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अदाणी ग्रीन एनर्जी 20 गीगावाट क्षमता पार करने वाली भारत की पहली रिन्यूएबल कंपनी बनी

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अदाणी ग्रीन एनर्जी 20 गीगावाट क्षमता पार करने वाली भारत की पहली रिन्यूएबल कंपनी बनी

सारांश

अदाणी ग्रीन एनर्जी ने 2016 में तमिलनाडु के कामुथी से शुरू हुई यात्रा को एक दशक में 20 गीगावाट तक पहुँचाकर भारत में रिन्यूएबल एनर्जी का नया अध्याय लिखा है। यह उपलब्धि न केवल कंपनी के लिए, बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और 2030 के जलवायु लक्ष्यों के लिए भी एक निर्णायक पड़ाव है।

मुख्य बातें

अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने 1 जुलाई 2026 को 20 गीगावाट परिचालन नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता पार करने की घोषणा की।
ग्रीनफील्ड विकास के ज़रिए यह मील का पत्थर हासिल करने वाली वह भारत की पहली रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी है।
कंपनी सालाना 52 अरब यूनिट से अधिक स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न करती है — भारत की कुल बिजली खपत का लगभग 3% ।
वित्त वर्ष 2025-26 में 5,051 मेगावाट क्षमता जोड़ी — चीन के बाहर किसी भी कंपनी द्वारा एक वर्ष में सर्वाधिक।
3.55 गीगावाट BESS तैनात — चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज डिप्लॉयमेंट।
AGEL की योजना 2030 तक 50 गीगावाट पोर्टफोलियो और वित्त वर्ष 2026-27 में 10 गीगावाट अतिरिक्त बैटरी स्टोरेज की।

अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने 1 जुलाई 2026 को घोषणा की कि उसने 20 गीगावाट की परिचालन नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का आंकड़ा पार कर लिया है। ग्रीनफील्ड विकास के माध्यम से यह मील का पत्थर हासिल करने वाली वह भारत की पहली रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी बन गई है। कंपनी अब प्रतिवर्ष 52 अरब यूनिट से अधिक स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न कर रही है, जो भारत की कुल बिजली खपत का लगभग 3 प्रतिशत है।

उपलब्धि का विवरण

AGEL का यह सफर 2016 में तमिलनाडु के कामुथी में पहले रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट से शुरू हुआ था। एक दशक के भीतर कंपनी ने 20 गीगावाट की परिचालन क्षमता हासिल कर ली — जो इसे भारत की सबसे बड़ी और सबसे तेज़ी से विस्तार करने वाली ग्रीनफील्ड रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी बनाती है।

AGEL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने कहा, '20 गीगावाट का आंकड़ा पार करना यह दिखाता है कि अनुशासित काम और दूर की सोच से क्या हासिल किया जा सकता है। आज, AGEL अपनी कुशल टीम और दीर्घकालिक साझेदारों के साथ मिलकर इतनी रिन्यूएबल बिजली पैदा कर रहा है जो लगभग मुंबई और नई दिल्ली की सालाना बिजली की कुल जरूरत के बराबर है।'

वैश्विक संदर्भ में रिकॉर्ड क्षमता वृद्धि

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 5,051 मेगावाट क्षमता जोड़ी — जो चीन के बाहर किसी भी कंपनी द्वारा एक वित्त वर्ष में जोड़ी गई सबसे अधिक नवीकरणीय क्षमता है। यह आंकड़ा वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में भारत की बढ़ती ताकत को रेखांकित करता है।

AGEL के मौजूदा परिचालन पोर्टफोलियो में लगभग 14.2 गीगावाट सोलर, 2.7 गीगावाट विंड और 3.3 गीगावाट विंड-सोलर हाइब्रिड क्षमता शामिल है।

बैटरी स्टोरेज में ऐतिहासिक कदम

AGEL ने 3.55 गीगावाट का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) भी तैनात किया है, जो चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा ऐसा डिप्लॉयमेंट है और वैश्विक स्तर पर सबसे तेज़ी से पूरे किए गए प्रोजेक्ट्स में से एक है।

सागर अदाणी ने कहा, 'जैसे-जैसे भारत के पावर मिक्स में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़ रही है, भरोसेमंद और जरूरत के हिसाब से उपलब्ध होने वाली क्लीन पावर के लिए बैटरी स्टोरेज अहम होता जा रहा है।' यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित करते हुए नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने की चुनौती से जूझ रहा है।

आगे की योजना

AGEL की योजना वित्त वर्ष 2026-27 में 10 गीगावाट अतिरिक्त बैटरी स्टोरेज जोड़ने की है। अगले पाँच वर्षों में कंपनी अपने पोर्टफोलियो को 50 गीगावाट तक विस्तारित करना चाहती है — जो भारत सरकार के 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान होगा। गौरतलब है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु प्रतिबद्धताओं के लिहाज से यह विस्तार नीतिगत दृष्टि से भी अत्यंत प्रासंगिक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या AGEL का 2030 तक 50 गीगावाट का लक्ष्य वित्तीय और नियामकीय दबावों के बीच टिकाऊ रहेगा — खासकर तब जब कंपनी पर 2023-24 में अमेरिकी नियामकीय जाँच का साया रहा है। बैटरी स्टोरेज में चीन के बाहर शीर्ष स्थान हासिल करना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि ग्रिड स्थिरता भारत की ऊर्जा परिवर्तन की सबसे बड़ी चुनौती है। हालाँकि, 52 अरब यूनिट उत्पादन और 3% राष्ट्रीय खपत के आंकड़े दर्शाते हैं कि एकल निजी कंपनी की निर्भरता राष्ट्रीय ऊर्जा नीति के लिए एकाग्रता जोखिम भी पैदा करती है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी ग्रीन एनर्जी ने 20 गीगावाट की उपलब्धि कैसे हासिल की?
AGEL ने 2016 में तमिलनाडु के कामुथी में पहले प्रोजेक्ट से शुरुआत कर एक दशक के भीतर ग्रीनफील्ड विकास के ज़रिए 20 गीगावाट परिचालन क्षमता हासिल की। वित्त वर्ष 2025-26 में अकेले 5,051 मेगावाट क्षमता जोड़ी गई, जो चीन के बाहर किसी भी कंपनी का एकल वर्ष में सर्वाधिक रिकॉर्ड है।
AGEL का 20 गीगावाट उत्पादन भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
AGEL सालाना 52 अरब यूनिट स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न करती है, जो भारत की कुल बिजली खपत का लगभग 3% है — यह मुंबई और नई दिल्ली की सालाना बिजली जरूरत के बराबर है। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा और 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य में सीधा योगदान देता है।
AGEL का BESS (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम) क्या है और यह क्यों खास है?
AGEL ने 3.55 गीगावाट का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम तैनात किया है, जो चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा ऐसा डिप्लॉयमेंट है। यह ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित करने और मांग के अनुसार स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने में सहायक है।
AGEL का 2030 तक क्या लक्ष्य है?
AGEL अगले पाँच वर्षों में अपने पोर्टफोलियो को 50 गीगावाट तक विस्तारित करना चाहती है। वित्त वर्ष 2026-27 में 10 गीगावाट अतिरिक्त बैटरी स्टोरेज जोड़ने की भी योजना है।
AGEL के परिचालन पोर्टफोलियो में कौन-कौन सी ऊर्जा श्रेणियाँ शामिल हैं?
AGEL के 20 गीगावाट पोर्टफोलियो में लगभग 14.2 गीगावाट सोलर, 2.7 गीगावाट विंड और 3.3 गीगावाट विंड-सोलर हाइब्रिड क्षमता शामिल है। इसके अतिरिक्त 3.55 गीगावाट का BESS भी परिचालन में है।
राष्ट्र प्रेस
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