इंडिया गठबंधन की 8 जून बैठक से पहले हलचल, तमिलनाडु में TVK नया सहयोगी बन सकता है: संजय राउत
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (उद्धव गुट) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने 5 जून को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक 8 जून को नई दिल्ली में होने वाली है, और इसे लेकर गठबंधन के भीतर तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। उन्होंने तमिलनाडु की बदलती राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की और संकेत दिया कि विपक्षी गठबंधन को वहाँ एक नया सहयोगी मिल सकता है।
बैठक की तैयारी और उद्धव ठाकरे से संपर्क
राउत के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने उद्धव ठाकरे से फोन पर बातचीत की है। उन्होंने बताया कि यह बातचीत सकारात्मक रही और आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श जारी है। राउत ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में इस समय कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियाँ चल रही हैं, जिन पर ध्यान देना ज़रूरी है।
तमिलनाडु में राजनीतिक समीकरणों में बदलाव
तमिलनाडु की राजनीति पर बोलते हुए राउत ने दावा किया कि हाल के चुनावी नतीजों के बाद वहाँ राजनीतिक समीकरण बदले हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस ने TVK (तमिझागा वेट्री कषगम) के साथ किसी प्रकार की राजनीतिक साझेदारी की स्थिति में प्रवेश किया, जिसके बाद TVK ने इंडिया ब्लॉक से अपना नाता तोड़ लिया। राउत ने कहा कि इस घटनाक्रम से विपक्षी गठबंधन की एकता पर असर पड़ा है।
DMK पर राउत की टिप्पणी
राउत ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) को लेकर कहा कि तमिलनाडु में जो परिस्थितियाँ बनी हैं, उनमें DMK को पहले ही संयम और संतुलन बनाए रखने की ज़रूरत थी। उन्होंने माना कि उस समय कांग्रेस के लिए वहाँ कोई बड़ा राजनीतिक विकल्प नहीं था। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मौजूदा स्थिति को लेकर उनके पास पूरी जानकारी नहीं है।
TVK बन सकता है नया सहयोगी
राउत ने संभावना जताई कि तमिलनाडु में अब इंडिया गठबंधन को TVK के रूप में एक नया राजनीतिक सहयोगी मिल सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब गठबंधन कई राज्यों में अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है।
DMK में टूट की अटकलों पर स्पष्टीकरण
राउत ने साफ़ किया कि DMK में किसी स्पष्ट टूट की पुष्टि उनके पास नहीं है और कई मामलों में स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। गौरतलब है कि तमिलनाडु की राजनीति में इस तरह के बदलाव राष्ट्रीय विपक्षी एकता की दिशा पर सीधा असर डाल सकते हैं। 8 जून की बैठक में इन मुद्दों पर स्पष्टता आने की उम्मीद है।