29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बंगाल में 4000 ईवीएम जलने पर इमरान मसूद का हमला: 'लोकतंत्र खतरे में, देश को जागना होगा'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बंगाल में 4000 ईवीएम जलने पर इमरान मसूद का हमला: 'लोकतंत्र खतरे में, देश को जागना होगा'

सारांश

बंगाल में कथित तौर पर 4,000 ईवीएम जलने की घटना पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया और राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी एकता की पुरज़ोर वकालत की।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 13 जून को सहारनपुर में पश्चिम बंगाल में 4,000 ईवीएम जलाए जाने की कथित घटना पर गंभीर चिंता जताई।
मसूद ने कहा कि 'ईवीएम तानाशाही और अराजकता का प्रतीक बन गया है' और सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी एकता को ज़रूरी बताया और अखिलेश यादव से मतभेद से बचने की अपील की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं और केंद्र सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा।
मसूद ने चेतावनी दी कि यदि लोकतंत्र कमज़ोर हुआ तो 'गरीब आदमी की आवाज़ भी खत्म हो जाएगी।'

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 13 जून को सहारनपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर 4,000 ईवीएम जलाए जाने की घटना पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गहरा संकट मंडरा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इन हालात से निपटने के लिए विपक्षी एकता अनिवार्य है।

ईवीएम जलने पर मसूद की तीखी प्रतिक्रिया

इमरान मसूद ने कहा, 'ईवीएम तानाशाही और अराजकता का प्रतीक बन गया है। चुनावी अनियमितताओं की बात सामने आई तो ईवीएम पर भी सवाल खड़े हुए — और अब ईवीएम को जला दिया गया।' उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र के लिए 'गंभीर संकेत' बताया और कहा कि जहाँ भी इस तरह की घटनाएँ हो रही हैं, वहाँ सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उपयोग होने वाली ये ईवीएम कथित तौर पर जलकर नष्ट हो गईं, जिससे विपक्षी दलों ने चुनावी पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।

लोकतंत्र पर मसूद की चेतावनी

मसूद ने कहा, 'अब देश को जाग जाना चाहिए। बंगाल और मध्य प्रदेश में जो कुछ हुआ है, उससे यह संकेत मिलता है कि लोकतंत्र का कोई मायना नहीं है। अगर देश में लोकतंत्र नहीं रहेगा तो गरीब आदमी की आवाज़ भी खत्म हो जाएगी।' उन्होंने आगे कहा कि देश लोकतंत्र के खात्मे की ओर जा रहा है और जनता को इस पर गंभीरता से विचार करना होगा। यह ऐसे समय में आया है जब ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर विपक्षी दल पहले से ही सवाल उठाते रहे हैं।

विपक्षी एकता और राहुल गांधी का नेतृत्व

विपक्षी एकता के सवाल पर सहारनपुर के कांग्रेस सांसद ने कहा, 'मौजूदा परिस्थितियों में विपक्षी दलों को एकजुट होना चाहिए। इन हालात से निपटने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में ही मजबूत लड़ाई लड़ी जा सकती है।' समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के बयानों पर उन्होंने कहा कि यह तय करना अखिलेश यादव का काम है, लेकिन अलग-अलग राहों से कोई फायदा नहीं होगा।

केंद्र सरकार और विदेश नीति पर निशाना

मसूद ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह कई अहम मामलों में कड़े फैसले लेने में असमर्थ दिखती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री कहीं भी जाएँ, लेकिन देश की स्थिति पर ध्यान देना ज़रूरी है।' आलोचकों का कहना है कि विपक्ष इस तरह के बयानों से सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है।

आगे क्या होगा

ईवीएम जलाने की इस कथित घटना की जाँच की माँग विपक्षी दलों की ओर से उठ रही है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह मुद्दा आने वाले समय में संसद और चुनाव आयोग के स्तर पर भी गूँज सकता है। कांग्रेस इसे जन-जागरण का माध्यम बनाने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह चुनाव आयोग की जवाबदेही का प्रश्न है — न कि केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का। मसूद का राहुल गांधी को 'एकमात्र विकल्प' बताना विपक्षी गठबंधन की आंतरिक दरारों को भी उजागर करता है, जहाँ सपा जैसे दल अपनी स्वतंत्र राह पर हैं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंगाल में 4,000 ईवीएम जलने की घटना क्या है?
कथित तौर पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उपयोग होने वाली लगभग 4,000 ईवीएम आग लगने से नष्ट हो गईं। इस घटना ने विपक्षी दलों को चुनावी पारदर्शिता पर सवाल उठाने का अवसर दिया है।
इमरान मसूद ने ईवीएम जलने पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि 'ईवीएम तानाशाही और अराजकता का प्रतीक बन गया है' और इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने सरकार से जिम्मेदारी लेने की माँग की।
इमरान मसूद ने विपक्षी एकता पर क्या रुख अपनाया?
मसूद ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में राहुल गांधी के नेतृत्व में ही विपक्ष मजबूत लड़ाई लड़ सकता है। उन्होंने अखिलेश यादव सहित अन्य विपक्षी नेताओं से एकजुट होने की अपील की।
क्या ईवीएम की विश्वसनीयता पर पहले भी सवाल उठे हैं?
हाँ, भारत में विभिन्न चुनावों के बाद विपक्षी दल ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं। चुनाव आयोग ने हर बार ईवीएम को सुरक्षित और छेड़छाड़-रहित बताया है, लेकिन यह विवाद राजनीतिक स्तर पर जारी रहा है।
इमरान मसूद कौन हैं और वे किस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं?
इमरान मसूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद हैं जो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर क्षेत्र का संसद में प्रतिनिधित्व करते हैं। वे पार्टी के मुखर प्रवक्ताओं में गिने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले