2 अगस्त 2026
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भाजपा ने 'ऑपरेशन टाइगर' से पल्ला झाड़ा, बावनकुले बोले — उद्धव गुट करे आत्मचिंतन

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भाजपा ने 'ऑपरेशन टाइगर' से पल्ला झाड़ा, बावनकुले बोले — उद्धव गुट करे आत्मचिंतन

सारांश

भाजपा मंत्री बावनकुले ने 'ऑपरेशन टाइगर' से पल्ला झाड़ा और उद्धव गुट से आत्मचिंतन की माँग की। शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों की दिल्ली यात्रा और ₹15 करोड़ की पेशकश के आरोपों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

मुख्य बातें

भाजपा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने 17 जून को नागपुर में 'ऑपरेशन टाइगर' से पार्टी का कोई संबंध नहीं होने की बात कही।
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के ₹15 करोड़ की अग्रिम पेशकश के आरोपों को बावनकुले ने खारिज किया।
बावनकुले ने कहा कि यह विवाद एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के बीच का आंतरिक मामला है।
भाजपा नेता नवनाथ बन ने उद्धव गुट पर बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों और हिंदुत्व से भटकने का आरोप लगाया।
भाजपा ने कहा कि उसका ध्यान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में शासन और विकास पर है।

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने 17 जून को नागपुर में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) का 'ऑपरेशन टाइगर' नाम से चर्चित कथित राजनीतिक दल-बदल अभियान से कोई संबंध नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया जब शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसदों के दिल्ली दौरे की खबरों ने पार्टी-परिवर्तन की अटकलों को हवा दे दी थी।

बावनकुले का स्पष्ट इनकार

बावनकुले ने कहा, 'मुझे 'ऑपरेशन टाइगर' के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझे नहीं पता कि यह क्या है, इसे कौन लाया और क्यों लाया गया।' उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला पूरी तरह एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के बीच का आंतरिक विवाद है, जिसमें BJP की कोई भूमिका नहीं है।

राउत के आरोपों पर पलटवार

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया था कि शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को ₹15 करोड़ की अग्रिम राशि की पेशकश की जा रही है। इस पर बावनकुले ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधि केवल आर्थिक लाभ के लिए पाला नहीं बदलते। उन्होंने सुझाव दिया कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट को यह आत्म-मंथन करना चाहिए कि उनके विधायक और सांसद पार्टी क्यों छोड़ रहे हैं।

भाजपा नेता नवनाथ बन का हमला

भाजपा नेता नवनाथ बन ने संजय राउत पर निशाना साधते हुए कहा कि न तो BJP और न ही शिवसेना का इस कथित 'ऑपरेशन टाइगर' से कोई संबंध है। उनके अनुसार यह उथल-पुथल उद्धव ठाकरे गुट के भीतर की आंतरिक कलह का परिणाम है। बन ने राउत पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया और कहा कि इससे जनता के बीच उनकी साख घटी है।

विचारधारा से भटकाव का आरोप

बन ने आगे कहा कि राजनीतिक संगठन केवल भावनात्मक कसमों के सहारे नहीं चल सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे और संजय राउत दिवंगत बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों से भटक गए हैं, हिंदुत्व की विचारधारा को छोड़ दिया और कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लिया। बन ने कहा, 'जनता पहले ही दिखा चुकी है कि असली टाइगर कौन है और कौन डरकर भाग रहा है।'

आगे क्या होगा

भाजपा ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में उसका ध्यान शासन और विकास पर केंद्रित है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों की दिल्ली यात्रा और 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर उठे सवालों का जवाब अभी आना बाकी है। महाराष्ट्र की राजनीति में यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में और गर्म होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यदि नहीं होता तो कोई जवाबदेही नहीं। गौरतलब है कि 2022 में शिंदे गुट के विद्रोह के समय भी इसी तरह की 'दूरी' बनाई गई थी, जो बाद में सत्ता-परिवर्तन में बदल गई। उद्धव गुट के भीतर असंतोष के कारण वास्तव में क्या हैं — विचारधारा, संसाधन, या नेतृत्व — यह सवाल मीडिया की सुर्खियों से परे जाँच का विषय है। महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन' की शब्दावली अब एक स्थापित पैटर्न बन चुकी है, और जनता इसकी असलियत को परिणाम आने पर ही समझ पाती है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ऑपरेशन टाइगर' क्या है और यह विवाद क्यों उठा?
'ऑपरेशन टाइगर' एक कथित राजनीतिक दल-बदल अभियान का नाम है, जिसके तहत शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को पार्टी छोड़ने के लिए प्रेरित करने की अटकलें हैं। यह विवाद तब तेज हुआ जब शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसद दिल्ली गए और संजय राउत ने ₹15 करोड़ की पेशकश का आरोप लगाया।
भाजपा ने 'ऑपरेशन टाइगर' से खुद को अलग क्यों किया?
भाजपा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि पार्टी को इस कथित अभियान की कोई जानकारी नहीं है और यह मामला एकनाथ शिंदे व उद्धव ठाकरे गुट के बीच का आंतरिक विवाद है। भाजपा ने कहा कि उसका ध्यान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में शासन पर है।
संजय राउत ने क्या आरोप लगाए हैं?
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि उनके सांसदों को पार्टी छोड़ने के लिए ₹15 करोड़ की अग्रिम राशि की पेशकश की जा रही है। भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि केवल आर्थिक लाभ के लिए पाला नहीं बदलते।
नवनाथ बन ने उद्धव ठाकरे गुट पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा नेता नवनाथ बन ने कहा कि उद्धव ठाकरे और संजय राउत दिवंगत बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों से भटक गए हैं, हिंदुत्व की विचारधारा छोड़ दी और कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लिया। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि पार्टी के नेता और सांसद उद्धव गुट छोड़ रहे हैं।
इस विवाद का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों की दिल्ली यात्रा और 'ऑपरेशन टाइगर' की अटकलों ने विपक्षी खेमे में अस्थिरता के संकेत दिए हैं। यदि दल-बदल होता है तो महाराष्ट्र विधानसभा में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की स्थिति और मजबूत हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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