जेफरीज की अदाणी ग्रीन, अदाणी पावर और अदाणी एनर्जी पर 'बाय' रेटिंग बरकरार, मजबूत क्रियान्वयन का हवाला
सारांश
मुख्य बातें
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड, अदाणी पावर लिमिटेड और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) — तीनों पर अपनी तेजी की राय बनाए रखी है। फर्म के ताज़ा विश्लेषण नोट में क्षमता विस्तार की तेज़ रफ्तार, मज़बूत मांग और ठोस क्रियान्वयन को इस सकारात्मक दृष्टिकोण का आधार बताया गया है।
अदाणी ग्रीन एनर्जी: 50 गीगावाट का लक्ष्य, खावड़ा बना केंद्र
अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के लिए जेफरीज ने 'बाय' रेटिंग के साथ ₹1,435 प्रति शेयर का लक्ष्य मूल्य तय किया है। फर्म के अनुसार, निकट भविष्य में तेजी सीमित हो सकती है, लेकिन दीर्घकालिक विकास की संभावना मज़बूत बनी हुई है।
जेफरीज ने बताया कि कंपनी की योजना अपनी रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता को वित्त वर्ष 2026 के 19.3 गीगावाट से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2030 तक 50 गीगावाट तक पहुँचाने की है। इस विस्तार में 5 गीगावाट की पंप स्टोरेज परियोजना और वित्त वर्ष 2027 तक बैटरी स्टोरेज सिस्टम में 10 गीगावाट से अधिक की वृद्धि शामिल है।
गौरतलब है कि गुजरात के खावड़ा में 30 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता का निर्माण कार्य जारी है, जिसे जेफरीज ने विकास का प्रमुख चालक करार दिया है।
अदाणी पावर: वित्त वर्ष 2032 तक 42 गीगावॉट का विस्तार
अदाणी पावर लिमिटेड पर जेफरीज ने 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है और ₹255 प्रति शेयर का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया है, जो मौजूदा स्तरों से लगभग 11 प्रतिशत की बढ़त का संकेत देता है।
फर्म के अनुसार, वित्त वर्ष 2032 तक कंपनी की क्षमता को 42 गीगावॉट तक विस्तारित करने की योजना और दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों (PPA) की मज़बूत पाइपलाइन से आय की संभावना में उल्लेखनीय सुधार होता है। जेफरीज ने यह भी बताया कि आगामी क्षमता का लगभग 56 प्रतिशत पहले से ही PPA के तहत आ चुका है और प्रबंधन का लक्ष्य भविष्य में सभी PPA को पूर्ण करना है।
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस: ट्रांसमिशन और स्मार्ट मीटरिंग में अग्रणी
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) के लिए जेफरीज ने ₹1,665 के लक्ष्य मूल्य के साथ 'बाय' रेटिंग बनाए रखी है। फर्म ने AESL को निजी क्षेत्र में भारत की एकमात्र सूचीबद्ध प्योर-प्ले ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के रूप में रेखांकित किया।
जेफरीज के अनुसार, AESL ₹718 अरब की ट्रांसमिशन परियोजनाओं को क्रियान्वित कर रही है। इसके साथ ही स्मार्ट मीटरिंग कारोबार तेज़ी से बढ़ रहा है — वित्त वर्ष 2026 तक 1.1 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं।
फर्म ने कहा कि कंपनी भारत के विस्तारित ट्रांसमिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट मीटरों की बढ़ती तैनाती का लाभ उठाने के लिए अनुकूल स्थिति में है।
समग्र दृष्टिकोण: मध्यम अवधि में दोहरे अंकों की वृद्धि का अनुमान
जेफरीज को उम्मीद है कि मध्यम अवधि में तीनों कंपनियों के EBITDA और कर-पश्चात मुनाफे में मज़बूत दोहरे अंकों की दर से वृद्धि होगी। यह वृद्धि क्रियान्वयन की गति और डेटा सेंटर, वाणिज्यिक तथा औद्योगिक ऊर्जा समाधानों में बढ़ते अवसरों से प्रेरित रहेगी।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत की ऊर्जा माँग तेज़ी से बढ़ रही है और सरकार रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश को प्रोत्साहित कर रही है। आने वाले तिमाही नतीजे और खावड़ा परियोजना की प्रगति निवेशकों के लिए अगला अहम पड़ाव होगी।