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सपा विधायक मेहरोत्रा का भाजपा पर हमला: पश्चिम बंगाल में 4,000 ईवीएम जलीं, नीट पेपर लीक पर जवाब माँगा

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सपा विधायक मेहरोत्रा का भाजपा पर हमला: पश्चिम बंगाल में 4,000 ईवीएम जलीं, नीट पेपर लीक पर जवाब माँगा

सारांश

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने एक साथ दो बड़े मुद्दे उठाए — पश्चिम बंगाल में 4,000 ईवीएम का जलना, जो कथित तौर पर री-काउंटिंग की माँग के बीच हुआ, और नीट पेपर लीक जिसने लाखों छात्रों का भविष्य दाँव पर लगाया। 21 जून की पुनर्परीक्षा से पहले यह बयान राजनीतिक तापमान बढ़ाता है।

मुख्य बातें

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 12 जून को लखनऊ में BJP पर दोहरा हमला बोला।
पश्चिम बंगाल के सरकारी कार्यालय में आग से 4,000 ईवीएम नष्ट; मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन था।
मेहरोत्रा का आरोप — BJP नेताओं ने नीट पेपर लीक में भारी रकम लेकर भूमिका निभाई; अभी तक कोई कार्रवाई नहीं।
21 जून को नीट पुनर्परीक्षा निर्धारित; परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
BJP की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 12 जून को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दो अहम मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को घेरा — पश्चिम बंगाल के एक सरकारी कार्यालय में 4,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के जलकर नष्ट होने की घटना और नीट परीक्षा पेपर लीक का मामला। मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि ये दोनों घटनाएँ लोकतंत्र और युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला हैं।

पश्चिम बंगाल ईवीएम अग्निकांड: क्या है मामला

सपा विधायक मेहरोत्रा के अनुसार, पश्चिम बंगाल के एक सरकारी दफ्तर में लगी आग में 4,000 ईवीएम जलकर राख हो गईं। उन्होंने कहा कि इन मशीनों से री-काउंटिंग की माँग लंबे समय से उठती रही थी और मामला उच्च न्यायालय तक पहुँच चुका था। मेहरोत्रा ने दावा किया कि संभवतः अदालत पुनर्मतगणना का आदेश देने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही ये मशीनें नष्ट कर दी गईं।

गौरतलब है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी ईवीएम का इस तरह नष्ट होना गंभीर सवाल खड़े करता है, विशेषकर तब जब न्यायिक कार्यवाही चल रही हो। हालाँकि, मेहरोत्रा के ये बयान उनके राजनीतिक आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

नीट पेपर लीक: सपा के आरोप और छात्रों की पीड़ा

नीट परीक्षा विवाद पर बोलते हुए मेहरोत्रा ने कहा कि पिछले वर्ष हुए नीट पेपर लीक ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों को गहरी मानसिक और आर्थिक तकलीफ दी। उन्होंने आरोप लगाया — 'नीट परीक्षा का पेपर लीक हो गया था और BJP के लोगों ने भारी रकम लेकर पेपर लीक किया था। इसके बाद परीक्षाएँ रद्द कर दी गईं, लेकिन किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।'

मेहरोत्रा ने यह भी कहा कि परीक्षा रद्द होने और दोबारा आयोजन जैसी स्थितियाँ अभ्यर्थियों पर दोहरा बोझ डालती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब 21 जून को नीट की पुनर्परीक्षा निर्धारित है और परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय देने की घोषणा भी की गई है।

सपा की माँग: निष्पक्ष परीक्षा और जवाबदेही

मेहरोत्रा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 21 जून को होने वाली नीट पुनर्परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित होनी चाहिए। उन्होंने माँग की कि इस बार पेपर लीक की पुनरावृत्ति न हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

सपा विधायक ने आरोप लगाया कि BJP नेता परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी करते हैं और इससे देश के नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता है। BJP की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा

21 जून को होने वाली नीट पुनर्परीक्षा पर पूरे देश की नज़रें टिकी हैं। पश्चिम बंगाल ईवीएम मामले में न्यायालय की आगामी कार्यवाही यह तय करेगी कि जाँच का दायरा कितना विस्तृत होगा। विपक्षी दलों का दबाव बढ़ने के साथ, सरकार पर पारदर्शी जाँच सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी और बड़ी हो गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे दुर्घटना हो या नहीं, चुनावी पारदर्शिता पर गहरा सवाल उठाता है जिसका जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए। नीट पेपर लीक मामले में यह तथ्य कि परीक्षा रद्द हुई लेकिन ठोस दंडात्मक कार्रवाई सार्वजनिक नहीं हुई, विपक्ष को राजनीतिक हमले का आसान मौका देता है। असली परीक्षा 21 जून की पुनर्परीक्षा है — अगर वह भी विवादों में घिरी, तो संस्थागत विश्वसनीयता का संकट और गहरा होगा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में ईवीएम जलने का मामला क्या है?
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा के अनुसार, पश्चिम बंगाल के एक सरकारी कार्यालय में लगी आग में 4,000 ईवीएम नष्ट हो गईं। यह घटना उस समय हुई जब इन मशीनों से री-काउंटिंग की माँग को लेकर उच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन था।
नीट पेपर लीक पर सपा ने क्या आरोप लगाए हैं?
सपा विधायक मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि BJP नेताओं ने भारी रकम लेकर नीट का पेपर लीक किया, जिसके बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी। उनका कहना है कि इस मामले में अभी तक किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
नीट पुनर्परीक्षा कब होगी और इसमें क्या बदलाव है?
नीट की पुनर्परीक्षा 21 जून को निर्धारित है। इस बार परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
इन मुद्दों से छात्रों पर क्या असर पड़ा?
मेहरोत्रा के अनुसार, नीट पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। दोबारा परीक्षा देने की स्थिति अभ्यर्थियों पर अतिरिक्त बोझ डालती है।
BJP ने सपा के आरोपों पर क्या कहा?
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा के इन आरोपों पर BJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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