यूपीआई टैक्स वापस लो: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष वड़िंग का केंद्र पर हमला, राहुल गांधी ने मोदी को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने 16 सितंबर को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए यूपीआई ट्रांजैक्शन पर कथित तौर पर लगाए गए शुल्क को तत्काल वापस लेने की माँग की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ₹2,000 से अधिक के डिजिटल भुगतान पर शुल्क लगाने की जरूरत ही क्यों पड़ी, जबकि पहले यूपीआई पर कोई शुल्क नहीं था। यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब विपक्ष लगातार केंद्र पर आम उपभोक्ताओं और छोटे कारोबारियों के हितों की अनदेखी का आरोप लगा रहा है।
वड़िंग का केंद्र पर सीधा हमला
राजा वड़िंग ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि सरकार यह प्रचार कर रही है कि ₹2,000 तक के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा, लेकिन असली सवाल यह है कि इससे अधिक के डिजिटल भुगतान पर शुल्क क्यों लगाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'अमेरिका के दबाव में देशवासियों और छोटे कारोबारियों पर नए आर्थिक बोझ का रास्ता मत खोलिए। यूपीआई टैक्स वापस लीजिए।'
वड़िंग ने एक्स पर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें वे यूपीआई शुल्क को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर गंभीर आरोप लगाते दिख रहे हैं।
राहुल गांधी का आरोप — ट्रंप के दबाव में फैसला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने यह निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में लिया है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से यूपीआई शुल्क को तत्काल वापस लेने की माँग की है। गौरतलब है कि यूपीआई भारत की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान प्रणाली है और करोड़ों छोटे व्यापारी इस पर निर्भर हैं।
कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लगाए जाने पर चिंता जताते हुए कहा कि यह एक ऐसा शुल्क है जो धीरे-धीरे बढ़ता जाएगा। उन्होंने कहा, 'जिस लेन-देन पर पहले कोई टैक्स नहीं लगता था, उस पर अब ₹2,000 से अधिक होने पर शुल्क लगेगा। एक बार जब नौकरशाही को इसमें घुसने का मौका मिल जाता है, तो बस कुछ ही समय की बात होती है, जब वे पूरी तरह इसमें शामिल हो जाते हैं और सभी लेन-देन पर टैक्स लगाना शुरू कर देते हैं।'
चिदंबरम ने आगे कहा कि इस शुल्क का बोझ अंततः ग्राहकों पर पड़ेगा, जिससे महंगाई और कीमतें बढ़ेंगी। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसे 'अमेरिका के सामने पूरी तरह घुटने टेकने' जैसा करार दिया और कहा कि सरकार भारत के लोगों को सजा दे रही है।
झारखंड मंत्री की प्रतिक्रिया
झारखंड सरकार में मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस मामले पर फिलहाल टिप्पणी से परहेज किया। उन्होंने कहा, 'मैं किसी भी मामले पर तब तक कुछ नहीं बोलता, जब तक मैं उसका अच्छी तरह अध्ययन न कर लूँ और उसके नतीजों को न समझ लूँ। पहले मुझे तैयारी करने दें, उसके बाद ही मैं बोलूंगा।'
आगे क्या होगा
यूपीआई शुल्क का यह विवाद संसद के अगले सत्र तक गर्म रहने की संभावना है। विपक्ष इस मुद्दे को आम उपभोक्ता और छोटे व्यापारी विरोधी नीति के रूप में उठाता रहेगा। केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।