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प्रियंका चतुर्वेदी का 'ऑपरेशन टाइगर' पर पलटवार: 'यह गद्दारी है, सांसदों को ₹15 करोड़ का ऑफर गंभीर आरोप'

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प्रियंका चतुर्वेदी का 'ऑपरेशन टाइगर' पर पलटवार: 'यह गद्दारी है, सांसदों को ₹15 करोड़ का ऑफर गंभीर आरोप'

सारांश

शिवसेना (यूबीटी) की पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने कथित 'ऑपरेशन टाइगर' को सीधे 'ऑपरेशन गद्दारी' करार दिया और संजय राउत के ₹15 करोड़ प्रति सांसद ऑफर के दावे को सिरे से खारिज करने से इनकार किया — महाराष्ट्र की राजनीति में दलबदल की बहस एक बार फिर केंद्र में।

मुख्य बातें

प्रियंका चतुर्वेदी ने कथित 'ऑपरेशन टाइगर' को 'ऑपरेशन गद्दारी' बताया और कहा कि पार्टी के टिकट पर जीते नेता को सीट नहीं छोड़नी चाहिए।
संजय राउत के अनुसार शिवसेना (यूबीटी) सांसदों को तोड़ने के लिए ₹15 करोड़ प्रति सांसद का ऑफर दिया गया — चतुर्वेदी ने इसे पूरी तरह नकारने से परहेज किया।
शिवसेना (यूबीटी) ने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष संविधान का हवाला देकर अपना पक्ष रखा; मामला न्यायिक प्रक्रिया में लंबित।
चतुर्वेदी ने तीन भारतीय नाविकों की मौत पर अमेरिका से कड़ा जवाब माँगा और PM मोदी से जी-7 में भारत के हित उठाने की अपेक्षा जताई।
महाराष्ट्र में खरीद-फरोख्त और दलबदल के आरोपों को चतुर्वेदी ने लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा बताया।

शिवसेना (यूबीटी) की पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने 17 जून 2026 को मुंबई में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' और सांसदों की खरीद-फरोख्त के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इसे 'ऑपरेशन टाइगर' नहीं, बल्कि 'ऑपरेशन गद्दारी' कहा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो नेता किसी दल के नाम और चुनाव चिह्न पर जीतकर संसद या विधानसभा पहुँचते हैं, उनके लिए पार्टी छोड़ने के बाद उस सीट पर काबिज रहना लोकतांत्रिक दृष्टि से अनुचित है।

मुख्य घटनाक्रम

चतुर्वेदी ने कहा कि यदि किसी नेता को अपनी पार्टी से असंतोष है, तो उसे जनता के बीच जाकर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ना चाहिए और नया जनादेश हासिल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) ने इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष संविधान का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा है। यह मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में लंबित है और पार्टी कानूनी लड़ाई जारी रखे हुए है।

संजय राउत के दावे पर प्रतिक्रिया

शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत के उस दावे पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी के सांसदों को तोड़ने के लिए ₹15 करोड़ प्रति सांसद का ऑफर दिया गया — चतुर्वेदी ने कहा कि यदि कोई वरिष्ठ नेता किसी संभावित राजनीतिक घटनाक्रम की जानकारी होने का दावा करता है, तो उसके पीछे कुछ न कुछ आधार अवश्य हो सकता है। उन्होंने जोड़ा कि हाल के दिनों में विभिन्न दलों के सांसदों से संपर्क साधे जाने और संभावित दलबदल की खबरें लगातार सामने आती रही हैं, इसलिए ऐसी चर्चाओं पर उन्हें कोई हैरानी नहीं होगी।

महाराष्ट्र की राजनीति पर आरोप

चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की राजनीति में पहले भी खरीद-फरोख्त और राजनीतिक सौदेबाजी के आरोप लगते रहे हैं। उनके अनुसार ऐसे घटनाक्रम लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। गौरतलब है कि 2022 में शिवसेना में हुई टूट के बाद से ही दलबदल और विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों का सिलसिला थमा नहीं है।

मोदी-ट्रंप मुलाकात और भारत के हित

जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांस के एवियन शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित मुलाकात के सवाल पर चतुर्वेदी ने कहा कि उन्हें औपचारिक बैठक की पुष्टि की जानकारी नहीं है, हालाँकि कुछ तस्वीरें सामने आई थीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी नेतृत्व के सामने भारत की चिंताओं को मजबूती से उठाएंगे।

भारतीय नाविकों की मौत और इंडो-पैसिफिक चिंताएँ

चतुर्वेदी ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की जान जाना और भारत के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने ईरान से जुड़े समुद्री व्यापार मार्गों में आ रही बाधाओं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े हालिया फैसलों के संदर्भ में भारत के हितों की रक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। यह मामला ऐसे समय में उठा है जब भारत-अमेरिका संबंधों में व्यापार और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर तनाव की खबरें आ रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाती है कि शिवसेना (यूबीटी) इस आरोप को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करना चाहती है। असली सवाल यह है कि दलबदल-विरोधी कानून के बावजूद ऐसे आरोप बार-बार क्यों उठते हैं और लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित मामले वर्षों तक अनिर्णीत क्यों रहते हैं — यह संसदीय लोकतंत्र की संस्थागत कमज़ोरी का प्रमाण है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ऑपरेशन टाइगर' क्या है और प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे 'ऑपरेशन गद्दारी' क्यों कहा?
कथित 'ऑपरेशन टाइगर' शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को पार्टी से तोड़ने की कथित कोशिश को दिया गया नाम है। प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे 'ऑपरेशन गद्दारी' कहा क्योंकि उनके अनुसार पार्टी के टिकट पर जीतकर सीट हासिल करने वाले नेता का दलबदल करना जनादेश के साथ विश्वासघात है।
संजय राउत ने ₹15 करोड़ के ऑफर का दावा क्यों किया?
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि पार्टी के सांसदों को तोड़ने के लिए ₹15 करोड़ प्रति सांसद का ऑफर दिया गया। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यदि कोई वरिष्ठ नेता ऐसा दावा करता है तो उसके पीछे कोई आधार हो सकता है, हालाँकि उन्होंने इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की।
शिवसेना (यूबीटी) ने दलबदल मामले में कानूनी रूप से क्या कदम उठाए हैं?
शिवसेना (यूबीटी) ने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष संविधान का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा है। यह मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में लंबित है और पार्टी कानूनी लड़ाई जारी रखे हुए है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने भारतीय नाविकों की मौत पर क्या कहा?
चतुर्वेदी ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की जान जाना और भारत के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से उम्मीद जताई कि वे जी-7 में अमेरिकी नेतृत्व के सामने भारत की इन चिंताओं को मजबूती से उठाएंगे।
महाराष्ट्र में दलबदल की राजनीति का पुराना इतिहास क्या है?
महाराष्ट्र में 2022 में शिवसेना की टूट के बाद से खरीद-फरोख्त और दलबदल के आरोपों का सिलसिला जारी है। चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसे घटनाक्रम लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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