16 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

UPI शुल्क विवाद: भाजपा का पलटवार — '96% P2M लेन-देन पर कोई चार्ज नहीं, कांग्रेस जनता को भ्रमित कर रही'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
UPI शुल्क विवाद: भाजपा का पलटवार — '96% P2M लेन-देन पर कोई चार्ज नहीं, कांग्रेस जनता को भ्रमित कर रही'

सारांश

UPI पर MDR शुल्क का विवाद राजनीतिक रंग ले चुका है। भाजपा का कहना है कि 96% P2M लेन-देन अप्रभावित रहेंगे और बोझ सीधे उपभोक्ता पर नहीं पड़ेगा, जबकि राहुल गांधी ने शुल्क वापसी की माँग की है। छोटे व्यापारी और करोड़ों UPI उपयोगकर्ता इस बहस के केंद्र में हैं।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से UPI शुल्क वापस लेने की माँग की।
भाजपा नेता जफर इस्लाम के अनुसार 96% P2M लेन-देन शुल्क से प्रभावित नहीं होंगे।
₹2,000 से अधिक के निर्धारित व्यापारी लेन-देन पर 0.4% MDR लागू होगा; P2P लेन-देन पूरी तरह मुक्त।
राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा — छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
राठौड़ ने UCC मुद्दे पर भी कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने 16 सितंबर 2026 को जयपुर में कांग्रेस पर कड़ा पलटवार किया और आरोप लगाया कि यूपीआई (UPI) शुल्क के मुद्दे पर विपक्ष जानबूझकर आम जनता को गुमराह कर रहा है। यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से UPI पर लगाए गए शुल्क को वापस लेने की माँग की थी।

भाजपा का स्पष्टीकरण: किस पर लगेगा शुल्क, किस पर नहीं

भाजपा नेता जफर इस्लाम ने विस्तार से बताया कि UPI लेन-देन के दो पहलू हैं — उपभोक्ता (consumer) और व्यापारी (merchant)। उन्होंने कहा कि व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) लेन-देन पर कोई शुल्क नहीं है। इसके अलावा, ₹2,000 तक के व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) भुगतान और जीरो-एमडीआर व्यवस्था के दायरे में आने वाले छोटे व्यापारियों के लेन-देन पर भी कोई चार्ज नहीं लगेगा।

इस्लाम के अनुसार, 96 प्रतिशत P2M लेन-देन इस शुल्क से प्रभावित नहीं होंगे। केवल ₹2,000 से अधिक के निर्धारित व्यापारी लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर (MDR) लागू होगा। बीमा, रेलवे टिकट और कुछ अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क भी व्यापारी स्तर पर लागू होगा, न कि सीधे उपभोक्ता पर।

राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का आरोप

राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस पहले भी छोटे कर्मचारियों, रेहड़ी-पटरी वालों, ठेले वालों और छोटे टैक्सी ऑपरेटरों में यह कहकर भय फैलाने की कोशिश कर चुकी है कि उन पर सर्विस चार्ज लगाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि छोटे लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क का कोई असर नहीं पड़ेगा और बड़े लेन-देन में भी केवल 0.4 प्रतिशत शुल्क का प्रावधान है।

राठौड़ ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के मुद्दे पर भी कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में इस संबंध में विधेयक पेश किया जा चुका है और 'एक देश, एक कानून' के सिद्धांत के तहत सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलने चाहिए।

कांग्रेस का पक्ष

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि सरकार के नए फैसले से उपभोक्ताओं और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से UPI शुल्क तत्काल वापस लेने की माँग की है। कांग्रेस का तर्क है कि यह निर्णय आम आदमी और छोटे व्यापारियों के हितों के खिलाफ है।

व्यापक परिप्रेक्ष्य: UPI और डिजिटल भुगतान की राजनीति

गौरतलब है कि UPI भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है और करोड़ों छोटे व्यापारी व आम नागरिक इस पर निर्भर हैं। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की नीति पर चल रही है। MDR के पुनर्प्रवर्तन का सवाल कोई नया नहीं — 2020 में सरकार ने UPI पर MDR समाप्त किया था, और अब इसके आंशिक पुनरुद्धार को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है।

यह मामला आगे संसद में भी उठने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति पर अडिग दिखते हैं। आम व्यापारी और उपभोक्ता अभी सरकार की ओर से अधिक स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राजनीतिक रूप से यह अत्यंत संवेदनशील है — क्योंकि 2020 में इसे हटाने का श्रेय स्वयं सरकार ने लिया था। भाजपा के '96% अप्रभावित' तर्क में दम है, पर सवाल यह है कि शेष 4% व्यापारियों पर असर किसका होगा और क्या वह अंततः उपभोक्ता तक पहुँचेगा। कांग्रेस इस मुद्दे को छोटे व्यापारी-वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए इस्तेमाल कर रही है, जबकि भाजपा 'तकनीकी सत्य' की आड़ में राजनीतिक क्षति को सीमित करने में लगी है। असली जवाबदेही यह है कि सरकार MDR के बोझ का व्यापारी-से-उपभोक्ता संचरण रोकने के लिए क्या तंत्र बना रही है — जो अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UPI पर नया शुल्क क्या है और यह किस पर लागू होगा?
₹2,000 से अधिक के निर्धारित व्यापारी (P2M) लेन-देन पर 0.4% MDR लागू होगा। व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) लेन-देन और ₹2,000 तक के P2M भुगतान पर कोई शुल्क नहीं है। भाजपा के अनुसार 96% P2M लेन-देन इससे अप्रभावित रहेंगे।
राहुल गांधी ने UPI शुल्क को लेकर क्या माँग की है?
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से UPI पर लगाए गए शुल्क को तत्काल वापस लेने की माँग की है। उनका कहना है कि यह निर्णय उपभोक्ताओं और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगा।
छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों पर क्या असर होगा?
राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के अनुसार छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी और ठेले वालों पर कोई शुल्क नहीं लगेगा, क्योंकि वे जीरो-एमडीआर व्यवस्था के दायरे में आते हैं। छोटे लेन-देन पूरी तरह से शुल्क-मुक्त रहेंगे।
बीमा और रेलवे टिकट जैसी सेवाओं पर UPI शुल्क का क्या प्रावधान है?
भाजपा नेता जफर इस्लाम के अनुसार बीमा, रेलवे टिकट और कुछ अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क व्यापारी स्तर पर लागू होगा। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का सीधा बोझ उपभोक्ता पर नहीं डाला जाएगा।
UPI पर MDR पहले कब समाप्त किया गया था?
2020 में सरकार ने UPI लेन-देन पर MDR पूरी तरह समाप्त कर दिया था, जिसे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम माना गया था। अब इसके आंशिक पुनरुद्धार को लेकर राजनीतिक और आर्थिक बहस फिर तेज हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 18 मिनट पहले
  2. 1 घंटा पहले
  3. 1 घंटा पहले
  4. 2 घंटे पहले
  5. 2 घंटे पहले
  6. 3 घंटे पहले
  7. 6 घंटे पहले
  8. 21 घंटे पहले