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यूपीआई की 10वीं सालगिरह: गौरव वल्लभ बोले — सब्जी वाले से लेकर बड़े कारोबारी तक, डिजिटल भुगतान ने बदली तस्वीर

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यूपीआई की 10वीं सालगिरह: गौरव वल्लभ बोले — सब्जी वाले से लेकर बड़े कारोबारी तक, डिजिटल भुगतान ने बदली तस्वीर

सारांश

यूपीआई की 10वीं सालगिरह पर BJP नेता गौरव वल्लभ का संदेश साफ था — जो व्यवस्था कभी सवालों के घेरे में थी, वह आज वैश्विक डिजिटल भुगतान की धुरी बन चुकी है। 49% वैश्विक हिस्सेदारी और जुलाई 2026 में 2,400 करोड़ लेन-देन — ये आँकड़े किसी भी आलोचना का जवाब हैं।

मुख्य बातें

BJP नेता गौरव वल्लभ ने 25 अगस्त 2026 को यूपीआई की 10वीं सालगिरह पर डिजिटल भुगतान की उपलब्धियों को रेखांकित किया।
वैश्विक रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम में यूपीआई की हिस्सेदारी करीब 49 प्रतिशत ; 30 से अधिक देशों में उपयोग।
जुलाई 2026 में यूपीआई के जरिए 2,400 करोड़ लेन-देन ; वित्त वर्ष 2016-17 के 2 करोड़ से बढ़कर अब 24,162 करोड़ पर।
वल्लभ ने पूर्व वित्त मंत्री पी.
चिदंबरम की शुरुआती आशंकाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यूपीआई ने उन्हें गलत साबित किया।
वल्लभ का दावा — वित्त वर्ष 2027 में भारत की GDP वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत से अधिक रहने की उम्मीद।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर 'डेड इकॉनमी' टिप्पणी को लेकर पलटवार; प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को विशेषज्ञ परामर्श की सलाह।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता गौरव वल्लभ ने 25 अगस्त 2026 को यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की 10वीं सालगिरह पर इस डिजिटल भुगतान प्रणाली की उपलब्धियों को रेखांकित किया और कहा कि पिछले एक दशक में यूपीआई ने भारत में वित्तीय लेन-देन की पूरी संरचना बदल दी है। उन्होंने नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए यह भी कहा कि जिस व्यवस्था पर शुरुआत में सवाल उठाए गए थे, वही आज वैश्विक रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम में करीब 49 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है।

यूपीआई की दस साल की यात्रा

वल्लभ ने आँकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2016-17 में यूपीआई के जरिए मात्र 2 करोड़ लेन-देन होते थे, जो अब बढ़कर 24,162 करोड़ तक पहुँच गए हैं। जुलाई 2026 में अकेले एक महीने में 2,400 करोड़ लेन-देन दर्ज किए गए। उन्होंने इसे भारत के लोगों के संकल्प, डिजिटल इंडिया अभियान और केंद्र सरकार की नीतियों का सामूहिक परिणाम बताया।

शुरुआती आलोचनाओं पर पलटवार

वल्लभ ने कहा कि यूपीआई की शुरुआत के समय पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने संसद में यह सवाल उठाया था कि क्या छोटे दुकानदार और सब्जी विक्रेता डिजिटल भुगतान स्वीकार कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि आज की तस्वीर उन आशंकाओं का स्पष्ट जवाब है — देश के छोटे व्यापारी, खुदरा कारोबारी और आम नागरिक मोबाइल फोन से सहजता के साथ भुगतान कर रहे हैं। गौरतलब है कि यूपीआई की स्वीकार्यता शहरी और ग्रामीण, दोनों बाज़ारों में तेज़ी से बढ़ी है।

वैश्विक विस्तार और भारत की तकनीकी साख

वल्लभ के अनुसार यूपीआई अब केवल भारत तक सीमित नहीं है — 30 से अधिक देशों में इसका उपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की तकनीकी क्षमता और समावेशी वित्तीय व्यवस्था का प्रभाव अब वैश्विक स्तर पर दिखाई दे रहा है। यूपीआई को उन्होंने स्केलेबिलिटी, सुलभता और वित्तीय सुरक्षा का पर्याय बताया।

अर्थव्यवस्था पर विपक्ष को जवाब

वल्लभ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भारतीय अर्थव्यवस्था को 'डेड इकॉनमी' कहने का आरोप लगाया और इसे तथ्यों से परे बताया। उन्होंने दावा किया कि वित्त वर्ष 2027 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत से अधिक रहने की उम्मीद है। वल्लभ ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें आर्थिक मुद्दों पर बयान देने से पहले किसी विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।

विनिर्माण और नए क्षेत्रों में विस्तार

वल्लभ ने कहा कि भारत आज दुनिया के प्रमुख मोबाइल विनिर्माण केंद्रों में स्थान बना चुका है। सेमीकंडक्टर चिप से लेकर जहाज़ निर्माण तक उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा रही है। ब्लू इकोनॉमी से ऑरेंज इकोनॉमी तक और आईटी-इनेबल्ड से एआई-इनेबल्ड सर्विसेज तक — उन्होंने इन सभी क्षेत्रों को भारतीय सेवा और विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। यूपीआई की 10वीं सालगिरह इस बात की याद दिलाती है कि डिजिटल बुनियाद कितनी तेज़ी से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ से अधिक सालाना लेन-देन किसी भी पैमाने पर असाधारण हैं। लेकिन इस मंच का उपयोग विपक्ष पर राजनीतिक हमले के लिए करना उस तकनीकी सफलता को दलगत रंग देता है जो वास्तव में सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना की जीत है। वित्तीय समावेशन की असली परीक्षा यह है कि क्या यूपीआई का लाभ उन करोड़ों लोगों तक पहुँच रहा है जो अभी भी औपचारिक बैंकिंग से बाहर हैं — यह सवाल किसी भी सालगिरह भाषण में अनुत्तरित रह गया।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपीआई की 10वीं सालगिरह पर क्या प्रमुख आँकड़े सामने आए?
गौरव वल्लभ के अनुसार जुलाई 2026 में यूपीआई के जरिए 2,400 करोड़ लेन-देन हुए और वैश्विक रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम में यूपीआई की हिस्सेदारी करीब 49 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2016-17 में यह आँकड़ा मात्र 2 करोड़ था, जो अब 24,162 करोड़ तक पहुँच गया है।
गौरव वल्लभ ने पी. चिदंबरम का जिक्र क्यों किया?
वल्लभ ने कहा कि यूपीआई की शुरुआत के समय पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने संसद में यह सवाल उठाया था कि क्या छोटे दुकानदार और सब्जी विक्रेता डिजिटल भुगतान स्वीकार कर पाएंगे। उन्होंने इसे यूपीआई की मौजूदा सफलता के संदर्भ में उन आशंकाओं का जवाब बताया।
क्या यूपीआई अब केवल भारत में ही उपयोग होता है?
नहीं, वल्लभ के अनुसार यूपीआई अब 30 से अधिक देशों में लेन-देन के लिए उपयोग किया जा रहा है। भारत की तकनीकी क्षमता और समावेशी वित्तीय व्यवस्था का प्रभाव वैश्विक स्तर पर दिखाई दे रहा है।
वल्लभ ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
वल्लभ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भारतीय अर्थव्यवस्था को 'डेड इकॉनमी' कहने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सलाह दी कि आर्थिक मुद्दों पर बयान देने से पहले किसी विशेषज्ञ से परामर्श लें।
वित्त वर्ष 2027 में भारत की GDP वृद्धि दर को लेकर क्या दावा किया गया?
गौरव वल्लभ ने दावा किया कि वित्त वर्ष 2027 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत से अधिक रहने की उम्मीद है और वित्त वर्ष के अंत तक इसमें और सुधार देखने को मिल सकता है। उन्होंने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक 'चमकता सितारा' बताया।
राष्ट्र प्रेस
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