7 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मोहन भागवत के जेन-Z बयान पर सपा का पलटवार: युवा चुनौतियों से घबराई है सरकार, UPI शुल्क पर भी निशाना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मोहन भागवत के जेन-Z बयान पर सपा का पलटवार: युवा चुनौतियों से घबराई है सरकार, UPI शुल्क पर भी निशाना

सारांश

सपा सांसदों ने 7 अगस्त को संसद में एक साथ कई मोर्चे खोले — RSS प्रमुख भागवत के जेन-Z बयान को युवाओं की चुनौतियों से घबराई सरकार की प्रतिक्रिया बताया, UPI शुल्क और कराधान विधेयक पर आर्थिक बोझ का आरोप लगाया, और महिला आरक्षण के क्रियान्वयन में देरी पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

सपा सांसद राम गोपाल यादव ने 7 अगस्त 2026 को टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 को जनविरोधी बताया।
UPI भुगतान पर संभावित शुल्क को लेकर सपा ने सरकार पर आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया।
RSS प्रमुख मोहन भागवत के जेन-Z टिप्पणी को सपा ने युवाओं की राजनीतिक चुनौतियों से घबराई सरकार की 'ढाल' बताया।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने छात्र प्रदर्शनों पर लाठीचार्ज और आँसू गैस के इस्तेमाल को लोकतंत्र विरोधी करार दिया।
महिला आरक्षण विधेयक के क्रियान्वयन में देरी पर सपा ने सरकार से तत्काल अमल की माँग की।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने 7 अगस्त 2026 को संसद परिसर में एक साथ कई मोर्चों पर केंद्र सरकार को घेरा — कराधान संशोधन विधेयक, UPI भुगतान पर संभावित शुल्क, और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की जेन-Z पीढ़ी को लेकर की गई टिप्पणी — इन सभी पर विपक्ष ने तीखे सवाल उठाए। सपा की यह प्रेस वार्ता ऐसे समय में आई जब संसद का मानसून सत्र कई अहम विधेयकों पर गहमागहमी के बीच चल रहा है।

कराधान विधेयक पर सपा का आरोप

सपा सांसद राम गोपाल यादव ने टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता जनता को राहत देना नहीं, बल्कि उन पर आर्थिक बोझ बढ़ाना है। उन्होंने कहा, 'अब तक ऐसा कोई कानून नहीं बनाया गया जो आम जनता के हित में हो।' उनके अनुसार सरकार का उद्देश्य लोगों की जेब से अधिक से अधिक पैसा निकालना और बाद में उसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 'रेवड़ियों' के रूप में बाँटना है।

UPI शुल्क की चर्चा पर सवाल

UPI भुगतान पर संभावित शुल्क लगाए जाने की चर्चाओं पर भी राम गोपाल यादव ने सरकार की मंशा को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है जिनसे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उनका आरोप था कि सरकार का ध्यान उत्पादक कार्यों के बजाय राजस्व बढ़ाने और अधिक वसूली पर केंद्रित है। गौरतलब है कि UPI पर शुल्क की संभावना को लेकर हाल के हफ्तों में व्यापक सार्वजनिक बहस छिड़ी हुई है।

भागवत के जेन-Z बयान पर सपा का पलटवार

RSS प्रमुख मोहन भागवत की जेन-Z पीढ़ी और उनके आंदोलनों को लेकर की गई टिप्पणी पर राम गोपाल यादव ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं से मिल रही चुनौतियों को लेकर चिंतित है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार राजनीतिक रूप से दबाव में आती है, तब वह RSS की ओर रुख करती है और उससे रास्ता निकालने या अपनी ओर से बयान देने की अपेक्षा करती है।

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने इसी मुद्दे पर कहा कि यदि RSS प्रमुख युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों की सीख दे रहे हैं, तो उन्हें पहले अपनी ही सरकार को इस सलाह का पालन करने के लिए कहना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का मौलिक अधिकार है। अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि अपनी माँगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कई स्थानों पर लाठीचार्ज, आँसू गैस और गोलीबारी जैसी कार्रवाई की गई, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।

महिला आरक्षण और छात्र आंदोलन पर सपा की माँग

अवधेश प्रसाद ने महिला आरक्षण विधेयक के क्रियान्वयन में देरी पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक पहले ही संसद से सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, लेकिन सरकार इसे लागू करने में देरी कर रही है और जिम्मेदारी विपक्ष पर डालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने माँग की कि सरकार इस कानून को जल्द लागू करे ताकि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व का लाभ मिल सके।

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़े छात्रों के आंदोलन पर भी अवधेश प्रसाद ने कहा कि चाहे छात्र झारखंड के हों, उत्तर प्रदेश, राजस्थान या किसी अन्य राज्य के — सभी देश का भविष्य हैं। उनका आरोप था कि युवाओं की समस्याएँ लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार उनके समाधान के प्रति अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा रही।

शून्यकाल में व्यवधान पर विपक्ष की आपत्ति

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की अपील पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि विपक्ष भी सदन को व्यवस्थित ढंग से चलाने का पक्षधर है, लेकिन सांसदों को शून्यकाल (ज़ीरो आवर) के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। उनका आरोप था कि शून्यकाल में भी व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर संसद के भीतर और बाहर बहस तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसे 'तय नीति' की तरह पेश करना तथ्यात्मक रूप से सावधानी माँगता है। असली परीक्षा यह है कि क्या यह विपक्षी दबाव महिला आरक्षण जैसे ठोस मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बना पाता है, या महज़ प्रेस वार्ता तक सिमटकर रह जाता है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहन भागवत ने जेन-Z को लेकर क्या टिप्पणी की थी?
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने जेन-Z पीढ़ी और उनके आंदोलनों को लेकर एक टिप्पणी की थी, जिस पर सपा सांसदों ने आपत्ति जताई। सपा का कहना है कि यह बयान सरकार की ओर से युवाओं की राजनीतिक सक्रियता को कमज़ोर करने की कोशिश है।
सपा ने UPI शुल्क पर क्या आरोप लगाए?
सपा सांसद राम गोपाल यादव ने आरोप लगाया कि सरकार UPI भुगतान पर संभावित शुल्क लगाने की दिशा में बढ़ रही है, जो आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान उत्पादक कार्यों के बजाय राजस्व वसूली पर है।
टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पर सपा की क्या आपत्ति है?
सपा का आरोप है कि यह विधेयक जनता को राहत देने के बजाय उन पर आर्थिक बोझ बढ़ाता है। राम गोपाल यादव ने कहा कि सरकार लोगों की जेब से पैसा निकालकर बाद में योजनाओं के ज़रिए 'रेवड़ियाँ' बाँटती है।
महिला आरक्षण विधेयक के क्रियान्वयन पर सपा ने क्या कहा?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक संसद से सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, लेकिन सरकार इसे लागू करने में देरी कर रही है। उन्होंने माँग की कि सरकार इसे तत्काल लागू करे।
JPSC छात्र आंदोलन पर सपा का क्या रुख है?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने JPSC से जुड़े छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की माँग की। उन्होंने कहा कि झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित सभी राज्यों के छात्र देश का भविष्य हैं और सरकार उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखा रही।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 14 मिनट पहले
  2. 1 घंटा पहले
  3. 13 घंटे पहले
  4. 17 घंटे पहले
  5. 18 घंटे पहले
  6. कल
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 3 महीने पहले