24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

'इंडिया' गठबंधन बैठक से DMK की दूरी पर CPI नेता डी. राजा ने दिया स्पष्टीकरण

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
'इंडिया' गठबंधन बैठक से DMK की दूरी पर CPI नेता डी. राजा ने दिया स्पष्टीकरण

सारांश

'इंडिया' गठबंधन की बैठक से पहले ही दरारें उजागर हो गईं — DMK ने कांग्रेस के कामकाज पर आपत्ति जताते हुए दूरी बनाई, जबकि CPM ने आधारहीन आरोपों पर खड़गे को पत्र लिखने के बाद भी बैठक में शामिल होने का फैसला किया। AAP और JMM की अनुपस्थिति ने गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य बातें

राजा ने कहा कि DMK ने कांग्रेस के कामकाज पर आपत्ति जताते हुए 'इंडिया' गठबंधन बैठक में न आने का फैसला सार्वजनिक रूप से किया है।
राजा को बैठक का निमंत्रण मिला, लेकिन उन्हें एजेंडे की जानकारी नहीं थी; उन्होंने बताया कि मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय ने बैठक की सूचना दी।
बेबी ने कांग्रेस पर BJP से गुप्त सांठगांठ के 'मनगढ़ंत और आधारहीन' आरोप लगाने की आलोचना की और खड़गे को पत्र लिखा।
CPM ने स्पष्ट किया कि पत्र लिखना गठबंधन से अलगाव नहीं है और वह बैठक में शामिल होगी।
AAP , DMK और JMM सहित कई प्रमुख सहयोगी दलों की अनुपस्थिति ने 'इंडिया' ब्लॉक की आंतरिक एकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के महासचिव डी. राजा ने 8 जून को नई दिल्ली में 'इंडिया' गठबंधन की बैठक से पहले द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की अनुपस्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि DMK ने खुलेआम यह स्पष्ट कर दिया है कि उसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के कामकाज को लेकर आपत्तियाँ हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब गठबंधन के कई प्रमुख दल बैठक से दूरी बना रहे हैं या कांग्रेस के रवैये पर नाराज़गी जता रहे हैं।

DMK की अनुपस्थिति पर डी. राजा का रुख

डी. राजा ने कहा, 'लंबे समय बाद इंडिया गठबंधन की बैठक हो रही है। DMK ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उन्हें कांग्रेस पार्टी और उसके कामकाज को लेकर कुछ दिक्कतें हैं, इसलिए वे इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।' उन्होंने जोड़ा कि DMK ने न केवल तमिलनाडु में बल्कि पूरे देश में यह बात साफ तौर पर कही है, इसलिए उनका रुख स्पष्ट है।

राजा ने यह भी बताया कि उन्हें बैठक का निमंत्रण मिला है। एजेंडे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता कि एजेंडा क्या है। मल्लिकार्जुन खड़गे 'इंडिया' गठबंधन के चेयरपर्सन हैं और उनके कार्यालय ने हमें बताया था कि बैठक है।'

सीपीएम की स्थिति: नाराज़गी के बावजूद उपस्थिति

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM) के महासचिव एम.ए. बेबी ने कांग्रेस से असहमति के बावजूद बैठक में शामिल होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा, 'इंडिया ब्लॉक के गठन और तालमेल में CPM का बहुत बड़ा योगदान रहा है।'

बेबी ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनावों के दौरान और उसके बाद विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने 'पूरी तरह मनगढ़ंत आधार पर' CPM और वामपंथी दलों — जिनमें वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) भी शामिल है — पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गुप्त सांठगांठ के आरोप लगाए।

खड़गे को पत्र, लेकिन गठबंधन से अलगाव नहीं

बेबी ने स्पष्ट किया, 'हमारी पार्टी पर ऐसे बेतुके और आधारहीन आरोप स्वीकार्य नहीं हैं। इसलिए CPM महासचिव के तौर पर मैंने मल्लिकार्जुन खड़गे को एक पत्र लिखा और उसकी प्रतियाँ 'इंडिया' ब्लॉक के अन्य सदस्यों को भी भेजीं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसका अर्थ यह नहीं है कि CPM गठबंधन से बाहर हो रही है।

गठबंधन में दरारें: व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब 'इंडिया' गठबंधन के कई अहम सहयोगी — जिनमें आम आदमी पार्टी (AAP), DMK और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) शामिल हैं — या तो बैठक का बहिष्कार कर रहे हैं या कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं। यह 'इंडिया' ब्लॉक की उन बैठकों में से एक है जो लंबे अंतराल के बाद बुलाई गई है, जिससे गठबंधन की आंतरिक एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं।

आगे देखना होगा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इन असंतुष्ट दलों की चिंताओं को किस प्रकार संबोधित करते हैं और क्या गठबंधन अपनी आंतरिक खींचतान के बीच एकजुट मोर्चा पेश कर पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अब आंतरिक शिकायतों की लंबी सूची के साथ बुलाई गई है। DMK की अनुपस्थिति और CPM की औपचारिक शिकायत यह दर्शाती है कि कांग्रेस का गठबंधन-प्रबंधन गंभीर रूप से कमज़ोर पड़ा है। असली सवाल यह नहीं है कि कौन बैठक में आया — बल्कि यह है कि क्या कांग्रेस उन ठोस शिकायतों का जवाब देने को तैयार है जो सहयोगी दल महीनों से उठा रहे हैं। बिना इस जवाबदेही के, 'इंडिया' ब्लॉक कागज़ पर जीवित रहेगा, ज़मीन पर नहीं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

DMK ने 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में शामिल होने से क्यों इनकार किया?
DMK ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उसे कांग्रेस पार्टी के कामकाज को लेकर आपत्तियाँ हैं, इसलिए वह इस बैठक में शामिल नहीं होगी। CPI नेता डी. राजा के अनुसार, DMK ने यह बात तमिलनाडु समेत पूरे देश में खुलकर कही है।
CPM ने खड़गे को पत्र क्यों लिखा और क्या वह गठबंधन छोड़ रही है?
CPM महासचिव एम.ए. बेबी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने CPM और LDF पर BJP से गुप्त सांठगांठ के 'मनगढ़ंत और आधारहीन' आरोप लगाए, जो स्वीकार्य नहीं हैं। हालाँकि, बेबी ने स्पष्ट किया कि यह पत्र गठबंधन से अलगाव का संकेत नहीं है और CPM बैठक में भाग लेगी।
'इंडिया' गठबंधन की इस बैठक में कौन-कौन से दल अनुपस्थित रहे?
रिपोर्टों के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP), द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) सहित कई प्रमुख सहयोगी दलों ने बैठक से दूरी बनाई या कांग्रेस के रवैये पर नाराज़गी जताई।
'इंडिया' गठबंधन के चेयरपर्सन कौन हैं और बैठक कहाँ हुई?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 'इंडिया' गठबंधन के चेयरपर्सन हैं। यह बैठक 8 जून को नई दिल्ली में आयोजित की गई। CPI नेता डी. राजा के अनुसार, खड़गे के कार्यालय ने ही सदस्यों को बैठक की सूचना दी थी।
क्या 'इंडिया' गठबंधन टूटने की कगार पर है?
फिलहाल किसी दल ने औपचारिक रूप से गठबंधन छोड़ने की घोषणा नहीं की है। CPM ने स्पष्ट किया है कि वह गठबंधन में बनी रहेगी, जबकि DMK की अनुपस्थिति और AAP व JMM की नाराज़गी आंतरिक तनाव को दर्शाती है। गठबंधन की एकजुटता कांग्रेस के सहयोगियों की शिकायतों को संबोधित करने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले