18 सितंबर 2026
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यूपीआई एमडीआर विवाद: 'राहुल गांधी झूठ का प्रोपेगेंडा चला रहे हैं' — भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार

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यूपीआई एमडीआर विवाद: 'राहुल गांधी झूठ का प्रोपेगेंडा चला रहे हैं' — भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार

सारांश

यूपीआई पर MDR शुल्क का विवाद भाजपा बनाम कांग्रेस की नई जंग बन गया है। भाजपा का दावा — कांग्रेस के अपने सांसदों ने संसदीय समिति में एमडीआर को हरी झंडी दी थी, और अब बाहर आकर पलट रहे हैं। P2P और छोटे व्यापारियों पर कोई चार्ज नहीं, फिर भी नैरेटिव की लड़ाई जारी है।

मुख्य बातें

भाजपा ने 18 सितंबर 2026 को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि राहुल गांधी यूपीआई एमडीआर मुद्दे पर झूठ का प्रोपेगेंडा फैला रहे हैं।
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल के अनुसार 95% से अधिक यूपीआई उपयोगकर्ता लेनदेन शुल्क के दायरे से बाहर हैं।
RBI के आँकड़ों के अनुसार देश में 97% लेनदेन अब डिजिटल माध्यम से हो रहे हैं।
व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) भुगतान और ₹2,000 तक के मर्चेंट लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं; ₹1 लाख मासिक बिक्री तक के छोटे व्यापारियों पर भी छूट।
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि संसदीय उप समिति की रिपोर्ट में पी.
चिदंबरम , गौरव गोगोई और मनीष तिवारी ने एमडीआर को समर्थन दिया था।
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने इसे कांग्रेस की 'राजनीतिक अवसरवादिता' करार दिया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 18 सितंबर 2026 को यूपीआई भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस विषय पर झूठ का प्रोपेगेंडा फैला रहे हैं, जबकि कांग्रेस के अपने सांसदों ने संसदीय समिति में एमडीआर प्रस्ताव को समर्थन दिया था।

भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल का बयान

भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि विपक्ष की यह बयानबाज़ी उसकी मजबूरी है, क्योंकि चुनावों में जनता उसे लगातार पराजित करती है। उन्होंने कहा, 'हर विषय पर विपक्ष ने विवाद खड़ा किया है।' खंडेलवाल के अनुसार 95 प्रतिशत से अधिक यूपीआई उपयोगकर्ता किसी भी लेनदेन शुल्क के दायरे से बाहर हैं और गलत आँकड़े देकर विपक्ष लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।

बिहार भाजपा अध्यक्ष का स्पष्टीकरण

बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि किसी भी काम का विरोध करना कांग्रेस की नीयत बन चुकी है। उन्होंने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के आँकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि देश में 97 प्रतिशत लेनदेन अब डिजिटली हो रहा है। सरावगी ने स्पष्ट किया कि व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) यूपीआई भुगतान पर एक भी रुपया शुल्क नहीं लगेगा और जो छोटे दुकानदार महीने में ₹1 लाख तक की बिक्री यूपीआई के ज़रिए करते हैं, उन पर भी कोई चार्ज नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि ₹2,000 तक के यूपीआई भुगतान पर मर्चेंट को भी कोई शुल्क नहीं देना होगा।

भाजपा प्रवक्ता का दस्तावेज़ी दावा

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि 'दस्तावेज़ झूठ नहीं बोलते।' उनके अनुसार, एमडीआर प्रकरण की जाँच के लिए गठित संसदीय उप समिति की रिपोर्ट में कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम, गौरव गोगोई और मनीष तिवारी ने भी एमडीआर को समर्थन दिया था। शाहदेव ने तर्क दिया कि समिति में रहते हुए यूपीआई पर शुल्क की वकालत करना और बाहर आकर इनकार करना 'बेशर्मी' के सिवाय कुछ नहीं।

भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान का हमला

भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने भी कांग्रेस के 'दोहरे मापदंडों' पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पी. चिदंबरम और गौरव गोगोई जैसे वरिष्ठ नेताओं ने संसदीय वित्त स्थायी समिति की बैठक में एमडीआर पर कोई विरोध दर्ज नहीं कराया। पासवान ने कहा, 'कुल मिलाकर राहुल गांधी झूठ का एक प्रोपेगेंडा चला रहे हैं।'

जदयू का रुख और आगे की स्थिति

जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि समिति के अध्यक्ष भर्तृहरि महताब — एक वरिष्ठ सांसद — ने दस्तावेज़ों के आधार पर दावा किया है कि एमडीआर प्रकरण में कांग्रेस के पाँच सांसदों की भूमिका है, जिनमें चिदंबरम, गोगोई और तिवारी भी शामिल हैं। प्रसाद ने कहा कि यदि ये नेता अब अपने पहले के रुख से पलट रहे हैं, तो यह 'राजनीतिक अवसरवादिता के सिवाय कुछ नहीं है।' यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र तेज़ी से विस्तार पा रहा है और एमडीआर नीति का असर करोड़ों व्यापारियों पर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लागू होने की तिथि और दीर्घकालिक प्रभाव पर स्पष्ट रोडमैप नहीं दे पाई है। छोटे व्यापारियों और ग्राहकों को तत्काल चिंता न हो, यह स्पष्टीकरण ज़रूरी था — लेकिन असली बहस यह है कि भविष्य में MDR की सीमा बढ़ी या दायरा विस्तरित हुआ तो क्या होगा। मुख्यधारा की कवरेज इस दीर्घकालिक पहलू को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) विवाद क्या है?
यूपीआई भुगतान पर MDR शुल्क लगाने के एक संसदीय उप समिति के प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस सांसदों ने इनकार किया, जिस पर भाजपा ने आरोप लगाया कि इन्हीं नेताओं ने समिति में पहले इसे समर्थन दिया था। यह विवाद अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
क्या आम यूपीआई उपयोगकर्ताओं को अब शुल्क देना होगा?
नहीं। भाजपा नेताओं के अनुसार व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) यूपीआई लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं है। इसके अलावा ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान और महीने में ₹1 लाख तक की बिक्री करने वाले छोटे व्यापारियों पर भी कोई चार्ज नहीं लगेगा।
भाजपा ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड का आरोप क्यों लगाया?
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव और गुरु प्रकाश पासवान का दावा है कि कांग्रेस के पी. चिदंबरम, गौरव गोगोई और मनीष तिवारी ने संसदीय उप समिति में एमडीआर प्रस्ताव पर सहमति दी थी, जबकि अब सार्वजनिक रूप से इसका विरोध कर रहे हैं।
इस विवाद में जदयू का क्या रुख है?
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने समिति अध्यक्ष भर्तृहरि महताब के हवाले से कहा कि दस्तावेज़ों में कांग्रेस के पाँच सांसदों — जिनमें चिदंबरम, गोगोई और तिवारी शामिल हैं — की एमडीआर को सहमति दर्ज है। उन्होंने इस पलटी को राजनीतिक अवसरवादिता बताया।
यूपीआई से भारत को अब तक क्या फायदा हुआ है?
RBI के आँकड़ों के अनुसार देश में 97% लेनदेन अब डिजिटल माध्यम से हो रहे हैं। भाजपा नेताओं के अनुसार 95% से अधिक यूपीआई उपयोगकर्ता किसी भी शुल्क के दायरे से बाहर हैं, और इस डिजिटल क्रांति ने आम जनता और छोटे व्यापारियों को बड़ा लाभ पहुँचाया है।
राष्ट्र प्रेस
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