड़ दर्ज किया — जो एक साल पहले की समान तिमाही के ₹2,944 करोड़ की तुलना में 33 प्रतिशत अधिक है। कंपनी की ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता सालाना आधार पर 27 प्रतिशत बढ़कर 20,142 मेगावाट पर पहुँच गई, जो भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में किसी एकल कंपनी के लिए एक उल्लेखनीय पड़ाव है।

वित्तीय प्रदर्शन की मुख्य झलकियाँ

स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, Q1 FY27 में बिजली आपूर्ति से कंपनी की आय 29 प्रतिशत बढ़कर ₹4,280 करोड़ हो गई, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹3,094 करोड़ थी। EBITDA मार्जिन 94 प्रतिशत पर बना रहा, जो कंपनी की परिचालन दक्षता और लागत नियंत्रण की मजबूती को रेखांकित करता है।

इसके अतिरिक्त, कंपनी का कैश प्रॉफिट सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़कर ₹2,225 करोड़ रहा। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि राजस्व वृद्धि केवल क्षमता विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि परिचालन स्तर पर भी नकदी प्रवाह मजबूत हो रहा है।

खावड़ा में दुनिया की सबसे बड़ी BESS परियोजनाओं में से एक

गुजरात के खावड़ा में AGEL ने इस तिमाही में 1,972 मेगावाट की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) क्षमता स्थापित की, जिससे वहाँ की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 3,551 मेगावाट हो गई। कंपनी के अनुसार यह दुनिया में एकल स्थान पर स्थापित सबसे बड़ी BESS परियोजनाओं में से एक है।

गौरतलब है कि खावड़ा परियोजना AGEL की दीर्घकालिक रणनीति का केंद्र है — जहाँ सौर और पवन ऊर्जा के साथ-साथ भंडारण क्षमता को एकीकृत कर चौबीसों घंटे स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति का लक्ष्य है।

2030 तक 50,000 MW का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

AGEL ने स्पष्ट किया कि वह वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक 10,000 मेगावाट से अधिक अतिरिक्त BESS क्षमता जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह कदम कंपनी के 2030 तक 50,000 मेगावाट की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के दीर्घकालिक लक्ष्य से जुड़ा है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है और निजी क्षेत्र की भागीदारी इस लक्ष्य की रीढ़ बनती जा रही है।

सीईओ का बयान

AGEL के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष खन्ना ने कहा, 'हमने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत मजबूत गति के साथ की है। अनुशासित क्रियान्वयन की बदौलत हमने 20 गीगावाट परिचालन क्षमता का महत्वपूर्ण आँकड़ा पार किया है, साथ ही बाज़ार में माँग का माहौल भी मजबूत हुआ है।' उन्होंने आगे कहा कि इस तिमाही में भारत में बिजली की माँग में फिर से तेजी आने के साथ कंपनी का बढ़ता नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो देश की स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती जरूरतों को विश्वसनीय रूप से पूरा करने में सहायक रहा।

आगे की राह

20 गीगावाट की परिचालन क्षमता पार करने के बाद AGEL का अगला पड़ाव BESS विस्तार और नए सौर-पवन पार्कों की कमीशनिंग होगी। विश्लेषकों के अनुसार, 94 प्रतिशत का EBITDA मार्जिन वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से ऊँचा है और यह दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह आँकड़ा दीर्घकालिक पावर परचेज़ एग्रीमेंट (PPA) की संरचना और सरकारी सब्सिडी के ढाँचे से भी प्रभावित होता है — जिसका स्वतंत्र विश्लेषण ज़रूरी है। खावड़ा BESS परियोजना तकनीकी रूप से महत्वाकांक्षी है, पर 2030 तक 50,000 MW का लक्ष्य तभी विश्वसनीय होगा जब ग्रिड इंटीग्रेशन और ट्रांसमिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर उसी गति से विकसित हो। भारत में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की असली चुनौती क्षमता स्थापना नहीं, बल्कि निर्बाध आपूर्ति और भंडारण की विश्वसनीयता है — और इस मोर्चे पर AGEL का प्रदर्शन आने वाली तिमाहियों में कसौटी पर होगा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी ग्रीन एनर्जी का Q1 FY27 EBITDA कितना रहा और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
AGEL का Q1 FY27 EBITDA ₹4,122 करोड़ रहा, जो कंपनी का अब तक का सर्वोच्च तिमाही आँकड़ा है और एक साल पहले की तुलना में 33% अधिक है। 94% EBITDA मार्जिन कंपनी की परिचालन दक्षता और दीर्घकालिक राजस्व अनुबंधों की मजबूती को दर्शाता है।
अदाणी ग्रीन एनर्जी की मौजूदा ऑपरेशनल क्षमता कितनी है?
जून 2026 तिमाही के अंत में AGEL की ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 20,142 मेगावाट हो गई, जो सालाना आधार पर 27% की वृद्धि है। यह कंपनी के 2030 तक 50,000 मेगावाट के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
खावड़ा BESS परियोजना क्या है और यह क्यों खास है?
गुजरात के खावड़ा में AGEL की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) की कुल स्थापित क्षमता 3,551 मेगावाट हो गई है, जिसमें इस तिमाही में 1,972 मेगावाट जोड़ी गई। कंपनी के अनुसार यह दुनिया में एकल स्थान पर स्थापित सबसे बड़ी BESS परियोजनाओं में से एक है।
अदाणी ग्रीन एनर्जी का 2030 तक का लक्ष्य क्या है?
AGEL का लक्ष्य 2030 तक 50,000 मेगावाट की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करना है। इस दिशा में कंपनी वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक 10,000 मेगावाट से अधिक अतिरिक्त BESS क्षमता जोड़ने की योजना पर काम कर रही है।
Q1 FY27 में अदाणी ग्रीन एनर्जी का कैश प्रॉफिट कितना रहा?
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में AGEL का कैश प्रॉफिट सालाना आधार पर 28% बढ़कर ₹2,225 करोड़ रहा। यह वृद्धि दर्शाती है कि क्षमता विस्तार के साथ-साथ परिचालन स्तर पर नकदी प्रवाह भी सुदृढ़ हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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