भाजपा सांसद खटाना का विपक्ष पर हमला: UPI शुल्क, EPF, UCC और भारत-पाक नौसैनिक टकराव पर दिए जवाब
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद गुलाम अली खटाना ने 16 सितंबर 2026 को एक साथ कई मोर्चों पर विपक्षी दलों को घेरा — UPI शुल्क, ईपीएफ (EPF) संशोधन, मक्का के पास कथित ड्रोन हमले, भारत-पाकिस्तान नौसैनिक टकराव और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे मुद्दों पर। उन्होंने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों पर आम नागरिकों में भय फैलाने का आरोप लगाया।
UPI शुल्क पर विपक्ष को जवाब
खटाना ने UPI पर बड़े लेनदेन के लिए मामूली शुल्क लगाने के केंद्र सरकार के फैसले का बचाव किया। उनका कहना था कि डिजिटल भुगतान से पहले एटीएम जैसे माध्यमों पर अपेक्षाकृत अधिक खर्च आता था। साइबर अपराधों से सुरक्षा, लेनदेन की निगरानी और सेवाओं की परिचालन लागत को देखते हुए बड़े लेनदेन पर मामूली शुल्क लगाया गया है, जिससे गरीब उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर UPI को लेकर लोगों में भ्रम और भय फैलाने का सीधा आरोप लगाया।
EPF संशोधन: 51 लाख कर्मचारियों को लाभ का दावा
भाजपा सांसद ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा ईपीएफ की सीमा में किए गए संशोधन से करीब 51 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। उनके अनुसार यह कदम न केवल रोज़गार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को भी मज़बूत करता है। गौरतलब है कि यह संशोधन असंगठित और अर्ध-संगठित क्षेत्र के उन श्रमिकों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है जो अब तक EPF के दायरे से बाहर थे।
मक्का के पास कथित ड्रोन हमले और भारत-पाक नौसैनिक टकराव
मक्का के पास कथित ड्रोन हमले की खबरों पर खटाना ने कहा कि किसी भी पवित्र स्थल के आसपास इस तरह की घटना पूर्णतः निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार ने इस खबर का खंडन किया है और कड़े शब्दों में इसकी निंदा भी की है।
भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच कथित टकराव के सवाल पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच एक द्विपक्षीय संधि मौजूद है और ऐसी कोई भी घटना उस संधि का गंभीर उल्लंघन मानी जाएगी। खटाना ने दावा किया कि भारत सरकार ने पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को तलब कर इस मामले पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है।
UCC पर उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी का खंडन
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की समान नागरिक संहिता (UCC) पर की गई टिप्पणी के जवाब में खटाना ने कहा कि देश में पहले से ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू है, जिसके तहत चोरी, डकैती और हत्या जैसे अपराधों में सभी नागरिकों पर समान आपराधिक कानून लागू होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP) और उमर अब्दुल्ला जैसे नेता UCC को लेकर मुस्लिम समाज में अनावश्यक भय फैला रहे हैं, जबकि UCC से किसी भी धर्म के नागरिकों को कोई खतरा नहीं है।
आगे का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब संसद का शीतकालीन सत्र नज़दीक है और इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि UPI शुल्क और UCC जैसे विषय आगामी राज्य चुनावों में भी प्रमुख राजनीतिक मुद्दे बन सकते हैं।