UPI पर MDR टैक्स: इमरान प्रतापगढ़ी का BJP पर हमला — 'सांस लेने पर भी टैक्स लगाएगी सरकार'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने 16 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में यूपीआई पेमेंट्स पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की संभावना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम देश के गरीबों की जेब पर सीधा बोझ डालेगा और डिजिटल लेन-देन को महंगा बनाएगा।
मुख्य आरोप और बयान
प्रतापगढ़ी ने कहा, 'यूपीआई से होने वाले छोटे-मोटे लेन-देन में भी, अगर आप ₹2,000 से ज़्यादा का ट्रांजेक्शन करते हैं — ऐसे लाखों-करोड़ों ट्रांजेक्शन होते हैं — सरकार डेटा के मामले में बहुत चालाकी कर रही है। यह देश के गरीबों को लूटने का एक और तरीका है।' उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा, 'आने वाले दिनों में BJP सरकार सांस लेने पर भी टैक्स लगाएगी।'
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार पर UPI इकोसिस्टम के राजस्व ढाँचे को पुनर्गठित करने पर विचार का आरोप लग रहा है। गौरतलब है कि अभी तक UPI लेन-देन पर उपभोक्ताओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाता था।
महंगाई और सरकारी बैंकों पर निशाना
कांग्रेस सांसद ने 2014 के चुनावी नारे 'बहुत हो गई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार' का हवाला देते हुए कहा कि सरकार अपने वादों पर खरी नहीं उतरी। उन्होंने सवाल उठाया, 'देश का कोई भी अर्थशास्त्री हमें बताए कि महंगाई के अलावा उन्होंने अब तक क्या सस्ता किया है?' प्रतापगढ़ी ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का भी ज़िक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने सरकारी बैंकों को कमज़ोर किया है।
पाँच राज्यों के चुनाव और UCC विवाद
प्रतापगढ़ी ने राजनीतिक संदर्भ में कहा कि आगामी पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावों से पहले सरकार के पास जनता को देने के लिए ठोस उपलब्धियाँ नहीं हैं। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता पेपर लीक, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सेवाएँ और बेहतर सड़कों की माँग कर रही है, लेकिन सरकार का जवाब हर बार 'हम UCC लाएंगे' तक सिमट जाता है।
संविधान और मौलिक अधिकारों का सवाल
कांग्रेस सांसद ने संवैधानिक पहलू को भी उठाया। उनके अनुसार अनुच्छेद 14, 25 और 29 — जो डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा नागरिकों को दिए गए मौलिक अधिकारों में शामिल हैं — को कथित तौर पर कमज़ोर करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि 'लोकतंत्र से उनका कोई लेना-देना नहीं है।'
आगे क्या
UPI पर MDR लागू करने को लेकर अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक नीति घोषणा नहीं हुई है। हालाँकि, विपक्ष का यह हमला डिजिटल भुगतान नीति को आगामी चुनावों में एक अहम मुद्दा बनाने की दिशा में देखा जा रहा है।