11 जुलाई 2026
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डीएमके-एआईएडीएमके गठबंधन से इनकार नहीं: टीटीवी दिनाकरन का तमिलनाडु की राजनीति पर बड़ा बयान

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डीएमके-एआईएडीएमके गठबंधन से इनकार नहीं: टीटीवी दिनाकरन का तमिलनाडु की राजनीति पर बड़ा बयान

सारांश

टीटीवी दिनाकरन ने वह कह दिया जो तमिलनाडु की मुख्यधारा राजनीति में अब तक अनकहा था — DMK और AIADMK का गठबंधन असंभव नहीं। VCK के TVK-DMK एकता के आह्वान पर पलटवार करते हुए उन्होंने चयनात्मक राजनीतिक तर्क पर सवाल उठाया और राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी।

मुख्य बातें

AMMK महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने 11 जुलाई को मदुरै में कहा कि DMK-AIADMK गठबंधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह बयान VCK अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन की उस टिप्पणी के जवाब में आया जिसमें उन्होंने DMK और TVK को एक गठबंधन में रहने की वकालत की थी।
दिनाकरन ने तर्क दिया कि देश भर में दल पूर्व प्रतिद्वंद्वियों के साथ गठबंधन करते हैं, इसलिए DMK-AIADMK समझौते पर आपत्ति का कोई आधार नहीं।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि TVK , DMK गठबंधन के समर्थन से सरकार बना सकती है, तो DMK-AIADMK के एक साथ आने पर आपत्ति क्यों।
तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले यह बयान राज्य के गठबंधन समीकरणों में नई अनिश्चितता जोड़ता है।

अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कजगम (AMMK) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने 11 जुलाई को मदुरै में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) के बीच भविष्य में किसी गठबंधन की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। उनके अनुसार, राजनीतिक समीकरण विचारधारा से अधिक परिस्थितियों के अनुसार तय होते हैं, और इतिहास इसका गवाह है।

बयान की पृष्ठभूमि

दिनाकरन का यह बयान विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) के अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन की हालिया टिप्पणी के प्रत्युत्तर में आया है। थिरुमावलवन ने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) का प्रभावी मुकाबला करने के लिए DMK और तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) को एक ही गठबंधन के अंतर्गत रहना चाहिए। दिनाकरन ने इस तर्क को 'चयनात्मक राजनीतिक सोच' करार देते हुए सवाल उठाया।

दिनाकरन का मुख्य तर्क

दिनाकरन ने कहा कि देश भर में राजनीतिक दलों ने बड़े राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए बार-बार अपने पूर्व प्रतिद्वंद्वियों के साथ हाथ मिलाया है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि चुनाव में एक-दूसरे के विरुद्ध लड़ने वाले दलों के समर्थन से सरकार बनाना स्वीकार्य है, तो किसी भी गठबंधन पर आपत्ति का कोई नैतिक आधार नहीं बनता।

TVK पर सीधा सवाल

दिनाकरन ने पूछा कि यदि TVK, DMK गठबंधन में शामिल दलों के समर्थन से सरकार बना सकती है, तो DMK और AIADMK का एक साथ आना राजनीतिक रूप से अस्वीकार्य क्यों माना जाए। उन्होंने राजनीतिक गठबंधनों को शामिल दलों के आधार पर अलग-अलग मापदंडों से परखने की प्रवृत्ति पर कड़ी आपत्ति जताई।

तमिलनाडु का बदलता राजनीतिक परिदृश्य

गौरतलब है कि तमिलनाडु में DMK और AIADMK दशकों से एक-दूसरे के कट्टर प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य की राजनीति में TVK जैसे नए दलों के उभार ने परंपरागत द्विध्रुवीय समीकरणों को चुनौती दी है। दिनाकरन ने राज्य के इस बदलते राजनीतिक परिदृश्य की ओर इशारा करते हुए कहा कि आने वाले समय में हर संभावना खुली है।

आगे क्या

दिनाकरन के इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नई बहस शुरू होने की संभावना है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि DMK और AIADMK के शीर्ष नेतृत्व इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं, और क्या 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के गठबंधन समीकरण नए रूप लेते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गहराई में यह तमिलनाडु की राजनीति के तेज़ी से बदलते ध्रुवीकरण का संकेत है। TVK के उभार ने DMK की परंपरागत विपक्षी-मुक्त स्थिति को चुनौती दी है, और AIADMK नेतृत्व का संकट अभी थमा नहीं है — ऐसे में दिनाकरन का यह 'संभावना से इनकार नहीं' वाला बयान दोनों दलों के लिए एक अप्रत्यक्ष दबाव की रणनीति भी हो सकती है। मुख्यधारा की कवरेज इसे केवल एक बयानबाज़ी के रूप में देख रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या AMMK खुद किसी बड़े गठबंधन में प्रासंगिकता तलाश रही है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीटीवी दिनाकरन ने DMK-AIADMK गठबंधन पर क्या कहा?
दिनाकरन ने 11 जुलाई को मदुरै में कहा कि DMK और AIADMK के बीच भविष्य में गठबंधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, राजनीतिक दल परिस्थितियों के अनुसार गठबंधन बदलते हैं और इस पर दोहरा मापदंड नहीं अपनाया जाना चाहिए।
दिनाकरन का यह बयान किस संदर्भ में आया?
यह बयान VCK अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन की उस टिप्पणी के जवाब में आया जिसमें उन्होंने BJP से मुकाबले के लिए DMK और TVK को एक ही गठबंधन में रखने की वकालत की थी। दिनाकरन ने इस तर्क को 'चयनात्मक राजनीतिक सोच' बताया।
क्या DMK और AIADMK वास्तव में गठबंधन कर सकते हैं?
दिनाकरन ने इसे एक संभावना के रूप में प्रस्तुत किया है, न कि किसी आसन्न घटना के रूप में। DMK और AIADMK दशकों से प्रतिद्वंद्वी रहे हैं, लेकिन दिनाकरन का तर्क है कि राजनीतिक उद्देश्यों के लिए पूर्व प्रतिद्वंद्वी भी हाथ मिला सकते हैं।
AMMK और टीटीवी दिनाकरन तमिलनाडु की राजनीति में कहाँ खड़े हैं?
अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कजगम (AMMK) एक क्षेत्रीय दल है जिसके महासचिव टीटीवी दिनाकरन हैं। यह दल AIADMK से अलग होकर बना था और तमिलनाडु में तीसरे विकल्प के रूप में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहा है।
तमिलनाडु में 2026 चुनाव से पहले गठबंधन समीकरण कैसे बदल सकते हैं?
TVK के उभार और AIADMK के आंतरिक नेतृत्व संकट के बीच 2026 विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के गठबंधन समीकरण अनिश्चित हैं। दिनाकरन का बयान इस अनिश्चितता को और गहरा करता है और नई राजनीतिक संभावनाओं का संकेत देता है।
राष्ट्र प्रेस
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