16 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपीआई टैक्स वापस लो: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष वड़िंग का केंद्र पर हमला, राहुल गांधी ने मोदी को घेरा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपीआई टैक्स वापस लो: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष वड़िंग का केंद्र पर हमला, राहुल गांधी ने मोदी को घेरा

सारांश

यूपीआई पर कथित शुल्क को लेकर कांग्रेस एकजुट हो गई है — पंजाब अध्यक्ष वड़िंग से लेकर राहुल गांधी तक सभी ने मोदी सरकार पर हमला बोला। ₹2,000 से ऊपर के लेन-देन पर 0.4% MDR का यह विवाद डिजिटल इंडिया की नींव पर सवाल खड़े कर रहा है।

मुख्य बातें

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने 16 सितंबर को एक्स पर पोस्ट कर यूपीआई शुल्क वापस लेने की माँग की।
विवाद ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 0.4% एमडीआर लगाए जाने को लेकर है।
राहुल गांधी ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में लिया गया।
कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने चेतावनी दी कि यह शुल्क धीरे-धीरे बढ़ेगा और महंगाई बढ़ाएगा।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसे 'अमेरिका के सामने घुटने टेकना' बताया।
केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने 16 सितंबर को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए यूपीआई ट्रांजैक्शन पर कथित तौर पर लगाए गए शुल्क को तत्काल वापस लेने की माँग की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ₹2,000 से अधिक के डिजिटल भुगतान पर शुल्क लगाने की जरूरत ही क्यों पड़ी, जबकि पहले यूपीआई पर कोई शुल्क नहीं था। यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब विपक्ष लगातार केंद्र पर आम उपभोक्ताओं और छोटे कारोबारियों के हितों की अनदेखी का आरोप लगा रहा है।

वड़िंग का केंद्र पर सीधा हमला

राजा वड़िंग ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि सरकार यह प्रचार कर रही है कि ₹2,000 तक के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा, लेकिन असली सवाल यह है कि इससे अधिक के डिजिटल भुगतान पर शुल्क क्यों लगाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'अमेरिका के दबाव में देशवासियों और छोटे कारोबारियों पर नए आर्थिक बोझ का रास्ता मत खोलिए। यूपीआई टैक्स वापस लीजिए।'

वड़िंग ने एक्स पर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें वे यूपीआई शुल्क को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर गंभीर आरोप लगाते दिख रहे हैं।

राहुल गांधी का आरोप — ट्रंप के दबाव में फैसला

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने यह निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में लिया है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से यूपीआई शुल्क को तत्काल वापस लेने की माँग की है। गौरतलब है कि यूपीआई भारत की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान प्रणाली है और करोड़ों छोटे व्यापारी इस पर निर्भर हैं।

कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लगाए जाने पर चिंता जताते हुए कहा कि यह एक ऐसा शुल्क है जो धीरे-धीरे बढ़ता जाएगा। उन्होंने कहा, 'जिस लेन-देन पर पहले कोई टैक्स नहीं लगता था, उस पर अब ₹2,000 से अधिक होने पर शुल्क लगेगा। एक बार जब नौकरशाही को इसमें घुसने का मौका मिल जाता है, तो बस कुछ ही समय की बात होती है, जब वे पूरी तरह इसमें शामिल हो जाते हैं और सभी लेन-देन पर टैक्स लगाना शुरू कर देते हैं।'

चिदंबरम ने आगे कहा कि इस शुल्क का बोझ अंततः ग्राहकों पर पड़ेगा, जिससे महंगाई और कीमतें बढ़ेंगी। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसे 'अमेरिका के सामने पूरी तरह घुटने टेकने' जैसा करार दिया और कहा कि सरकार भारत के लोगों को सजा दे रही है।

झारखंड मंत्री की प्रतिक्रिया

झारखंड सरकार में मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस मामले पर फिलहाल टिप्पणी से परहेज किया। उन्होंने कहा, 'मैं किसी भी मामले पर तब तक कुछ नहीं बोलता, जब तक मैं उसका अच्छी तरह अध्ययन न कर लूँ और उसके नतीजों को न समझ लूँ। पहले मुझे तैयारी करने दें, उसके बाद ही मैं बोलूंगा।'

आगे क्या होगा

यूपीआई शुल्क का यह विवाद संसद के अगले सत्र तक गर्म रहने की संभावना है। विपक्ष इस मुद्दे को आम उपभोक्ता और छोटे व्यापारी विरोधी नीति के रूप में उठाता रहेगा। केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 की सीमा तकनीकी रूप से छोटी लग सकती है, लेकिन छोटे व्यापारियों के लिए दैनिक लेन-देन का बड़ा हिस्सा इसी दायरे में आता है। आलोचकों का यह तर्क कि एक बार नौकरशाही को प्रवेश मिला तो शुल्क बढ़ता जाएगा, इतिहास में आधार रखता है — भारत में अप्रत्यक्ष कर ढाँचे में यही पैटर्न बार-बार देखा गया है। सरकार को स्पष्ट करना होगा कि यह शुल्क किसके दबाव में और किसके हित में लगाया गया — अन्यथा 'डिजिटल इंडिया' का नारा खोखला पड़ने का जोखिम है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपीआई टैक्स विवाद क्या है?
कथित तौर पर ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 0.4% एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लगाए जाने को लेकर विवाद है। विपक्षी दलों का कहना है कि पहले यूपीआई पर कोई शुल्क नहीं था और यह नया बोझ आम उपभोक्ताओं व छोटे व्यापारियों को नुकसान पहुँचाएगा।
राजा वड़िंग ने यूपीआई शुल्क पर क्या कहा?
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी से यूपीआई टैक्स वापस लेने की माँग की। उन्होंने कहा कि अमेरिका के दबाव में देशवासियों और छोटे कारोबारियों पर नया आर्थिक बोझ नहीं डाला जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने यूपीआई शुल्क पर मोदी पर क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने यह निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में लिया है। उन्होंने भी इस शुल्क को तत्काल वापस लेने की माँग की।
कार्ति चिदंबरम ने यूपीआई एमडीआर पर क्या चेतावनी दी?
कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने कहा कि एक बार यह शुल्क लागू हो जाने के बाद धीरे-धीरे बढ़ता जाएगा और अंततः सभी यूपीआई लेन-देन पर लागू हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका बोझ ग्राहकों पर पड़ेगा, जिससे महंगाई बढ़ेगी।
केंद्र सरकार ने यूपीआई शुल्क विवाद पर क्या कहा है?
अभी तक केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकार ने यह जरूर स्पष्ट किया है कि ₹2,000 तक के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 19 मिनट पहले
  2. 58 मिनट पहले
  3. 2 घंटे पहले
  4. 3 घंटे पहले
  5. 4 घंटे पहले
  6. 4 घंटे पहले
  7. 19 घंटे पहले
  8. 20 घंटे पहले