मुंबई-नासिक हाईवे पर अर्टिगा कार दुर्घटना: अटगांव के पास 4 की मौत, 7 घायल — मृतकों में बच्चे भी
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मुंबई-नासिक हाईवे पर 16 सितंबर को एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए, जब शहापुर तालुका के अटगांव के निकट एक अर्टिगा कार सड़क किनारे खड़े एक जले हुए ट्रक से जा टकराई। मृतकों में छोटे बच्चे भी शामिल हैं। कार में सवार सभी ११ लोग मुंबई के जोगेश्वरी इलाके के निवासी थे, जो त्र्यंबकेश्वर में दर्शन कर वापस लौट रहे थे।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, त्र्यंबकेश्वर मंदिर में दर्शन के बाद परिवार के सदस्य अर्टिगा कार में मुंबई की ओर लौट रहे थे। अटगांव के पास पहुँचने पर कार चालक ने बताया कि अचानक स्टीयरिंग लॉक हो गया और ब्रेक फेल हो जाने के कारण वह वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका।
इसके बाद कार सड़क किनारे खड़े एक जले हुए ट्रक से जोरदार टकरा गई। यह ट्रक कथित तौर पर करीब दो वर्ष पूर्व जल चुका था और तब से उसी स्थान पर खड़ा था — जो अपने आप में एक गंभीर सड़क सुरक्षा चूक को उजागर करता है।
मृतक और घायलों की पहचान
हादसे में श्रीराम जैस्वाल, आयुष जैस्वाल, लाडो जैस्वाल और सुरज जैस्वाल की मौत हो गई। घायलों में सुभी जैस्वाल, शिवम जैस्वाल, हाशिक जैस्वाल, सुनीता जैस्वाल, राधिका जैस्वाल, सतीश जैस्वाल और संतराम जैस्वाल शामिल हैं।
सभी घायलों को शहापुर उपजिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। चिकित्सा कर्मियों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
सड़क सुरक्षा का गंभीर सवाल
यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र के राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार चिंताजनक बनी हुई है। गौरतलब है कि जिस जले हुए ट्रक से कार टकराई, वह दो साल से अधिक समय से सड़क किनारे खड़ा था — और इस दौरान न प्रशासन ने उसे हटाया, न ही वहाँ कोई चेतावनी संकेत लगाया गया। आलोचकों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवरोध को हटाया जाता, तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी।
मुंबई-नासिक हाईवे पर तेज़ रफ़्तार और रात्रिकालीन यात्रा के दौरान होने वाले हादसे नई बात नहीं हैं। यह सड़क महाराष्ट्र की उन व्यस्त धमनियों में से एक है जहाँ प्रतिवर्ष दर्जनों जानलेवा दुर्घटनाएँ दर्ज होती हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाएँ घटनास्थल पर पहुँचीं और घायलों को अस्पताल पहुँचाया। हादसे के कारणों की जाँच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, ब्रेक फेल और स्टीयरिंग लॉक की चालक की जानकारी की तकनीकी जाँच की जाएगी।
आगे की स्थिति
घायलों का उपचार शहापुर उपजिला अस्पताल में जारी है। प्रशासन से माँग उठ रही है कि मुंबई-नासिक हाईवे पर जर्जर और परित्यक्त वाहनों को तत्काल हटाया जाए और खतरनाक स्थलों पर उचित चेतावनी संकेत लगाए जाएँ, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके।