डीएमके नेता आर.एस. भारती का ऐलान: कांग्रेस से अलगाव अंतिम, गठबंधन की कोई संभावना नहीं
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य आर.एस. भारती ने रविवार, 7 जून को पुडुकोट्टई में मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) के साथ किसी भी भविष्य के राजनीतिक मेल-मिलाप की संभावना पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। उनके अनुसार, दोनों दलों के रास्ते अब स्थायी रूप से अलग हो गए हैं और DMK के जमीनी कार्यकर्ता इस रिश्ते को फिर से जोड़ने की किसी भी कोशिश का कड़ा विरोध करेंगे।
अलगाव की घोषणा
भारती ने कहा कि 'अलग होना तय हो चुका है' और नेतृत्व स्तर पर कोई भी निर्णय लिया जाए, DMK के जमीनी कार्यकर्ता कांग्रेस के साथ पुनः गठबंधन को स्वीकार नहीं करेंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस नेताओं ने हाल ही में DMK के प्रदर्शन और गठबंधन राजनीति को लेकर सार्वजनिक आलोचना की थी।
गौरतलब है कि DMK और कांग्रेस तमिलनाडु में लंबे समय से चुनावी साझेदार रहे हैं, और इस घोषणा को राज्य की गठबंधन राजनीति में एक महत्त्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस नेता पर पलटवार
भारती ने कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को दूसरे दलों पर टिप्पणी करने से पहले अपनी खुद की चुनावी स्थिति का आकलन करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि आत्म-मंथन उनके लिए अधिक उपयोगी होगा।
स्थानीय निकाय चुनाव और संगठनात्मक ताकत
आगामी स्थानीय निकाय चुनावों पर बोलते हुए भारती ने DMK की संगठनात्मक मजबूती पर विश्वास जताया। उन्होंने भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) सहित सभी राजनीतिक विरोधियों को जनवरी की शुरुआत में ही चुनाव कराने की चुनौती दी और कहा कि यदि विरोधियों को अपनी जनाधार पर भरोसा है, तो वे मेयर का एक भी पद जीत कर दिखाएं। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में मतदाता उम्मीदवार की व्यक्तिगत योग्यता और जनसेवा के आधार पर वोट देते हैं।
दलबदल की संस्कृति पर चिंता
भारती ने तमिलनाडु में बढ़ते दलबदल के चलन की आलोचना करते हुए इसे 'आया राम गया राम' की संस्कृति करार दिया — जहाँ नेता व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए बार-बार दल बदलते हैं। उनके अनुसार, पद और सत्ता की चाहत में पाला बदलने वाले नेताओं को शायद ही कभी दीर्घकालिक राजनीतिक सफलता मिलती है। उन्होंने यह भी अनुमान लगाया कि हाल के दलबदलुओं में से कई राजनीतिक परिस्थितियाँ बदलने पर अपने मूल दलों में लौट आएंगे।
तमिलगा वेत्री कझगम पर टिप्पणी
अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की हालिया चुनावी सफलता को भारती ने अस्थायी बताया। उन्होंने कहा कि अधिकांश मतदाताओं ने TVK को समर्थन नहीं दिया था और पार्टी की बढ़त का श्रेय मुख्यतः व्यक्तित्व-आधारित राजनीति और सोशल मीडिया के प्रभाव को दिया। भारती के अनुसार, TVK की लोकप्रियता को अंततः शासन और जनता की अपेक्षाओं की कसौटी पर कसा जाएगा।
यह बयान तमिलनाडु की राजनीति में DMK की स्वतंत्र और आत्मनिर्भर छवि को रेखांकित करता है — आने वाले चुनावों में गठबंधन समीकरण किस दिशा में जाते हैं, यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा।