'इंडिया' गठबंधन बैठक से DMK की दूरी पर CPI नेता डी. राजा ने दिया स्पष्टीकरण
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के महासचिव डी. राजा ने 8 जून को नई दिल्ली में 'इंडिया' गठबंधन की बैठक से पहले द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की अनुपस्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि DMK ने खुलेआम यह स्पष्ट कर दिया है कि उसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के कामकाज को लेकर आपत्तियाँ हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब गठबंधन के कई प्रमुख दल बैठक से दूरी बना रहे हैं या कांग्रेस के रवैये पर नाराज़गी जता रहे हैं।
DMK की अनुपस्थिति पर डी. राजा का रुख
डी. राजा ने कहा, 'लंबे समय बाद इंडिया गठबंधन की बैठक हो रही है। DMK ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उन्हें कांग्रेस पार्टी और उसके कामकाज को लेकर कुछ दिक्कतें हैं, इसलिए वे इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।' उन्होंने जोड़ा कि DMK ने न केवल तमिलनाडु में बल्कि पूरे देश में यह बात साफ तौर पर कही है, इसलिए उनका रुख स्पष्ट है।
राजा ने यह भी बताया कि उन्हें बैठक का निमंत्रण मिला है। एजेंडे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता कि एजेंडा क्या है। मल्लिकार्जुन खड़गे 'इंडिया' गठबंधन के चेयरपर्सन हैं और उनके कार्यालय ने हमें बताया था कि बैठक है।'
सीपीएम की स्थिति: नाराज़गी के बावजूद उपस्थिति
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM) के महासचिव एम.ए. बेबी ने कांग्रेस से असहमति के बावजूद बैठक में शामिल होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा, 'इंडिया ब्लॉक के गठन और तालमेल में CPM का बहुत बड़ा योगदान रहा है।'
बेबी ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनावों के दौरान और उसके बाद विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने 'पूरी तरह मनगढ़ंत आधार पर' CPM और वामपंथी दलों — जिनमें वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) भी शामिल है — पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गुप्त सांठगांठ के आरोप लगाए।
खड़गे को पत्र, लेकिन गठबंधन से अलगाव नहीं
बेबी ने स्पष्ट किया, 'हमारी पार्टी पर ऐसे बेतुके और आधारहीन आरोप स्वीकार्य नहीं हैं। इसलिए CPM महासचिव के तौर पर मैंने मल्लिकार्जुन खड़गे को एक पत्र लिखा और उसकी प्रतियाँ 'इंडिया' ब्लॉक के अन्य सदस्यों को भी भेजीं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसका अर्थ यह नहीं है कि CPM गठबंधन से बाहर हो रही है।
गठबंधन में दरारें: व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब 'इंडिया' गठबंधन के कई अहम सहयोगी — जिनमें आम आदमी पार्टी (AAP), DMK और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) शामिल हैं — या तो बैठक का बहिष्कार कर रहे हैं या कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं। यह 'इंडिया' ब्लॉक की उन बैठकों में से एक है जो लंबे अंतराल के बाद बुलाई गई है, जिससे गठबंधन की आंतरिक एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं।
आगे देखना होगा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इन असंतुष्ट दलों की चिंताओं को किस प्रकार संबोधित करते हैं और क्या गठबंधन अपनी आंतरिक खींचतान के बीच एकजुट मोर्चा पेश कर पाता है।